नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में 166 नए मामले सामने आने के बाद इस साल अब तक संक्रमित लोगों की संख्या 2,600 के पार पहुंच गई है। बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली सरकार ने अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने इंदिरा गांधी अस्पताल का दौरा कर H1N1 समेत सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अस्पतालों को मरीजों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से ऐसे मरीजों के लिए व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है जिन्हें फ्लू के गंभीर लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ सकती है। अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है।
24 घंटे में 166 नए मामले
दिल्ली में H1N1 संक्रमण के मामलों में हाल के दिनों में तेजी देखी गई है। पिछले 24 घंटे में 166 नए मामले सामने आने के बाद कुल संख्या 2,600 से अधिक हो गई। स्वास्थ्य विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था बनाए रखना है।
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के अधिकारियों और चिकित्सा कर्मचारियों से मरीजों के उपचार, आइसोलेशन व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि अगर आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अस्पताल अतिरिक्त दबाव से निपटने के लिए कितने तैयार हैं।
अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया
बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली के अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और अस्पतालों में उपलब्ध बेड, आइसोलेशन सुविधाओं तथा चिकित्सा कर्मचारियों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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स्वास्थ्य मंत्री बोले- घबराने की जरूरत नहीं
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से पैनिक नहीं करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह मौसमी फ्लू की तरह है और बड़ी संख्या में मरीज उपचार के बाद ठीक होकर घर लौट रहे हैं। हालांकि, उन्होंने लोगों से लापरवाही नहीं बरतने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर जरूरी सावधानी बरतने को कहा।
सरकार का कहना है कि मौजूदा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अस्पतालों की तैयारियों को भी समय-समय पर जांचा जा रहा है, ताकि संक्रमण के मामलों में और वृद्धि होने पर स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक दबाव न पड़े।
क्या है H1N1 और कैसे फैलता है संक्रमण?
H1N1 इन्फ्लूएंजा वायरस का एक प्रकार है, जो मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या सांस के दौरान निकलने वाली संक्रमित बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है।
इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी होता है।
बढ़ते मामलों के बीच सावधानी जरूरी
दिल्ली में 2,600 से अधिक मामलों और एक दिन में 166 नए संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां महत्वपूर्ण हो गई हैं। फिलहाल सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही अस्पतालों को संभावित बढ़ते दबाव के लिए तैयार रखा जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग आने वाले दिनों में संक्रमण के आंकड़ों पर नजर रखेगा। यदि मामलों में लगातार वृद्धि होती है तो अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं और मरीजों के प्रबंधन की क्षमता के आधार पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
