नई दिल्ली। पेंशन क्षेत्र में शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक तेज, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने एक नई एआई-संचालित डिजिटल प्रणाली ‘पीएफआरडीए पेंशन सहायक’ (PFRDA Pension Sahayak) लॉन्च की है। यह प्लेटफॉर्म नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) के ग्राहकों को शिकायत दर्ज कराने, उसकी स्थिति ट्रैक करने और समाधान प्रक्रिया की निगरानी करने की सुविधा एक ही मंच पर उपलब्ध कराएगा। नई व्यवस्था ने पूर्व में उपयोग की जा रही केंद्रीय शिकायत प्रबंधन प्रणाली (CGMS) का स्थान ले लिया है।
नियामक के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म केंद्र सरकार की नेक्स्ट जेनरेशन केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (CPGRAMS) की अवधारणा पर विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विभिन्न शिकायत निवारण माध्यमों को एकीकृत कर नागरिकों को सरल, सुलभ और तकनीक आधारित सेवा प्रदान करना है। यह प्रणाली वेब पोर्टल, मोबाइल प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी, जिससे देशभर के पेंशन ग्राहकों को शिकायत दर्ज कराने के लिए अलग-अलग चैनलों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उपयोगकर्ताओं को लॉगिन करने के लिए पीआरएएन (PRAN) संख्या याद रखने की आवश्यकता नहीं होगी। ग्राहक केवल अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से लॉगिन कर सकेंगे। यदि किसी मोबाइल नंबर से एक से अधिक पीआरएएन जुड़े हैं, तो वे सभी एक ही लॉगिन में दिखाई देंगे। अटल पेंशन योजना के ग्राहकों को भी भूले हुए पीआरएएन की जानकारी पुनः प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
प्लेटफॉर्म को अधिक समावेशी बनाने के लिए इसे भाषाई विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। भारतीय भाषा प्रौद्योगिकी मंच ‘भाषिणी’ के साथ एकीकरण के माध्यम से यह प्रणाली 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन करती है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों, वरिष्ठ नागरिकों और क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए शिकायत दर्ज कराना और समाधान प्राप्त करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा।
इस प्रणाली में वॉयस आधारित शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है। यानी उपयोगकर्ता केवल अपनी आवाज के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जवाब भी उनकी पसंदीदा भाषा में उपलब्ध कराया जा सकेगा। ऑडियो आधारित संचार व्यवस्था उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म का सीमित उपयोग करते हैं या लिखित प्रक्रिया में असुविधा महसूस करते हैं।
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एआई आधारित सहायता प्रणाली शिकायतों का स्वतः वर्गीकरण कर उन्हें संबंधित संस्था या विभाग तक पहुंचाने का कार्य करेगी। इससे मैन्युअल हस्तक्षेप कम होगा और शिकायतों के निस्तारण की गति बढ़ने की उम्मीद है। ग्राहक टेक्स्ट या वॉयस दोनों माध्यमों से शिकायत दर्ज कर सकेंगे, उसकी प्रगति को रियल-टाइम में देख सकेंगे और समाधान की समय-सीमा पर भी नजर रख पाएंगे।
यदि किसी शिकायत का निर्धारित समय के भीतर समाधान नहीं होता है, तो प्रणाली स्वतः उसे उच्च स्तर पर एस्केलेट कर देगी। ग्राहकों को एक क्लिक के माध्यम से एनपीएस ट्रस्ट के समक्ष शिकायत बढ़ाने की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, लोकपाल (Ombudsman) के समक्ष अपील भी उसी शिकायत टिकट के आधार पर डिजिटल माध्यम से की जा सकेगी, जिससे अलग से आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।
पीएफआरडीए के लिए यह मंच केवल शिकायत निवारण प्रणाली नहीं बल्कि एक निगरानी और प्रशासनिक उपकरण के रूप में भी कार्य करेगा। इसमें रियल-टाइम डैशबोर्ड, केंद्रीकृत निगरानी, उन्नत विश्लेषण और डेटा आधारित निर्णय लेने की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। नियामक शिकायतों की संख्या, समाधान की गुणवत्ता, एस्केलेशन के रुझान और विभिन्न मध्यस्थ संस्थाओं के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह पहल पेंशन क्षेत्र में डिजिटल प्रशासन और नागरिक सेवाओं को नई दिशा दे सकती है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण ग्राहकों और क्षेत्रीय भाषा उपयोगकर्ताओं के लिए यह प्लेटफॉर्म शिकायत निवारण प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की क्षमता रखता है।
