मुंबई। भारत के निजी बैंकिंग क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज होती जा रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक्सिस बैंक ने नम्रता दुबाशी को अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अधिकारी (एआई ऑफिसर) नियुक्त किया है। उद्योग जगत के जानकारों के अनुसार यह कदम भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एआई को संगठनात्मक स्तर पर लागू करने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है और यह बैंकिंग उद्योग में तकनीक आधारित बदलाव की बढ़ती रफ्तार को दर्शाता है।
नम्रता दुबाशी इससे पहले वैश्विक प्रबंधन परामर्श कंपनी मैकिंजी एंड कंपनी में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थीं। लगभग दो दशक तक परामर्श क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने पिछले सप्ताह एक्सिस बैंक में नई जिम्मेदारी संभाली। बैंक में वह बैंकिंग ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े कार्यों की देखरेख कर रहे कार्यकारी निदेशक सुब्रत मोहंती को रिपोर्ट करेंगी।
बैंकिंग उद्योग में एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अधिकांश संस्थान अभी तक इसे कुछ चुनिंदा परियोजनाओं या सीमित उपयोग मामलों तक ही केंद्रित रखे हुए हैं। ऐसे में एक्सिस बैंक का यह कदम उसे उन शुरुआती भारतीय बैंकों की श्रेणी में ला सकता है जिन्होंने एआई रणनीति के लिए अलग नेतृत्व पद का निर्माण किया है। माना जा रहा है कि बैंक अब एआई को केवल तकनीकी प्रयोग के रूप में नहीं बल्कि दीर्घकालिक व्यवसायिक परिवर्तन के प्रमुख साधन के रूप में देख रहा है।
सूत्रों के अनुसार नम्रता दुबाशी लगभग 50 विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व करेंगी, जिसका उद्देश्य बैंक के विभिन्न विभागों में एआई आधारित समाधान विकसित करना और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करना होगा। इस पहल का फोकस ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाने, जोखिम प्रबंधन को मजबूत करने, ऋण मूल्यांकन प्रक्रियाओं को अधिक सटीक बनाने, परिचालन दक्षता बढ़ाने, धोखाधड़ी की पहचान करने और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को गति देने पर रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र में एआई का उपयोग अब केवल चैटबॉट और ग्राहक सहायता सेवाओं तक सीमित नहीं रह गया है। दुनिया भर के बैंक मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई की मदद से ऋण स्वीकृति प्रक्रियाओं को तेज कर रहे हैं, ग्राहक व्यवहार का विश्लेषण कर रहे हैं, साइबर सुरक्षा को मजबूत बना रहे हैं और ग्राहकों को अधिक व्यक्तिगत वित्तीय सेवाएं प्रदान करने की दिशा में काम कर रहे हैं। एक्सिस बैंक की नई रणनीति को भी इसी व्यापक वैश्विक परिवर्तन का हिस्सा माना जा रहा है।
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प्रसिद्ध साइबर अपराध विशेषज्ञ और पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में एआई का विस्तार केवल दक्षता बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह साइबर सुरक्षा को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। उनके अनुसार एआई आधारित प्रणालियां संदिग्ध लेनदेन, फिशिंग हमलों, पहचान की चोरी, अकाउंट टेकओवर और डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी जैसे जोखिमों की शुरुआती पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रो. त्रिवेणी सिंह के मुताबिक, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वित्तीय संस्थानों की धोखाधड़ी पहचान और जोखिम निगरानी क्षमता को काफी मजबूत बना सकता है। हालांकि जैसे-जैसे बैंक उन्नत तकनीकों को अपनाएंगे, साइबर अपराधी भी अपने तरीकों को और अधिक परिष्कृत करेंगे। इसलिए नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक होगा।”
भारत में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के तेजी से विस्तार के साथ वित्तीय संस्थानों के सामने डेटा प्रबंधन, साइबर सुरक्षा और ग्राहक अपेक्षाओं से जुड़ी नई चुनौतियां भी उभर रही हैं। ऐसे माहौल में एआई को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देखा जा रहा है। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि जिन बैंकों के पास डेटा का बेहतर उपयोग करने और एआई को अपने मुख्य व्यावसायिक ढांचे में एकीकृत करने की क्षमता होगी, वे भविष्य में अधिक प्रभावी और लाभदायक साबित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आने वाले वर्षों में एआई का प्रभाव ग्राहक सेवाओं से कहीं आगे बढ़कर नियामकीय अनुपालन, जोखिम निगरानी, मनी लॉन्ड्रिंग रोधी प्रणालियों, वित्तीय अपराधों की पहचान और साइबर खतरों के पूर्वानुमान तक पहुंचेगा। हालांकि इसके साथ डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदमिक पारदर्शिता और नियामकीय अनुपालन जैसी चुनौतियां भी बनी रहेंगी।
बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ती एआई प्रतिस्पर्धा के बीच एक्सिस बैंक की यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह पहल सफल रहती है तो अन्य बड़े बैंक भी एआई नेतृत्व से जुड़े विशेष पदों का सृजन कर सकते हैं और अपने डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रमों को अधिक आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं। एक्सिस बैंक का लक्ष्य एआई को अलग-अलग परियोजनाओं से निकालकर पूरे संगठन में एकीकृत करना है, ताकि ग्राहकों को अधिक तेज, सुरक्षित और व्यक्तिगत बैंकिंग अनुभव प्रदान किया जा सके।
