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Home»Fraud Alert»ग्लेनकोर पर ₹18,000 करोड़ का मुकदमा, रेडिएंट वर्ल्ड पर फर्जी दस्तावेज भेजने का आरोप
Fraud Alert

ग्लेनकोर पर ₹18,000 करोड़ का मुकदमा, रेडिएंट वर्ल्ड पर फर्जी दस्तावेज भेजने का आरोप

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 17, 2026No Comments3 Mins Read
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रेडिएंट वर्ल्ड और सहयोगी कंपनियों पर वित्तीय संस्थानों को कथित तौर पर फर्जी चालान, अनुबंध और ईमेल भेजने का आरोप; ग्लेनकोर ने ₹4,300 करोड़ का प्रावधान किया, सिंगापुर में ₹18,000 करोड़ के दावे की बात
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नई दिल्ली। कमोडिटी कारोबार की दिग्गज कंपनी ग्लेनकोर और रेडिएंट वर्ल्ड के बीच लंबे समय से चले आ रहे कारोबारी संबंध अब करीब ₹18,000 करोड़ के कानूनी विवाद में बदल गए हैं। रेडिएंट वर्ल्ड और उसकी सहयोगी कंपनी सैफायर मिनमेटल्स की ओर से ग्लेनकोर के खिलाफ सिंगापुर की अदालत में करीब 2 अरब डॉलर यानी लगभग ₹18,000 करोड़ के दावे का मामला दायर करने की बात कही गई है। हालांकि, अदालत की वेबसाइट पर तत्काल इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
ग्लेनकोर ने रेडिएंट वर्ल्ड और उससे जुड़ी कंपनियों के साथ सभी कारोबार समाप्त करने की घोषणा करते हुए पहली बार सीधे तौर पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। कंपनी का कहना है कि उसके पास ऐसे साक्ष्य हैं, जिनसे पता चलता है कि रेडिएंट वर्ल्ड और उससे जुड़ी कंपनियों ने कई वित्तीय संस्थानों को कथित तौर पर फर्जी चालान और अनुबंध भेजे। इसके अलावा, ग्लेनकोर के कर्मचारियों से प्राप्त होने का झूठा दावा करते हुए कथित रूप से गढ़े गए ईमेल भी भेजे गए।
रेडिएंट वर्ल्ड के साथ कारोबार को लेकर पहले भी कई वित्तीय संस्थानों और कमोडिटी कारोबारियों की चिंताएं सामने आ चुकी हैं। कुछ प्रमुख कमोडिटी कारोबारियों ने कंपनी से संबंध सीमित या समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए थे। उस समय रेडिएंट वर्ल्ड ने किसी भी गलत काम से इनकार किया था और कहा था कि उसका कारोबार व्यावसायिक तथा कानूनी मानकों के अनुरूप है।
सैफायर मिनमेटल्स के चेयरमैन ने दावा किया कि रेडिएंट वर्ल्ड और सैफायर मिनमेटल्स मिलकर ग्लेनकोर के खिलाफ सिंगापुर में करीब 2 अरब डॉलर का दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि ग्लेनकोर के कारोबार से हटने के कारण कंपनियों को भारी नुकसान हुआ और उसके कुछ अनुबंध संबंधी दायित्व थे। हालांकि, दावे की विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई।
ग्लेनकोर ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा है कि वह उनका मजबूती से विरोध करेगी। कंपनी के अनुसार, रेडिएंट वर्ल्ड की कंपनियों के कारण उसे वित्तीय नुकसान और कई जोखिमों का सामना करना पड़ा है तथा वह उचित कार्रवाई करेगी।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

ग्लेनकोर ने रेडिएंट वर्ल्ड, सैफायर मिनमेटल्स और उनसे जुड़ी कंपनियों के साथ अपने पुराने कारोबारी संबंधों की समीक्षा भी शुरू की है। कंपनी ने अपने वित्तीय जोखिम के लिए करीब 48 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹4,300 करोड़ का प्रावधान किया है। यह सार्वजनिक कंपनी के रूप में उसके इतिहास में कमोडिटी ट्रेडिंग से जुड़े बड़े नुकसान में से एक बताया गया है।
दोनों कंपनियों के बीच संबंध कई वर्षों तक बेहद करीबी रहे। ग्लेनकोर लंबे समय तक रेडिएंट वर्ल्ड के प्रमुख वित्तीय समर्थकों में शामिल रही और उसे कारोबार के लिए वित्त जुटाने में मदद करती थी। ग्लेनकोर ने रेडिएंट वर्ल्ड में अल्पांश हिस्सेदारी लेने का विकल्प देने वाले वारंट भी हासिल किए थे।
हालांकि, इस वर्ष दोनों कंपनियों के संबंधों में बदलाव आया। बैंकों की ओर से रेडिएंट वर्ल्ड के ऐसे चालान ग्लेनकोर के पास भेजे जाने लगे, जिन पर ग्लेनकोर का नाम था, लेकिन कंपनी उन्हें वास्तविक दस्तावेज के तौर पर सत्यापित नहीं कर सकी। इसके बाद ग्लेनकोर ने धीरे-धीरे कारोबारी संबंधों से पीछे हटना शुरू किया।
रेडिएंट वर्ल्ड के खिलाफ सिंगापुर की एक इनवॉयस फाइनेंसिंग कंपनी ने भी मुकदमा किया है। आरोप है कि कंपनी ने ग्लेनकोर के ऐसे दस्तावेजों का इस्तेमाल कर वित्त जुटाया, जिन्हें बाद में ग्लेनकोर ने वास्तविक मानने से इनकार किया। इसके अलावा, एक अन्य वित्तीय समूह ने रेडिएंट वर्ल्ड पर लौह अयस्क के चालान कथित रूप से फर्जी बनाने का आरोप लगाया है। इस मामले में लंदन की अदालत ने रेडिएंट वर्ल्ड और सैफायर मिनमेटल्स की करीब 49.9 करोड़ डॉलर यानी लगभग ₹4,450 करोड़ की संपत्तियों पर दुनिया भर में लागू होने वाला फ्रीजिंग आदेश जारी किया था।
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