नई दिल्ली। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत ने फरवरी में टम्बलर रिज के एक स्कूल में हुई गोलीबारी के मामले में ओपनएआई और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन के खिलाफ अमेरिका की संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। प्रांत का आरोप है कि अगर कंपनी ने हमलावर की चैटजीपीटी बातचीत से मिली चेतावनी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाई होती, तो हमले को रोका जा सकता था।
सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में दायर शिकायत में ब्रिटिश कोलंबिया ने हमले के बाद राहत और पुनर्निर्माण पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए हर्जाने की मांग की है। इसके अलावा प्रांत ने अदालत से चैटजीपीटी की उन बातचीत को संभालने के तरीके में बदलाव का आदेश देने की मांग की है, जिनसे हिंसा का खतरा सामने आ सकता है।
टम्बलर रिज में 10 फरवरी को हुई गोलीबारी में नौ लोगों की मौत हुई थी, जिनमें अधिकांश बच्चे थे। पुलिस के अनुसार, 18 वर्षीय जेसी वैन रूटसेलार ने पहले अपने घर में अपनी मां और सौतेले भाई पर गोली चलाई और इसके बाद अपने पूर्व स्कूल में एक शैक्षणिक सहायक तथा 12 से 13 वर्ष की आयु के पांच छात्रों की हत्या कर दी। इसके बाद हमलावर ने आत्महत्या कर ली।
मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि हमलावर की चैटजीपीटी गतिविधियों को ओपनएआई की सुरक्षा टीम ने जून 2025 में ही चिन्हित कर लिया था। शिकायत में व्हिसलब्लोअर के हवाले से दावा किया गया है कि सुरक्षा टीम के सदस्यों ने पुलिस से संपर्क करने की सिफारिश की थी, लेकिन कंपनी के शीर्ष प्रबंधन ने ऐसा नहीं किया।
शिकायत के मुताबिक, हमलावर का चैटजीपीटी खाता बाद में बंद कर दिया गया था, लेकिन वह नया खाता बनाकर फिर मंच का इस्तेमाल कर सकी। ब्रिटिश कोलंबिया का आरोप है कि इसके बाद भी कंपनी ने ऐसी गतिविधियों को रोकने या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।
ओपनएआई के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी ने टम्बलर रिज की घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी सरकार और कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ सहयोग करने तथा अपनी सुरक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह मुकदमा ऐसे समय आया है जब ओपनएआई को हिंसा और चैटजीपीटी की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई अन्य मुकदमों का भी सामना करना पड़ रहा है। टम्बलर रिज गोलीकांड के पीड़ितों और प्रभावित लोगों के 30 से अधिक परिजनों ने भी कैलिफोर्निया की संघीय अदालत में कंपनी के खिलाफ मुकदमे दायर किए हैं। इन मामलों में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के पास हमले को रोकने का अवसर था।
मामले में सामने आए दावों के अनुसार, हमलावर की बातचीत को ओपनएआई ने हिंसक गतिविधियों के लिए अपने मॉडलों के संभावित दुरुपयोग की पहचान करने वाली प्रणालियों के तहत चिन्हित किया था। हालांकि कंपनी ने बाद में कहा कि उस समय सामने आई गतिविधियां उसकी आंतरिक व्यवस्था के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट करने की निर्धारित सीमा को पूरा नहीं करती थीं।
ब्रिटिश कोलंबिया के मुकदमे में स्कूल के पुनर्निर्माण और हमले के बाद मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं समेत अन्य खर्चों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के मुताबिक, जिस स्कूल में गोलीबारी हुई थी, उसे गिराने की प्रक्रिया चल रही है और उसकी जगह नया स्कूल तैयार करने का खर्च प्रांत को उठाना पड़ रहा है।
ओपनएआई के खिलाफ अमेरिका में सुरक्षा संबंधी मुकदमों का दायरा भी बढ़ा है। फ्लोरिडा ने जून में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए चैटजीपीटी की सुरक्षा को लेकर कई आरोप लगाए थे। कंपनी ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसके मॉडल ऐसे अनुरोधों को अस्वीकार करने के लिए प्रशिक्षित किए जाते हैं, जो हिंसा को प्रभावी ढंग से अंजाम देने में मदद कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि जब बातचीत से दूसरों को नुकसान पहुंचने का तत्काल और विश्वसनीय खतरा सामने आता है, तब कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किया जाता है।
ब्रिटिश कोलंबिया का नया मुकदमा अब अदालत के सामने यह सवाल रखता है कि हिंसा से जुड़े एआई संवादों की पहचान होने के बाद कंपनियों की जिम्मेदारी की सीमा क्या होनी चाहिए और संभावित खतरे की स्थिति में कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जानकारी साझा करने के लिए किस तरह के मानक लागू किए जाने चाहिए।
