विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने विदेशी मूल के सोने की तस्करी के एक मामले में 8.98 करोड़ रुपये मूल्य का 5.832 किलोग्राम सोना जब्त किया है। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो कथित तौर पर कोलकाता से हैदराबाद की ओर जा रहे थे। अधिकारियों ने आठ और नौ अक्टूबर की मध्यरात्रि के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी के बाद एक कार को रोककर तलाशी ली। वाहन में विशेष रूप से बनाई गई गुप्त जगह से सोने के तीन पैकेट बरामद किए गए।
डीआरआई की विशाखापत्तनम इकाई को सोने की तस्करी के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध वाहन की तलाश शुरू की। कार को रोकने के लिए अधिकारियों को काफी देर तक उसका पीछा करना पड़ा। आखिरकार वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली गई। शुरुआती जांच के दौरान सोना आसानी से दिखाई नहीं दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने वाहन की गहन जांच की और उसमें सवार लोगों से पूछताछ की।
सीट के नीचे बनाई गई थी गुप्त जगह
तलाशी के दौरान अधिकारियों को कार की अगली यात्री सीट के नीचे विशेष रूप से बनाई गई एक गुप्त जगह का पता चला। काफी देर तक पूछताछ और वाहन की बारीकी से जांच करने के बाद इस छिपे हुए हिस्से का खुलासा हुआ। इसके अंदर तीन पैकेट रखे गए थे, जिनमें कुल 5,832 ग्राम सोना बरामद हुआ। जब्त सोने का अनुमानित मूल्य 8.98 करोड़ रुपये बताया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, तस्करी का यह तरीका सोने को सामान्य वाहन जांच के दौरान पकड़ में आने से बचाने के उद्देश्य से अपनाया गया था। कार में गुप्त जगह बनाकर सोने को छिपाया गया था, ताकि बाहर से देखने पर उसके परिवहन का पता नहीं चले। हालांकि, खुफिया जानकारी के आधार पर की गई निगरानी और विस्तृत तलाशी के कारण अधिकारियों को इस खेप को पकड़ने में सफलता मिली।
बांग्लादेश सीमा से भारत में लाया गया था सोना
डीआरआई के मुताबिक, जब्त किया गया विदेशी मूल का सोना भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते देश में तस्करी कर लाया गया था। इसके बाद इसे कोलकाता से हैदराबाद पहुंचाया जा रहा था। विशाखापत्तनम में की गई कार्रवाई के दौरान ही इस खेप को जब्त कर लिया गया। मामले में गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
विदेशी मूल के सोने की तस्करी के मामलों में सीमावर्ती क्षेत्रों से देश के विभिन्न शहरों तक खेप पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। इस मामले में भी सोने को एक शहर से दूसरे शहर ले जाने के लिए निजी कार का उपयोग किया जा रहा था। वाहन में छिपाने के लिए विशेष जगह बनाए जाने से संकेत मिलता है कि खेप को सामान्य तलाशी से बचाने की कोशिश की गई थी।
डीआरआई की कार्रवाई के बाद अब जांच का महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना होगा कि सोने की खेप की तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इसे हैदराबाद में किसे सौंपा जाना था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में तस्करी के पूरे नेटवर्क, सोने के अंतिम खरीदार या गिरफ्तार आरोपियों की विस्तृत भूमिका के बारे में अतिरिक्त विवरण सामने नहीं आया है।
विशाखापत्तनम में हुई यह जब्ती विदेशी मूल के सोने की तस्करी के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई का हिस्सा है। एजेंसी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगरानी के जरिए संदिग्ध वाहन को पकड़ा और गुप्त जगह में छिपाई गई बड़ी खेप बरामद की। मामले में आगे की जांच के जरिए तस्करी के मार्ग, इसमें शामिल लोगों और सोने की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी।
