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Fraud Alert

₹23 लाख के फर्जी बॉन्ड निवेश घोटाले में पूर्व बैंक मैनेजर गिरफ्तार, 30% मासिक रिटर्न का दिया था झांसा

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksSeptember 18, 2026No Comments3 Mins Read
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चेन्नई में निवेशक को ‘आईबीएल बॉन्ड’ में भारी मुनाफे का लालच देकर रकम लगवाई; फर्जी कंपनी के खाते में चेक जमा कर निजी खातों में रकम ट्रांसफर करने का आरोप
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चेन्नई। चेन्नई में फर्जी बॉन्ड निवेश के नाम पर एक निवेशक से कथित तौर पर ₹23 लाख की धोखाधड़ी के मामले में 39 वर्षीय पूर्व बैंक रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने ‘आईबीएल बॉन्ड’ में निवेश पर हर महीने 30 फीसदी रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर पहले ₹15 लाख और बाद में ₹8 लाख निवेश करवाए। जांच के दौरान पुलिस ने कथित तौर पर ठगी में इस्तेमाल एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
मामले की शिकायत एक निवेशक ने दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2024 में एक रिश्तेदार के माध्यम से आरोपी से उसकी पहचान हुई थी। आरोपी ने उसे ‘आईबीएल बॉन्ड’ में निवेश करने पर 30 फीसदी मासिक रिटर्न का कथित प्रस्ताव दिया। भरोसा होने पर निवेशक ने ‘आईबीएल एंड कंपनी’ के नाम पर ₹15 लाख का चेक जारी किया।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, शुरुआत में उसे निवेश पर ब्याज के भुगतान मिले। इससे उसे योजना पर भरोसा हुआ और उसने मार्च 2025 में दोबारा ₹8 लाख का निवेश किया। इसके बाद अचानक ब्याज का भुगतान बंद हो गया। जब निवेशक ने रकम और रिटर्न के बारे में जानकारी मांगी तो कथित तौर पर उसे बताया गया कि कंपनी को वित्तीय नुकसान हुआ है और इसी वजह से भुगतान नहीं किया जा रहा।
शिकायत के आधार पर 22 अगस्त 2026 को वेस्ट जोन साइबर क्राइम पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद विशेष साइबर अपराध टीम ने जांच शुरू की। जांच में पुलिस को आरोपी की पिछली नौकरी और कथित तौर पर निवेशकों को निशाना बनाने के तरीके के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुलिस के अनुसार, आरोपी वर्ष 2019 से बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम कर रही थी। आरोप है कि उसने बैंक के ग्राहकों से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल संभावित निवेशकों की पहचान के लिए किया। इसके बाद फर्जी निवेश योजना को वास्तविक दिखाने के लिए कथित तौर पर एक अलग वेबसाइट डोमेन तैयार कराया गया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

जांच में सामने आया कि आरोपी ने एक वेब डेवलपर की मदद से ‘इंडियाबॉन्ड्सलिमिटेड’ नाम का कथित फर्जी डोमेन बनवाया था। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद ‘आईबीएल एंड कंपनी’ नाम से एक बैंक खाता खोला गया, जिसमें निवेशकों से प्राप्त चेक की रकम जमा की जाती थी। आरोप है कि रकम बाद में आरोपी के निजी बचत खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी।
पुलिस का यह भी आरोप है कि लैपटॉप की मदद से फर्जी बॉन्ड प्रमाणपत्र तैयार किए जाते थे। निवेशकों को इन प्रमाणपत्रों के साथ कथित तौर पर फर्जी ईमेल भी भेजे जाते थे, ताकि उन्हें निवेश और बॉन्ड जारी होने का भरोसा बना रहे। इस तरीके से पूरी व्यवस्था को वास्तविक निवेश योजना जैसा दिखाने की कोशिश की गई।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से नुंगमबक्कम और कोलाथुर थानों के अलावा केंद्रीय अपराध शाखा में धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब मामले में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी बॉन्ड योजना के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया, कितनी रकम जुटाई गई और निवेशकों की रकम को किन खातों में स्थानांतरित किया गया। पुलिस फरार बताए जा रहे अन्य संदिग्धों की भूमिका और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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