लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पान मसाला निर्माण इकाइयों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं। लखनऊ और कानपुर नगर में 55 पान मसाला निर्माण इकाइयों की जांच के दौरान औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर, लिक्विड पैराफिन और प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी जैसी सामग्री के इस्तेमाल के आरोप सामने आए। कार्रवाई के दौरान विभाग ने ₹15.70 करोड़ से अधिक मूल्य के 339.69 क्विंटल संदिग्ध खाद्य पदार्थ और अपमिश्रक जब्त किए हैं।
अभियान के दौरान कुल 92 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। विभाग की ओर से बताया गया कि जिन नमूनों में मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होगी, उनके आधार पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि खराब और शीघ्र खराब होने वाली सामग्री को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
55 इकाइयों की जांच, 36 मिलीं बंद
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की अपर आयुक्त रेखा एस चौहान के नेतृत्व में कानपुर नगर और लखनऊ में यह विशेष अभियान चलाया गया। कार्रवाई के लिए 52 खाद्य सचल दलों को लगाया गया था। टीमों ने कुल 55 पान मसाला निर्माण इकाइयों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान इनमें से केवल 19 इकाइयां संचालित मिलीं, जबकि 36 इकाइयां अलग-अलग कारणों से बंद पाई गईं। विभाग के अनुसार, कुछ बंद परिसरों में अन्य कारोबार संचालित होते मिले। ऐसे मामलों में संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं और लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने निर्माण इकाइयों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, तैयार पान मसाला, पैकेजिंग सामग्री और अन्य अपमिश्रकों की भी जांच की।
औद्योगिक चूना और लिक्विड पैराफिन के इस्तेमाल का आरोप
विभागीय जांच में कुछ इकाइयों में पान मसाला तैयार करने के दौरान ऐसे पदार्थों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई, जिन्हें खाद्य उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने को लेकर गंभीर सवाल हैं। जांच में औद्योगिक चूना, मैग्नीशियम कार्बोनेट, गैम्बियर और लिक्विड पैराफिन के साथ प्रतिबंधित रंग से रंगी सुपारी मिलने की बात कही गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, ऐसे पदार्थों की मिलावट उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। विशेष रूप से प्रतिबंधित रंगों और गैर-खाद्य सामग्री के इस्तेमाल को लेकर विभाग ने संबंधित इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
हालांकि, किसी विशेष नमूने में स्वास्थ्य के लिए कितनी मात्रा में जोखिम मौजूद है, इसका अंतिम निर्धारण प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही किया जाएगा।
₹10.18 लाख की खराब सामग्री नष्ट
छापेमारी के दौरान विभाग ने 36.15 क्विंटल ऐसी सामग्री भी जब्त की, जो खराब या शीघ्र खराब होने वाली थी। इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹10.18 लाख बताई गई है। अधिकारियों के निर्देश पर इस सामग्री को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।
इसके अलावा बड़ी मात्रा में संदिग्ध पान मसाला और अपमिश्रक जब्त कर उनके नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि संबंधित उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
कई कंपनियों पर लाइसेंस संबंधी कार्रवाई
कानपुर नगर में ग्रीनवर्थ इंटरप्राइजेज के एसएनके ब्रांड से जुड़े परिसर का लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया। वहीं, राधा रानी फ्रेगरेंस के एक ही परिसर में पान मसाला और तंबाकू का निर्माण पाए जाने के बाद परिसर को सील कर दिया गया।
लखनऊ में राज किशोर सन्स के आरके ब्रांड का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की गई है। इसी तरह सत्य नारायण केशो राम प्राइवेट लिमिटेड के कलश ब्रांड के संबंध में भी लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है।
विभाग अब प्रयोगशाला जांच की रिपोर्ट और निरीक्षण के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।
जांच रिपोर्ट के बाद बढ़ सकता है कार्रवाई का दायरा
इस अभियान के बाद अब विभाग की निगाह उन इकाइयों पर है, जहां संदिग्ध सामग्री और मानकों के उल्लंघन से जुड़े तथ्य मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार, नमूनों की जांच से यह स्पष्ट होगा कि जब्त पान मसाला और अन्य सामग्री खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप थी या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पान मसाला जैसे उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं के सेवन से जुड़े हैं, इसलिए इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली प्रत्येक सामग्री और रंग की वैधता की जांच जरूरी है। विभाग की कार्रवाई का अगला चरण प्रयोगशाला रिपोर्ट और संबंधित इकाइयों के दस्तावेजों पर निर्भर करेगा।
फिलहाल ₹15.70 करोड़ से अधिक का संदिग्ध स्टॉक जब्त, 92 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और कई इकाइयों के लाइसेंस पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
