बुखारेस्ट। रोमानिया के अभियोजकों ने 2024 में रद्द किए गए राष्ट्रपति चुनाव में प्रमुख दावेदार रहे कैलिन जॉर्जेस्कु के खिलाफ करीब ₹108 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में जांच शुरू की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जॉर्जेस्कु और दो अन्य संदिग्धों पर एक कारोबारी को यह विश्वास दिलाकर रकम लेने का आरोप है कि वे उसे किसी विदेशी वित्तीय संस्था से करीब ₹1,470 करोड़ तक की ऋण सीमा दिला सकते हैं।
अभियोजकों ने सोमवार सुबह जॉर्जेस्कु के घर पर छापेमारी की और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। पत्रकारों ने उनसे आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मामले में जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी है।
जांच के अनुसार, जॉर्जेस्कु और दो अन्य संदिग्धों ने कथित तौर पर मध्य रोमानिया के बुजाउ जिले के एक कारोबारी को विदेशी वित्तीय संस्था से बड़ी ऋण सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। अभियोजकों का आरोप है कि इस दावे के आधार पर कारोबारी से कुल करीब ₹108 करोड़ लिए गए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि रकम किस तरीके से हासिल की गई और आरोपियों के बीच इसका कथित तौर पर क्या लेनदेन हुआ।
जॉर्जेस्कु 2024 के रोमानियाई राष्ट्रपति चुनाव में प्रमुखता में आए थे और उन्हें रूस समर्थक रुख रखने वाला नेता माना जाता रहा है। दिसंबर 2024 में रोमानिया की संवैधानिक अदालत ने राष्ट्रपति चुनाव को रद्द कर दिया था। उस समय चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप के आरोप सामने आए थे। रोमानिया और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए रूस से जुड़े अभियान का आरोप लगाया था, जबकि मॉस्को ने इन आरोपों से इनकार किया था।
रद्द किए गए चुनाव के बाद मई 2025 में दोबारा मतदान कराया गया। इसमें यूरोप समर्थक मध्यमार्गी निकुसोर दान ने जीत हासिल की। जॉर्जेस्कु को दोबारा राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से रोक दिया गया, हालांकि वे अब भी रोमानिया की राजनीति में प्रभाव रखने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं।
धोखाधड़ी की नई जांच के अलावा जॉर्जेस्कु पहले से दो अलग-अलग मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इनमें एक मामला चुनाव रद्द होने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा को बाधित करने के कथित प्रयास से जुड़ा है। दूसरे मामले में उन पर 1930 के दशक के रोमानिया के फासीवादी नेताओं का समर्थन और प्रचार करने का आरोप है, जो देश के कानून के तहत अपराध है। जॉर्जेस्कु ने इन मामलों में किसी भी गलत काम से इनकार किया है।
2024 के चुनाव को रद्द किए जाने के बाद रोमानिया में राजनीतिक ध्रुवीकरण और संस्थानों के प्रति अविश्वास बढ़ने की बात सामने आई थी। अभियोजकों ने अलग-अलग आपराधिक जांचों के आधार पर रोमानिया को प्रभावित करने वाले कथित हाइब्रिड हमलों का एक पैटर्न सामने आने की बात कही है। उनके अनुसार, इन गतिविधियों में साइबर हमले, सार्वजनिक कार्यक्रम और ऑनलाइन दुष्प्रचार अभियान शामिल थे, जिनका संबंध रूस समर्थक प्रचार चैनलों से जोड़ा गया। रूस ने दुष्प्रचार अभियानों में शामिल होने के आरोपों से भी इनकार किया है।
नई धोखाधड़ी जांच में जॉर्जेस्कु की भूमिका, कथित वित्तीय लेनदेन और अन्य संदिग्धों के साथ उनके संबंधों की जांच की जा रही है। अभियोजन पक्ष की कार्रवाई के आधार पर मामले में आगे और पूछताछ या कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
