हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद स्थित एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ने FIFA World Cup 2026 के मीडिया अधिकारों से जुड़े सौदे में लगभग ₹2 करोड़ की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर हैदराबाद पुलिस की सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) की आर्थिक अपराध शाखा (Economic Offences Wing) ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि अमेरिका स्थित एक कारोबारी और उसके सहयोगियों ने फर्जी वित्तीय दस्तावेज, बैंक गारंटी और निवेश के झूठे आश्वासन देकर कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
शिकायत मेटालॉइड प्रोडक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक प्रितीश कोल्लाटी ने दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनकी कंपनी ने भारतीय उपमहाद्वीप में FIFA World Cup 2026 के प्रसारण और डिजिटल मीडिया अधिकारों के लिए सफल बोली लगाई थी। हालांकि, एक राष्ट्रीय प्रसारक के साथ प्रस्तावित साझेदारी नहीं होने के बाद कंपनी ने FIFA की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निवेशकों की तलाश शुरू की।
इसी दौरान कंपनी का संपर्क अमेरिका स्थित Avni LLC का प्रतिनिधित्व करने का दावा करने वाले दिलीप म्हास्के उर्फ सैम से हुआ। शिकायत के अनुसार, उसने स्वयं को बड़े निवेश और प्रभावशाली व्यावसायिक संपर्कों वाला व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि उसकी कंपनी परियोजना में लगभग 5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब ₹430 करोड़) का निवेश कर सकती है। इस दावे के समर्थन में कथित बैंक स्टेटमेंट, वित्तीय गारंटी और अन्य दस्तावेज भी उपलब्ध कराए गए।
कंपनी का आरोप है कि दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख स्थित UBS बैंक से संपर्क करने पर संबंधित बैंक खाते और दस्तावेजों में उल्लिखित अधिकारियों का कोई सत्यापन नहीं हो सका। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसके बावजूद आरोपियों ने अतिरिक्त वित्तीय दस्तावेज और गारंटी उपलब्ध कराई, जिन्हें बाद में FIFA की ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया में कथित रूप से फर्जी अथवा सत्यापित न किए जा सकने वाले दस्तावेज पाया गया।
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शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर संपादित तस्वीरें और प्रचार सामग्री भी प्रसारित की, जिससे यह आभास कराया गया कि Avni LLC को FIFA मीडिया अधिकार प्राप्त हो चुके हैं। कंपनी का आरोप है कि इन दस्तावेजों और प्रस्तुतियों के आधार पर संभावित निवेशकों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, जिससे उसकी व्यावसायिक साख को भी नुकसान पहुंचा।
कंपनी का दावा है कि मीडिया अधिकार हासिल करने की प्रक्रिया में उसने लगभग ₹2 करोड़ का व्यय किया था। कथित धोखाधड़ी के कारण उसे वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा, प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और FIFA के साथ अनुबंध प्राप्त करने की संभावना भी कमजोर पड़ गई।
पुलिस ने दिलीप म्हास्के उर्फ सैम तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आर्थिक अपराध शाखा अब कथित वित्तीय दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, कॉर्पोरेट गारंटी, डिजिटल संचार और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की सत्यता और सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।
फिलहाल जांच जारी है। मामले में लगाए गए सभी आरोप जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं तथा अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजी साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड और न्यायालय में प्रस्तुत प्रमाणों के आधार पर ही सामने आएंगे।
