Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

संभल में बच्चों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार; मेले से बच्चों को अगवा कर बेचने का आरोप

August 17, 2026

कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर हथियार लाइसेंस के नाम पर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

August 17, 2026

अमेरिका की साइबर नीति में बड़ा बदलाव, अब अपराधियों के डिजिटल ठिकानों पर होगा ‘Hack Back’

August 17, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Fraud Alert»कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर हथियार लाइसेंस के नाम पर ठगी, आरोपी गिरफ्तार
Fraud Alert

कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर हथियार लाइसेंस के नाम पर ठगी, आरोपी गिरफ्तार

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 17, 2026No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
शस्त्र लाइसेंस और हथियार खरीदने का झांसा देकर ₹5.50 लाख ऐंठने का आरोप; औरंगाबाद में कई लोगों से करीब ₹2 करोड़ की ठगी की आशंका, पुलिस खंगाल रही पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद में सरकारी अधिकारी और कलेक्ट्रेट कर्मचारी बनकर लोगों से कथित ठगी करने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर शस्त्र लाइसेंस बनवाने और हथियार खरीदने में मदद दिलाने का झांसा देकर लोगों से रकम ऐंठने का आरोप है। पुलिस ने उसे औरंगाबाद समाहरणालय के मुख्य गेट के पास से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोह थाना क्षेत्र के सिघानी गांव निवासी नवीन कुमार उर्फ बाबा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, एक शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच में आरोपी द्वारा कई लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को फेसर थाना क्षेत्र के मुरादपुर गांव निवासी रामाकांत कुमार ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नवीन कुमार खुद को कलेक्ट्रेट का कर्मचारी बताकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने और हथियार खरीदने की प्रक्रिया में मदद करने का भरोसा देता था। इसी झांसे में शिकायतकर्ता से फोन-पे और बैंक खाते के माध्यम से करीब ₹5.50 लाख की रकम ली गई।

सरकारी पहचान का झांसा देकर रकम लेने का आरोप

शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में केस दर्ज किया। प्राथमिकी कांड संख्या 34/26 के तहत दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई। टीम में साइबर थाने के अधिकारियों को शामिल किया गया और तकनीकी विश्लेषण तथा सूचना जुटाने के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि नवीन कुमार समाहरणालय परिसर के आसपास मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे समाहरणालय के मुख्य गेट से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को स्वीकार किया है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और पुलिस के दावों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।

कई लोगों से ₹2 करोड़ की ठगी की आशंका

पुलिस को जांच के दौरान यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने औरंगाबाद में कई अन्य लोगों को कथित तौर पर इसी तरह अपने जाल में फंसाया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इन मामलों में कुल ठगी की रकम करीब ₹2 करोड़ तक होने की आशंका है। पुलिस अब ऐसे लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिनसे आरोपी ने सरकारी कर्मचारी होने का दावा करके संपर्क किया और किसी सरकारी सेवा या हथियार लाइसेंस से जुड़ा काम कराने के नाम पर पैसे लिए।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने लोगों से संपर्क करने के लिए किन मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल किया। कथित तौर पर फोन-पे और बैंक खातों के जरिए रकम लेने की बात सामने आने के बाद पुलिस लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि रकम कहां पहुंची और क्या ठगी की रकम को आगे दूसरे खातों में स्थानांतरित किया गया।

फर्जी सरकारी पहचान के इस्तेमाल की जांच

मामले में पुलिस का फोकस इस बात पर भी है कि नवीन कुमार ने खुद को कलेक्ट्रेट का कर्मचारी बताने के लिए किस तरह की पहचान या जानकारी का इस्तेमाल किया। जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या उसने किसी सरकारी दस्तावेज, पहचान पत्र, फर्जी पदनाम या अन्य माध्यम का सहारा लिया था। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार लाइसेंस के नाम पर ठगी का तरीका उसने खुद विकसित किया था या इसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह भी शामिल है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है। उसके खिलाफ बारूण थाने में वर्ष 2024 का एक मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है। जांच एजेंसियां अब पुराने मामले के साथ उसकी कथित मौजूदा गतिविधियों के बीच किसी संबंध की भी पड़ताल कर रही हैं।

न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब कथित ठगी के शिकार लोगों की संख्या, कुल रकम और पैसे के इस्तेमाल की जानकारी जुटा रही है। साथ ही उन दस्तावेजों और डिजिटल माध्यमों की जांच की जा रही है, जिनका इस्तेमाल लोगों को भरोसे में लेने के लिए किया गया।

मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है। यदि आरोपी के साथ किसी नेटवर्क या सहयोगी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस कथित ठगी के पूरे नेटवर्क, पैसों के लेनदेन और सरकारी पहचान के दुरुपयोग से जुड़े पहलुओं की जांच पर है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleअमेरिका की साइबर नीति में बड़ा बदलाव, अब अपराधियों के डिजिटल ठिकानों पर होगा ‘Hack Back’
Next Article संभल में बच्चों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार; मेले से बच्चों को अगवा कर बेचने का आरोप
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

संभल में बच्चों की तस्करी के गिरोह का पर्दाफाश, छह आरोपी गिरफ्तार; मेले से बच्चों को अगवा कर बेचने का आरोप

August 17, 2026

शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का झांसा, बंगाल के आबकारी अधिकारी और रिश्तेदार गिरफ्तार

August 17, 2026

सेवा प्रदाता की सॉफ्टवेयर खामी से ₹300 करोड़ का बैंक फ्रॉड, ब्राजील में 4 हैकर गिरफ्तार

August 17, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.