सैन जोस (कैलिफोर्निया)। सिलिकॉन वैली की दिग्गज टेक कंपनियों में भारतीय मूल के शीर्ष अधिकारियों की सूची में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। फोटोशॉप और इलस्ट्रेटर जैसे लोकप्रिय सॉफ्टवेयर बनाने वाली Adobe ने अनिल चक्रवर्ती को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। चक्रवर्ती कंपनी के लंबे समय से CEO रहे शांतनु नारायण की जगह लेंगे। नारायण करीब 18 साल तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे।
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय हुआ है जब Adobe को जनरेटिव AI के तेजी से विस्तार, नए प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म और निवेशकों के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का बाजार मूल्य करीब 190 अरब डॉलर यानी लगभग ₹17.95 लाख करोड़ बताया गया है। नए CEO के सामने कंपनी की मौजूदा ताकत को बनाए रखने के साथ-साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता के दौर में Adobe के उत्पादों को नई दिशा देने की बड़ी चुनौती होगी।
अनिल चक्रवर्ती ने कहा- नए अध्याय के लिए तैयार
CEO पद संभालने के बाद अनिल चक्रवर्ती ने Adobe के भविष्य को लेकर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि कंपनी अब रचनात्मकता और उत्पादकता के लिए एजेंटिक सॉफ्टवेयर के अगले दौर में प्रवेश कर रही है। उनके मुताबिक, ऐसे ऐतिहासिक समय में Adobe का नेतृत्व करना उनके लिए बड़े सम्मान की बात है।
चक्रवर्ती ने शांतनु नारायण के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि उनके कार्यकाल में कंपनी ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। उन्होंने संकेत दिया कि नए दौर में Adobe अपने सॉफ्टवेयर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं को और आगे बढ़ाने पर ध्यान देगी।
BHU से MIT तक, तकनीक और प्रबंधन का लंबा अनुभव
अनिल चक्रवर्ती की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि काफी मजबूत है। उन्होंने IIT (BHU) वाराणसी से कंप्यूटर साइंस में BTech की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने Massachusetts Institute of Technology (MIT) से MS और PhD की डिग्री हासिल की।
Adobe में आने से पहले चक्रवर्ती क्लाउड डेटा प्रबंधन कंपनी Informatica के CEO रह चुके हैं। उन्होंने वहां करीब चार साल तक कंपनी का नेतृत्व किया। इससे पहले वे McKinsey, Symantec और VeriSign जैसी प्रमुख कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।
जनवरी 2020 में Adobe से जुड़ने के बाद उन्होंने कंपनी के डिजिटल एक्सपीरियंस कारोबार की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान उन्होंने AI आधारित पहलों और नए डिजिटल उत्पादों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी के अंदर लंबे समय तक नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के कारण उन्हें Adobe के कारोबार और तकनीकी रणनीति की गहरी समझ रखने वाला अधिकारी माना जाता है।
जनरेटिव AI से बदल रहा है रचनात्मक सॉफ्टवेयर बाजार
Adobe के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में जनरेटिव AI का तेजी से बढ़ता प्रभाव शामिल है। OpenAI और Midjourney जैसे AI आधारित उपकरण उपयोगकर्ताओं को बिना जटिल डिजाइन सॉफ्टवेयर सीखे तस्वीरें, डिजाइन और वीडियो तैयार करने की सुविधा दे रहे हैं। इससे पारंपरिक रचनात्मक सॉफ्टवेयर कारोबार पर दबाव बढ़ा है।
दूसरी ओर Canva और Figma जैसे ब्राउजर आधारित प्लेटफॉर्म ने डिजाइनिंग को आसान और अधिक सुलभ बनाया है। इन कंपनियों ने खासकर नए और छोटे उपयोगकर्ताओं के बीच Adobe के पारंपरिक प्रभुत्व को चुनौती दी है। ऐसे में चक्रवर्ती के सामने Adobe के पेशेवर उपयोगकर्ताओं को बनाए रखने के साथ नए उपयोगकर्ताओं को जोड़ने की चुनौती भी होगी।
शेयर बाजार का दबाव भी बड़ी चुनौती
Adobe को निवेशकों की चिंताओं का भी सामना करना पड़ रहा है। कंपनी के शेयर 2025 में करीब 21 फीसदी गिर चुके थे और इस साल भी अब तक लगभग 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा CFO के इस्तीफे के बाद कंपनी के वित्तीय नेतृत्व को लेकर भी सवाल उठे हैं।
नए CEO के लिए कारोबार की वृद्धि और AI निवेश के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण होगा। Adobe को यह साबित करना होगा कि जनरेटिव AI उसके पारंपरिक कारोबार के लिए खतरा ही नहीं, बल्कि भविष्य की आय और विकास का बड़ा माध्यम भी बन सकता है।
शांतनु नारायण ने बदली Adobe की पूरी कारोबारी तस्वीर
शांतनु नारायण ने 2007 में Adobe के CEO का पद संभाला था। उनके नेतृत्व में कंपनी ने अपने कारोबार का एक बड़ा बदलाव किया। पारंपरिक रूप से CD के माध्यम से बिकने वाले Photoshop जैसे सॉफ्टवेयर को उन्होंने Creative Cloud आधारित सब्सक्रिप्शन मॉडल में बदलने की रणनीति को आगे बढ़ाया।
उस समय इस बदलाव का काफी विरोध हुआ था, लेकिन बाद में सब्सक्रिप्शन मॉडल Adobe के कारोबार की सबसे महत्वपूर्ण ताकतों में शामिल हो गया। इससे कंपनी को नियमित आय का मजबूत स्रोत मिला और उसके सॉफ्टवेयर कारोबार को क्लाउड आधारित सेवाओं की दिशा में बदलने में मदद मिली।
नारायण ने मार्च में CEO पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। इसके बाद करीब छह महीने तक उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया चली। अंततः कंपनी ने अंदर से ही नेतृत्व देने वाले अनिल चक्रवर्ती को यह जिम्मेदारी सौंप दी। अब चक्रवर्ती के सामने नारायण की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ AI के दौर में Adobe के अगले बड़े बदलाव की नींव रखने की जिम्मेदारी होगी।
