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Home»Policy Watch»Balmer Lawrie के संशोधित ऑडिट में नए संदिग्ध वेंडर भुगतान का खुलासा, CAG की टिप्पणियों के बाद सामने आई अतिरिक्त अनियमितताएं
Policy Watch

Balmer Lawrie के संशोधित ऑडिट में नए संदिग्ध वेंडर भुगतान का खुलासा, CAG की टिप्पणियों के बाद सामने आई अतिरिक्त अनियमितताएं

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJuly 8, 2026No Comments3 Mins Read
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FY26 के संशोधित ऑडिट में ₹1.62 करोड़ के संदिग्ध वेंडर लेनदेन, आंतरिक वित्तीय नियंत्रण में गंभीर कमियां और बाहरी जांच जारी; ऑडिट राय बरकरार
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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी Balmer Lawrie & Co. Ltd. के वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के संशोधित वैधानिक ऑडिट रिपोर्ट में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की टिप्पणियों के बाद नए संदिग्ध वेंडर लेनदेन और आंतरिक वित्तीय नियंत्रण से जुड़ी अतिरिक्त खामियां सामने आई हैं। हालांकि, संशोधित रिपोर्ट में कंपनी के समेकित वित्तीय विवरणों पर ऑडिटरों ने अपनी अनमॉडिफाइड (Unmodified) राय बरकरार रखी है।

1 जुलाई 2026 को जारी संशोधित ऑडिट रिपोर्ट ने 17 मई 2026 की पूर्व रिपोर्ट का स्थान लिया है। इसमें CAG की समीक्षा के बाद जोड़ी गई नई टिप्पणियों के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सबसे गंभीर मामला संदिग्ध वेंडर भुगतान से जुड़ा है। कंपनी द्वारा पिछले वर्ष संभावित अनियमित भुगतानों का पता लगाए जाने के बाद की गई आंतरिक समीक्षा में FY23 से FY25 के बीच के अतिरिक्त लेनदेन सामने आए। इसी दौरान उत्तरी क्षेत्र के शाखा ऑडिटर ने पूर्व वर्षों से संबंधित ₹1.62 करोड़ के अतिरिक्त संदिग्ध वेंडर लेनदेन की पहचान की, जिनकी जांच आवश्यक बताई गई।

कंपनी प्रबंधन ने इस राशि को संबंधित वेंडरों से वसूली योग्य (Recoverable) माना है और इसके बराबर का प्रावधान (Provision) भी बनाया है। हालांकि, ऑडिटरों ने कहा है कि स्वतंत्र बाहरी एजेंसी की जांच अभी जारी है, इसलिए इस मामले का अंतिम वित्तीय प्रभाव फिलहाल निर्धारित नहीं किया जा सकता।

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संशोधित ऑडिट रिपोर्ट में कंपनी की आंतरिक वित्तीय नियंत्रण प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। ऑडिटरों ने तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित देय राशियों, ग्राहकों के खातों के मिलान में विसंगतियों, अनआवंटित प्राप्तियों तथा समुचित दस्तावेजीकरण की कमी को प्रमुख कमजोरियों के रूप में चिन्हित किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी अब भी कई मामलों में मैनुअल रिकंसिलिएशन पर अत्यधिक निर्भर है और ग्राहक खातों के नियमित मिलान तथा निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

ऑडिटरों ने आंतरिक वित्तीय नियंत्रण की प्रभावशीलता पर Qualified Opinion जारी करते हुए ग्राहक और वेंडर बैलेंस की पुष्टि संबंधी प्रक्रियाओं तथा Balmerol Connect Plus लॉयल्टी कार्यक्रम में नियंत्रण संबंधी कमजोरियों का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में लगभग ₹16.56 लाख के कथित अनधिकृत डिजिटल लॉयल्टी कूपन रिडेम्प्शन का भी जिक्र किया गया है, जिसकी जांच के लिए कंपनी ने एक आंतरिक समिति गठित की है।

इसके अतिरिक्त ऑडिट रिपोर्ट में लंबित न्यायिक दायित्वों, रिफाइनरी एवं ऑयल फील्ड सर्विसेज व्यवसाय के बंद होने से जुड़े इम्पेयरमेंट चार्ज तथा एक सहायक कंपनी की गोइंग कंसर्न स्थिति से संबंधित मुद्दों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, ऑडिटरों का निष्कर्ष है कि ये सभी मामले कंपनी के FY26 के समेकित वित्तीय विवरणों पर दी गई समग्र ऑडिट राय में संशोधन की आवश्यकता उत्पन्न नहीं करते।

Balmer Lawrie ने कहा है कि संदिग्ध वेंडर भुगतानों और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र बाहरी जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक वित्तीय और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर महत्वपूर्ण संकेत देता है तथा जांच के अंतिम निष्कर्षों पर निवेशकों और नियामकीय संस्थाओं की विशेष नजर बनी रहेगी।

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