न्यूयॉर्क। दुनिया के अरबपतियों की संख्या और उनकी कुल संपत्ति 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। संपत्ति संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण करने वाली संस्था Altrata की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनिया में अरबपतियों की संख्या बढ़कर 3,795 हो गई, जबकि उनकी संयुक्त संपत्ति 15.1 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब ₹1,300 लाख करोड़ तक पहुंच गई। एक साल में अरबपतियों की संपत्ति में 12.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उनकी संख्या 8.2% बढ़ी। यह पांच वर्षों में अरबपतियों की संख्या में सबसे तेज वार्षिक वृद्धि रही।
रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई से जुड़ी कंपनियों और प्रौद्योगिकी शेयरों में आई तेजी ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की संपत्ति बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। खासकर उन कंपनियों में निवेश से जुड़े अरबपतियों को बड़ा लाभ मिला, जिनका कारोबार एआई, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर और अन्य उन्नत तकनीकों से जुड़ा है।
एआई में निवेश करने वाली कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर
Altrata ने 150 ऐसी सूचीबद्ध कंपनियों की पहचान की, जिनका प्रदर्शन अरबपतियों की संपत्ति बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में एआई पर कम से कम 3 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाली कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 2024 से 2025 के बीच उन कंपनियों की तुलना में 23% अधिक वृद्धि हुई, जिन्होंने इस क्षेत्र में समान स्तर का निवेश नहीं किया था।
एआई से जुड़े शेयरों की तेजी ने कई अरबपतियों की संपत्ति में तेज इजाफा किया। हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि संपत्ति का अत्यधिक हिस्सा एक ही क्षेत्र, खासकर प्रौद्योगिकी और एआई, से जुड़ा होने के कारण जोखिम भी बढ़ सकता है। एआई से संबंधित कंपनियों के मूल्यांकन में उतार-चढ़ाव आने पर इन अरबपतियों की संपत्ति में भी बड़े बदलाव संभव हैं।
सिर्फ 29 लोगों के पास अरबपतियों की संपत्ति का 27%
दुनिया की अरबपति संपत्ति में असमानता और एकाग्रता भी बढ़ी है। रिपोर्ट में 29 ऐसे लोगों को ‘सुपर अरबपति’ बताया गया है, जिनकी व्यक्तिगत संपत्ति 5,000 करोड़ डॉलर से अधिक है। इन 29 लोगों की कुल संपत्ति 4.1 लाख करोड़ डॉलर यानी करीब ₹353 लाख करोड़ रही, जो दुनिया के सभी अरबपतियों की संयुक्त संपत्ति का लगभग 27% है।
यह स्थिति 2017 के मुकाबले काफी अलग है। उस समय 5,000 करोड़ डॉलर से अधिक संपत्ति वाले केवल 10 अरबपति थे और उनके पास कुल अरबपति संपत्ति का लगभग 7.2% हिस्सा था। यानी पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक संपत्ति वाले लोगों की संख्या और वैश्विक अरबपति संपत्ति में उनका हिस्सा दोनों तेजी से बढ़े हैं।
तकनीकी शेयरों से बड़ी कमाई, लेकिन जोखिम भी
Altrata की विश्लेषण प्रमुख माया इमबर्ग ने कहा कि एआई क्षेत्र से जुड़ी संपत्ति बाजार की दिशा के साथ तेजी से बढ़ या घट सकती है। उनके मुताबिक, बाजार में एक क्षेत्र का अधिक दबदबा होना अपने आप में बुलबुले का संकेत नहीं है, लेकिन जब निवेश का बड़ा हिस्सा प्रौद्योगिकी और विशेष रूप से एआई पर केंद्रित हो जाता है तो जोखिम बढ़ जाता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एआई के भविष्य को लेकर बाजार की धारणा में बदलाव, कंपनियों के मूल्यांकन में गिरावट या तकनीकी क्षेत्र में कमजोरी का सीधा असर उन अरबपतियों की संपत्ति पर पड़ सकता है, जिनकी अधिकांश संपत्ति इसी क्षेत्र से जुड़ी है।
उत्तरी अमेरिका में सबसे ज्यादा अरबपति
क्षेत्रवार आंकड़ों में उत्तरी अमेरिका सबसे आगे रहा। 2025 में यहां अरबपतियों की संख्या 11.6% बढ़कर 1,337 हो गई। Altrata ने इस वृद्धि में अमेरिका की मजबूत निजी और सार्वजनिक प्रौद्योगिकी कंपनियों की भूमिका को प्रमुख बताया।
यूरोप में अरबपतियों की संख्या 7.9% बढ़कर 1,081 रही, जबकि एशिया में 6.5% वृद्धि के साथ यह आंकड़ा 881 पहुंच गया। इससे वैश्विक अरबपति संपत्ति में प्रौद्योगिकी केंद्रित अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका और मजबूत होने का संकेत मिलता है।
औसत उम्र 71 वर्ष, महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 13%
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के अरबपतियों की औसत उम्र 71 वर्ष है और केवल 9% अरबपति 50 वर्ष से कम उम्र के हैं। वैश्विक अरबपति आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 13% है।
करीब पांच में से एक अरबपति दूसरे देश में जन्मा है। लंदन में यह अनुपात लगभग 60%, पूरे ब्रिटेन में 48%, सैन फ्रांसिस्को में 41% और न्यूयॉर्क में 19% तक है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि अधिकांश अरबपतियों ने अपनी संपत्ति खुद बनाई है। केवल 8% अरबपतियों ने पूरी संपत्ति विरासत में प्राप्त की है।
