मुंबई/बेंगलुरु: देश में क्विक-कॉमर्स और ऑनलाइन ग्रॉसरी कारोबार तेजी से बढ़ने के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर कंपनियों के वेयरहाउस अब नियामकीय जांच के दायरे में आ गए हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की हालिया कार्रवाइयों में स्टोरेज, स्वच्छता, लेबलिंग और एक्सपायर्ड खाद्य उत्पादों से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आई हैं। मुंबई में Blinkit से जुड़े एक डार्क स्टोर का फूड लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि बेंगलुरु में Zepto के एक वेयरहाउस को सील कर दिया गया। इसी बीच Zomato के Hyperpure वेयरहाउस का भी निरीक्षण किया गया है।
मुंबई के Malad स्थित Blinkit से जुड़े डार्क स्टोर में महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) की जांच के दौरान कई खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियां मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, परिसर में एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद पाए गए। इसके अलावा स्टोरेज क्षेत्र में कॉकरोच भी मिले। कुछ खाद्य सामग्री जंग लगे रैक और फर्श पर रखी हुई थी, जबकि ताजे फल और सब्जियों के आसपास भी कॉकरोच की मौजूदगी दर्ज की गई।
जांच में पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं पाई गई। कचरे के प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी कमियां सामने आईं। अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के भंडारण की स्थिति को लेकर गंभीर आपत्तियां दर्ज कीं। इन कमियों के आधार पर FDA ने संबंधित सेंटर का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया और वहां से खाद्य पदार्थों की बिक्री तथा वितरण पर रोक लगा दी।
लाइसेंस निलंबन के दौरान यदि सेंटर से खाद्य कारोबार जारी रखा जाता है तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कार्रवाई से यह सवाल भी उठा है कि तेज डिलीवरी के दबाव में खाद्य उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और नियमित गुणवत्ता जांच को पर्याप्त प्राथमिकता दी जा रही है या नहीं।
उधर, बेंगलुरु के Hoskote Taluk क्षेत्र में Zepto के एक वेयरहाउस पर भी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कार्रवाई की। यह सेंटर Nippon Express द्वारा संचालित किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को लेबलिंग नियमों के पालन में कमियां मिलीं। कुछ उत्पादों को कथित तौर पर गलत जानकारी के साथ रखा गया था, जिसे मिसब्रांडिंग की श्रेणी में माना गया। खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्टोरेज की स्वच्छता से जुड़े मानकों में भी खामियां दर्ज की गईं।
जांच के दौरान कोल्ड रूम में ताजे खाद्य पदार्थों के साथ एक्सपायर्ड, खराब और कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए पैकेज्ड खाद्य उत्पाद भी रखे मिले। इससे खाद्य सामग्री के अलग-अलग वर्गों के सुरक्षित भंडारण को लेकर गंभीर सवाल उठे। अधिकारियों को फूड हैंडलर्स के स्वास्थ्य और फिटनेस रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं मिले। कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं पाई गई।
इन कमियों के बाद संबंधित Zepto वेयरहाउस को सील कर दिया गया। विभाग ने नोटिस जारी करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मामला सक्षम अधिकारी के समक्ष रखने की सिफारिश की है। कंपनी ने कहा है कि देशभर में खाद्य सुरक्षा की नियमित जांच होती है और उसने अधिकारियों के साथ सहयोग किया है। कंपनी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान सामने आई टिप्पणियों और सुझावों के आधार पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी बीच कर्नाटक Food Safety and Drug Administration ने 11 अगस्त को बेंगलुरु के Bannerghatta Road स्थित Zomato के Hyperpure वेयरहाउस का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां रखे खाद्य उत्पादों, उनके स्टोरेज और खाद्य सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की जांच की। हालांकि विभाग ने अभी निरीक्षण के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए हैं, इसलिए इस सेंटर पर किसी उल्लंघन को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, क्विक-कॉमर्स मॉडल में डिलीवरी का समय कम होने के कारण वेयरहाउस प्रबंधन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। एक्सपायर्ड उत्पादों को अलग रखना, तापमान नियंत्रित स्टोरेज, नियमित पेस्ट कंट्रोल, साफ-सफाई और कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच जैसे उपाय केवल नियामकीय औपचारिकताएं नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।
हालिया कार्रवाइयां ऐसे समय में सामने आई हैं जब Blinkit, Zepto और अन्य क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए किराना, फल-सब्जियां और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ घर तक पहुंचाने का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में वेयरहाउस स्तर पर खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी आने वाले समय में कंपनियों के लिए बड़ी compliance चुनौती बन सकती है।
