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Fraud Alert

हैदराबाद में 19 महीने में बुजुर्गों से ₹102 करोड़ की साइबर ठगी, ट्रेडिंग और ‘डिजिटल अरेस्ट’ सबसे बड़े जाल

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 9, 2026No Comments4 Mins Read
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जनवरी 2025 से जुलाई 2026 तक 403 मामले दर्ज; 113 ट्रेडिंग फ्रॉड में ₹55.88 करोड़ और 69 डिजिटल अरेस्ट मामलों में ₹31.93 करोड़ का नुकसान, पुलिस ने ‘गोल्डन ऑवर’ में शिकायत की अपील की
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हैदराबाद: साइबर अपराधियों ने हैदराबाद में वरिष्ठ नागरिकों को बड़े पैमाने पर निशाना बनाया है। जनवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच शहर में बुजुर्गों से जुड़ी साइबर ठगी के 403 मामले दर्ज किए गए, जिनमें कुल ₹102.02 करोड़ की रकम गंवाने की बात सामने आई है। हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, ट्रेडिंग फ्रॉड और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ घोटाले बुजुर्गों के लिए सबसे अधिक नुकसानदायक साबित हुए हैं।

आंकड़ों के अनुसार, 113 ट्रेडिंग फ्रॉड मामलों में पीड़ितों को ₹55.88 करोड़ का नुकसान हुआ। वहीं 69 डिजिटल अरेस्ट मामलों में ठगी की रकम ₹31.93 करोड़ रही। संख्या के लिहाज से OTP फ्रॉड सबसे अधिक सामने आए। ऐसे 115 मामलों में बुजुर्गों से कुल ₹4.94 करोड़ की ठगी की गई। निवेश से जुड़े 22 मामलों में ₹2.79 करोड़ गंवाने पड़े।

डेटिंग फ्रॉड और हनीट्रैप भी बने खतरा

साइबर ठगों ने बुजुर्गों को भावनात्मक रूप से भी निशाना बनाया। डेटिंग फ्रॉड और हनीट्रैप के सात मामलों में पीड़ितों को ₹70.11 लाख से अधिक का नुकसान हुआ। पुलिस के अनुसार, इन मामलों में ठगों ने सोशल मीडिया और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क किया और भावनात्मक संबंध या भरोसा कायम करने के बाद रकम हासिल की।

पुलिस का मानना है कि बुजुर्गों का सामाजिक और भावनात्मक अकेलापन ऐसे अपराधों में अपराधियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है। फर्जी पहचान और ऑनलाइन बातचीत के जरिए ठग लंबे समय तक पीड़ितों के संपर्क में रह सकते हैं।

2026 में मामलों की औसत संख्या घटी

पुलिस के आंकड़ों में हालांकि 2026 में साइबर ठगी के मामलों में कुछ कमी दिखाई दी है। वर्ष 2025 में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े 285 मामले दर्ज हुए थे और उनमें कुल ₹71.81 करोड़ की ठगी हुई। वहीं 31 जुलाई 2026 तक 118 मामले दर्ज किए गए और नुकसान ₹30.20 करोड़ रहा।

मासिक औसत की तुलना करें तो 2025 में हर महीने करीब 24 मामले सामने आए थे, जबकि 2026 में यह औसत घटकर लगभग 17 मामलों तक पहुंच गया। इसके बावजूद बड़ी रकम वाली ठगी के मामलों ने पुलिस और परिवारों की चिंता बढ़ाई है।

WhatsApp से Telegram तक पहुंचाया, फिर ₹96 लाख की ठगी

हाल में जुबली हिल्स निवासी 75 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी को कथित तौर पर पार्ट-टाइम नौकरी का लालच देकर ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस के अनुसार, उन्हें WhatsApp पर नौकरी का प्रस्ताव भेजा गया। बाद में उन्हें एक Telegram समूह में जोड़ा गया, जहां विदेशी मुद्रा कारोबार में निवेश के नाम पर कथित तौर पर मुनाफा दिखाया गया।

फर्जी मुनाफा दिखाकर भरोसा कायम करने के बाद आरोपियों ने रकम निकालने और प्रोसेसिंग शुल्क के नाम पर उनसे कथित तौर पर ₹96 लाख वसूल लिए। पुलिस अब ऐसे मामलों में इस्तेमाल किए गए डिजिटल खातों और संपर्क माध्यमों की जांच करती है।

परिवार की सतर्कता और बैंक कर्मचारियों की भूमिका अहम

जांचकर्ताओं के मुताबिक, कई मामलों में परिवार के सदस्यों को बुजुर्ग रिश्तेदारों की डिजिटल गतिविधियों या बैंकिंग लेनदेन में हुए बदलाव की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती। इसका परिणाम यह होता है कि ठगी का पता तब चलता है, जब बड़ी रकम खातों से निकल चुकी होती है।

हालांकि, बैंक कर्मचारियों की सतर्कता से कई बड़े साइबर फ्रॉड को समय रहते रोका भी गया है। संदिग्ध लेनदेन, फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले बंद कराने या अचानक बड़े RTGS और NEFT ट्रांसफर की कोशिश पर बैंक कर्मचारियों द्वारा सवाल पूछे जाने से कई मामलों में नुकसान टला।

पुलिस की अपील- ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं

पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि फोन या वीडियो कॉल पर खुद को पुलिस, अदालत या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्ति से घबराएं नहीं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई प्रक्रिया नहीं है। कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी फोन या वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ करने या गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे नहीं मांगती।

पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। अधिकारियों के अनुसार, ठगी के तुरंत बाद शिकायत करना बेहद महत्वपूर्ण है। शुरुआती समय यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में सूचना मिलने पर बैंकिंग चैनलों के जरिए संदिग्ध रकम को फ्रीज कराने और धन की रिकवरी की संभावना बढ़ सकती है।

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