आजमगढ़। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (यूपी एटीएस) ने शनिवार को आजमगढ़ के दीदारगंज थाना क्षेत्र से प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। वह महबूबपुर क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव का रहने वाला है। जांच एजेंसी का आरोप है कि नबील सोशल मीडिया और मैसेजिंग मंचों के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश कर रहा था।
एटीएस की जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि नबील सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर अरबी भाषा में संचालित कई समूहों से जुड़ा था। इन समूहों में जम्मू-कश्मीर के युवाओं के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, सऊदी अरब और तुर्किये के लोगों के संपर्क होने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी अब इन संपर्कों की प्रकृति, बातचीत और नबील की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
आरोप है कि इन डिजिटल समूहों में धार्मिक कट्टरपंथ और हिंसक विचारधारा से जुड़ी सामग्री साझा की जाती थी। नबील पर युवाओं को प्रभावित करने और कथित तौर पर ‘गजवा-ए-हिंद’ की विचारधारा से जोड़ने की कोशिश करने का भी आरोप है। जांच एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया खातों और डिजिटल संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क में उसके साथ कितने लोग जुड़े थे और उनका आपस में किस तरह संपर्क था।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि नबील अल-कायदा से जुड़े आतंकी अनवर अल-अवलाकी की विचारधारा से प्रभावित था। उसके डिजिटल उपकरणों में कथित तौर पर कट्टरपंथी साहित्य और आतंकी विचारधारा से संबंधित सामग्री मिलने की बात कही गई है। एटीएस इस सामग्री के स्रोत और उसे साझा करने वाले नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, नबील विदेश जाकर आतंकी प्रशिक्षण हासिल करने की कोशिश में था। पाकिस्तान, तुर्किये या बांग्लादेश जाने की उसकी कथित योजना की भी जांच की जा रही है। एजेंसी को संदेह है कि वह भविष्य में आतंकी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षण और नेटवर्क से जुड़ने की तैयारी कर रहा था। हालांकि, इन आरोपों की विस्तृत पुष्टि जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया में होनी बाकी है।
स्थानीय स्तर पर नबील की छवि सामान्य बताई गई है। उसने सरायमीर क्षेत्र के एक मदरसे से हिफ्ज की पढ़ाई पूरी की थी और स्थानीय बच्चों को धार्मिक शिक्षा भी देता था। मदरसे से लौटने के बाद वह उर्दू में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करता था। उसके परिवार की पृष्ठभूमि की भी जांच की जा रही है। उसके पिता दानिश अंसारी सऊदी अरब में रहते हैं। गिरफ्तारी के बाद उसकी मां अपनी दो बेटियों के साथ फूलपुर स्थित मायके चली गई हैं, जबकि घर पर उसके बुजुर्ग दादा-दादी मौजूद हैं।
आजमगढ़ में यह पिछले साढ़े तीन महीने के भीतर एटीएस की दूसरी बड़ी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले 31 मई को निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर-सजरपुर से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया गया था। उस पर एक महिला नेता को धमकी देने और उसे निशाना बनाने से जुड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप था।
पुलिस के अनुसार, नबील का जिले में पहले से कोई आपराधिक इतिहास दर्ज नहीं था। यूपी एटीएस ने उसके खिलाफ लखनऊ स्थित एटीएस थाने में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है। जांच में उसके डिजिटल नेटवर्क, विदेशों से संपर्क और कथित आतंकी गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की संभावना है।
