नई दिल्ली: दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में फिल्म Special 26 की तर्ज पर फर्जी CBI अधिकारी बनकर एक कारोबारी के घर में घुसने और कथित तौर पर डकैती करने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कथित गिरोह की सरगना आसिफा उर्फ पूजा समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह में आठ से दस लोग शामिल हो सकते हैं, जो शनिवार को कारोबारी के घर पहुंचे और खुद को CBI अधिकारी बताकर कार्रवाई करने का प्रयास कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, घटना प्रशांत विहार के D-ब्लॉक स्थित कारोबारी के घर की है। घटना के समय घर में एक महिला अकेली थी। आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताते हुए घर में प्रवेश करने की कोशिश की। अपनी पहचान को वास्तविक दिखाने के लिए उन्होंने कथित फर्जी CBI रेड से संबंधित दस्तावेज भी व्हाट्सऐप के जरिए परिवार को भेजे।
महिला को हुआ फर्जी अधिकारियों पर शक
आरोपियों के घर में दाखिल होने की कोशिश के दौरान महिला को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसने उन्हें अंदर आने की अनुमति देने के बजाय आधिकारिक पहचान पत्र दिखाने को कहा।
महिला ने कथित रेड का सर्च वारंट और अदालत से संबंधित दस्तावेज भी मांगे। पुलिस के अनुसार, सवाल किए जाने के बाद आरोपी तत्काल ऐसे दस्तावेज पेश नहीं कर सके, जिनसे उनकी पहचान और कार्रवाई की पुष्टि होती।
आरोपी पहचान पत्र दिखाने का आश्वासन देते हुए महिला से बहस करते रहे। वे एक घंटे से अधिक समय तक घर के बाहर खड़े रहे। महिला के लगातार सवालों और पुलिस को सूचना देने की तैयारी से उन्हें आशंका हुई कि उनकी असलियत सामने आ सकती है। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
व्हाट्सऐप पर भेजे फर्जी सरकारी दस्तावेज
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर फर्जी सरकारी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर CBI की अधिकृत कार्रवाई जैसा माहौल बनाने की कोशिश की। व्हाट्सऐप पर भेजे गए दस्तावेज कथित रेड को वास्तविक दिखाने के लिए तैयार किए गए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन दस्तावेजों को किसने तैयार किया, उनमें कारोबारी और उसके परिवार से जुड़ी जानकारी कहां से हासिल की गई और क्या गिरोह ने पहले भी इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति या कारोबारी को निशाना बनाया था।
जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि फर्जी दस्तावेज विशेष रूप से इस घर के लिए तैयार किए गए थे या गिरोह के पास पहले से ऐसे दस्तावेजों का कोई प्रारूप मौजूद था।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
महिला की शिकायत के बाद रोहिणी जिला पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। आरोपियों के आने-जाने के रास्तों और कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए वाहनों की भी जानकारी जुटाई गई।
इसके साथ ही पुलिस ने तकनीकी सुरागों का विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
पुलिस ने रविवार को आसिफा उर्फ पूजा और एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की। दोनों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
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पहले से की गई थी घर की रेकी?
जांचकर्ताओं की नजर इस बात पर भी है कि आरोपियों को कारोबारी और उसके परिवार के बारे में जानकारी कैसे मिली। पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या वारदात से पहले घर की रेकी की गई थी और क्या आरोपियों को पहले से मालूम था कि घटना के समय घर में केवल महिला मौजूद होगी।
इसके अलावा फर्जी CBI पहचान और दस्तावेज तैयार करने के पीछे किसका हाथ था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या गिरफ्तार आरोपियों के किसी ऐसे नेटवर्क से संबंध हैं, जो फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने में मदद करता था।
गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और पूर्व की इसी तरह की घटनाओं में उनकी संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस अब उन अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है, जो घटना के बाद मौके से फरार हो गए थे। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि घर में प्रवेश मिलने के बाद गिरोह की वास्तविक योजना क्या थी और क्या उसका उद्देश्य नकदी, आभूषण या अन्य कीमती सामान लूटना था।
प्रारंभिक जांच में मामला सरकारी अधिकारियों की पहचान का कथित तौर पर इस्तेमाल कर निजी घर में जबरन प्रवेश की सुनियोजित कोशिश का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, गिरोह का अंतिम उद्देश्य, अन्य सदस्यों की भूमिका और क्या इसका संबंध ऐसी किसी दूसरी वारदात से है, यह पुलिस की आगे की जांच के बाद स्पष्ट होगा।
