न्यूयॉर्क। चीन की प्रमुख दूरसंचार कंपनी हुआवे के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मुकदमे की सुनवाई बुधवार को ब्रुकलिन की संघीय अदालत में शुरू हो गई। शुरुआती दलीलों में अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने कंपनी पर अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के व्यापारिक रहस्य हासिल करने, ईरान में कारोबार की वास्तविक प्रकृति छिपाने और अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए। अभियोजन ने जूरी के सामने हुआवे को कथित तौर पर एक “आपराधिक उद्यम” के रूप में पेश किया और कहा कि कंपनी ने करीब दो दशकों तक अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाकर अपने वैश्विक दूरसंचार कारोबार को मजबूत किया।
सरकारी पक्ष के अनुसार, हुआवे ने पांच अमेरिकी कंपनियों से व्यापारिक रहस्य हासिल करने की साजिश रची। इनमें इंटरनेट राउटर के संचालन से संबंधित स्रोत कोड और मोबाइल फोन की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला रोबोटिक उपकरण भी शामिल था। अभियोजन ने आरोप लगाया कि इन तकनीकों को हासिल करने का उद्देश्य कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देना और वैश्विक दूरसंचार बाजार में उसका विस्तार करना था।
अभियोजन पक्ष ने विशेष रूप से सिस्को और टी-मोबाइल से जुड़े मामलों का उल्लेख किया। आरोप है कि हुआवे से जुड़े कर्मचारियों ने इंटरनेट राउटर के स्रोत कोड तक पहुंच बनाने की कोशिश की। एक अन्य मामले में मोबाइल फोन की जांच के लिए इस्तेमाल होने वाला रोबोटिक उपकरण कथित तौर पर एक कर्मचारी ने चुराया। सरकारी वकील ने कहा कि इस घटना से संबंधित वीडियो भी अदालत में पेश किया जा सकता है।
हालांकि, हुआवे के बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे सामान्य कारोबारी गतिविधियों को आपराधिक रंग देने की कोशिश बताया। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि यह मामला “प्रतिस्पर्धा, नवाचार और सामान्य कारोबारी गतिविधियों” का है, न कि किसी सुनियोजित आपराधिक साजिश का।
बचाव पक्ष ने जूरी से कहा कि अभियोजन पक्ष अलग-अलग घटनाओं को चुनकर उन्हें हुआवे की व्यापक आपराधिक गतिविधि के प्रमाण के रूप में पेश कर रहा है। उसके मुताबिक सिस्को और टी-मोबाइल से जुड़े मामलों में जिन कर्मचारियों की गतिविधियों का उल्लेख किया जा रहा है, वे व्यक्तिगत स्तर की घटनाएं थीं। कंपनी के प्रबंधन ने जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर सुधारात्मक कार्रवाई की थी।
इसी तरह फुजित्सु के नेटवर्क उपकरण की एक प्रदर्शनी में बिना अनुमति तस्वीरें लेने वाले कर्मचारी का भी बचाव पक्ष ने उल्लेख किया। वकील के अनुसार, वह कर्मचारी की व्यक्तिगत गलती थी और जानकारी सामने आने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया गया। बचाव पक्ष का तर्क है कि ऐसे अलग-अलग मामलों को जोड़कर कंपनी के खिलाफ व्यापक आपराधिक साजिश का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
मुकदमे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हुआवे के ईरान से जुड़े कारोबार और अमेरिकी प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से संबंधित है। वर्ष 2018 में कंपनी और उसकी तत्कालीन मुख्य वित्तीय अधिकारी मेंग वानझोउ के खिलाफ बैंक धोखाधड़ी और प्रतिबंध संबंधी आरोप लगाए गए थे। अभियोजन का आरोप था कि हुआवे ने ईरान में अपने कारोबार की वास्तविक प्रकृति अमेरिकी वित्तीय संस्थानों से छिपाई और अमेरिकी वित्तीय प्रणाली के जरिए लाखों डॉलर के लेनदेन किए।
बाद के वर्षों में मामले का दायरा बढ़ा और इसमें संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप भी शामिल किए गए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि ईरान में कंपनी की गतिविधियों की जानकारी छिपाने का उद्देश्य अमेरिकी डॉलर आधारित वित्तीय व्यवस्था के माध्यम से लेनदेन जारी रखना था। सरकारी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि हुआवे की तकनीकी गतिविधियों से ईरानी सरकार को अपने नागरिकों की निगरानी में मदद मिल सकती थी।
बचाव पक्ष ने इन आरोपों को भी चुनौती दी। उसका कहना है कि इस बात का पर्याप्त प्रमाण नहीं है कि हुआवे को पता था कि डॉलर के जरिए भुगतान की व्यवस्था अमेरिकी प्रतिबंध कानूनों का उल्लंघन करेगी। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि जिन बैंकों के बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें कंपनी ने गुमराह किया, वे उसके ईरान से जुड़े कारोबार से परिचित थे और फिर भी हुआवे के साथ कारोबारी संबंध बनाए रखना चाहते थे।
मामले में मेंग वानझोउ की भूमिका भी अहम रही है। उन्हें 2018 में कनाडा के वैंकूवर में अमेरिकी वारंट के आधार पर हिरासत में लिया गया था। उन्होंने करीब तीन वर्ष तक अमेरिका को प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी। बाद में अमेरिका, चीन और कनाडा के बीच हुए कूटनीतिक समझौते के तहत उन्हें चीन लौटने की अनुमति मिली। वर्ष 2022 में उनके खिलाफ आरोप स्थगित अभियोजन समझौते के तहत समाप्त कर दिए गए। हालांकि, उस दौरान उनके द्वारा की गई कुछ स्वीकारोक्तियों को मौजूदा मुकदमे में साक्ष्य के रूप में पेश किया जा सकता है।
हुआवे दूरसंचार उपकरण और मोबाइल फोन के अलावा हाल के वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े चिप के क्षेत्र में भी सक्रिय रही है। अमेरिका में कंपनी के नेटवर्क उपकरणों पर पहले से ही कड़े प्रतिबंध हैं और अमेरिकी कंपनियों को वाणिज्य विभाग की मंजूरी के बिना हुआवे को अमेरिकी सामान और तकनीक उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है।
चीन ने मामले में अपनी कंपनियों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह चीनी कंपनियों के दमन और उन्हें रोकने की अमेरिकी कोशिशों का दृढ़ता से विरोध करता है तथा चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा का समर्थन करता है।
करीब तीन महीने चलने की उम्मीद वाले इस मुकदमे में अब अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य और गवाह पेश करेंगे। फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि अभियोजन पक्ष हुआवे की गतिविधियों को एक संगठित आपराधिक साजिश और अमेरिकी कानूनों के उल्लंघन के रूप में साबित कर पाता है या नहीं, जबकि बचाव पक्ष यह स्थापित करने की कोशिश करेगा कि आरोप अलग-अलग घटनाओं और सामान्य कारोबारी गतिविधियों को जोड़कर तैयार किए गए हैं।
