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Home»Fraud Alert»कोविड में हेल्थकेयर घोटाले का बड़ा दावा, बीमा कंपनियों और ब्रोकरों के मुनाफे पर अमेरिकी संसद में सवाल
Fraud Alert

कोविड में हेल्थकेयर घोटाले का बड़ा दावा, बीमा कंपनियों और ब्रोकरों के मुनाफे पर अमेरिकी संसद में सवाल

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 14, 2026No Comments4 Mins Read
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संघीय स्वास्थ्य योजनाओं में गलत नामांकन और कमजोर सत्यापन का मुद्दा उठा; गवाही में महामारी के दौरान बढ़ी सरकारी सब्सिडी से पैदा हुए आर्थिक प्रोत्साहनों की भी जांच
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वॉशिंगटन। कोविड-19 महामारी के दौरान अमेरिका की स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था में कथित धोखाधड़ी, गलत नामांकन और सरकारी धन के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी संसद में गंभीर सवाल उठे हैं। हाउस ज्यूडिशियरी सबकमेटी की 14 सितंबर को हुई सुनवाई में स्वास्थ्य बाजारों में धोखाधड़ी और प्रतिस्पर्धा के मुद्दे पर चर्चा हुई। सुनवाई का केंद्र यह रहा कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में कमजोर सत्यापन, बढ़ी सब्सिडी और बिचौलियों की भूमिका ने कथित तौर पर अनुचित भुगतान और गलत नामांकन के लिए किस तरह रास्ता बनाया।
सुनवाई में पैरागॉन हेल्थ इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष ब्रायन ब्लेज ने गवाही देते हुए कहा कि महामारी के दौरान अफोर्डेबल केयर एक्ट (एसीए) के तहत मिलने वाली सब्सिडी में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी की गई। उनके अनुसार, कम आय बताने वाले आवेदकों के लिए कई मामलों में सरकार प्रीमियम की पूरी लागत वहन कर रही थी। उनका दावा था कि ऐसी व्यवस्था ने बीमा कंपनियों और नामांकन कराने वाले बिचौलियों के लिए अधिक लोगों को योजनाओं में शामिल करने का आर्थिक प्रोत्साहन बढ़ाया।
गवाही में गलत नामांकन को केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की संरचना से जुड़ी समस्या बताया गया। इसमें ऐसे लोगों के नामांकन का मुद्दा शामिल है, जिन्हें अपने नाम पर बीमा योजना शुरू होने की जानकारी नहीं थी, एक से अधिक योजनाओं में नाम दर्ज था या जो आय संबंधी पात्रता पूरी नहीं करते थे। आरोप है कि ऐसे मामलों में भी संघीय सरकार की ओर से संबंधित योजनाओं के लिए भुगतान जारी रहा।
ब्रायन ब्लेज ने अपने बयान में दावा किया कि 2024 में एसीए एक्सचेंज और मेडिकेड विस्तार योजनाओं में करीब 1.43 करोड़ लोग अनुचित तरीके से नामांकित थे। उनके अनुमान के मुताबिक, इससे संघीय करदाताओं पर करीब 65 अरब डॉलर यानी लगभग ₹5.8 लाख करोड़ का बोझ पड़ा। यह आंकड़ा उनके संस्थान के आकलन पर आधारित है और सुनवाई में रखे गए दावों का हिस्सा है।
महामारी के दौरान बढ़ी सब्सिडी को इस पूरे विवाद का अहम हिस्सा माना जा रहा है। संबंधित विश्लेषण के अनुसार, कोविड काल में एसीए सब्सिडी बढ़ने के बाद कम आय वाली श्रेणियों में नामांकन का हिस्सा भी बढ़ा। आलोचकों का तर्क है कि यदि पात्रता की जांच पर्याप्त मजबूत न हो तो अधिक सब्सिडी वाली व्यवस्था गलत जानकारी देकर सरकारी सहायता हासिल करने का प्रोत्साहन पैदा कर सकती है।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

सुनवाई में स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में बीमा कंपनियों और ब्रोकरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में रही। आरोप यह है कि यदि किसी व्यक्ति को योजना में शामिल करने से बिचौलियों और बीमा प्रदाताओं को आर्थिक लाभ मिलता है, तो केवल नामांकन बढ़ाने पर आधारित प्रोत्साहन व्यवस्था दुरुपयोग का जोखिम बढ़ा सकती है। हालांकि, इन आरोपों का अर्थ यह नहीं है कि सभी बीमा कंपनियां या ब्रोकर धोखाधड़ी में शामिल थे।
कोविड महामारी के शुरुआती दौर में स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल भी असामान्य रूप से बदल गया था। नियमित चिकित्सा सेवाओं और प्रक्रियाओं में कमी के कारण कई बड़ी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों की आय में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। 2020 में प्रकाशित एक अध्ययन में प्रमुख अमेरिकी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों की दूसरी तिमाही की परिचालन आय में उल्लेखनीय वृद्धि और चिकित्सा सेवाओं के इस्तेमाल में कमी के बीच संबंध का उल्लेख किया गया था।
संसदीय सुनवाई में केवल बीमा धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि अमेरिकी स्वास्थ्य बाजार में प्रतिस्पर्धा की व्यापक समस्या पर भी चर्चा हुई। इसमें अस्पतालों का विलय, चिकित्सकीय संस्थानों का अधिग्रहण, नियामकीय बाधाएं और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ती लागत जैसे मुद्दे शामिल रहे। समिति ने यह जांचने की कोशिश की कि बाजार की मौजूदा संरचना मरीजों और करदाताओं पर बढ़ते खर्च का कारण तो नहीं बन रही है।
गवाही में यह भी तर्क दिया गया कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सरकारी भुगतान बढ़ाने वाले प्रोत्साहनों के साथ पात्रता सत्यापन और निगरानी को मजबूत करना जरूरी है। गलत नामांकन की स्थिति में नुकसान केवल सरकारी खजाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वास्तविक पात्र लाभार्थियों के लिए उपलब्ध संसाधनों और स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है।
अमेरिकी संसद में हुई यह सुनवाई ऐसे समय में हुई है जब स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में कथित गलत नामांकन और ब्रोकरों की भूमिका को लेकर पहले से जांच और राजनीतिक बहस चल रही है। अब सुनवाई के दौरान रखे गए दावों के आधार पर संघीय स्वास्थ्य योजनाओं में पात्रता जांच, सब्सिडी भुगतान और नामांकन प्रक्रिया की निगरानी को और कड़ा करने की मांग तेज हो सकती है।
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