यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले में विदेश भेजने का झांसा देकर ₹35 लाख की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने विदेश में नौकरी और वीजा की प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा देकर पीड़ित परिवार से बड़ी रकम वसूल ली। इतना ही नहीं, वीजा प्रक्रिया के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसके लिए अलग से पैसे लेने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और इमिग्रेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मामला साढौरा थाना क्षेत्र का है। मेहमदपुर निवासी हेमराज ने शिकायत में बताया कि पंजाब के जालंधर निवासी बलजोत सिंह उर्फ गोरी ने उनके बेटे विशाल को विदेश भेजने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने दावा किया कि वह वीजा, दस्तावेज और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर जल्द ही उसे विदेश रवाना करा देगा।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी की बातों पर भरोसा कर परिवार ने सितंबर 2025 से मई 2026 के बीच अलग-अलग किश्तों में उसे कुल ₹35 लाख का भुगतान किया। यह रकम विदेश भेजने और संबंधित प्रक्रियाओं के नाम पर ली गई थी।
पीड़ित का आरोप है कि पूरी राशि लेने के बावजूद आरोपी ने न तो विशाल को विदेश भेजा और न ही किए गए वादे पूरे किए। जब परिवार ने विदेश भेजने या अपनी रकम वापस करने की मांग की तो आरोपी लगातार बहाने बनाकर टालमटोल करता रहा। इसके बाद परिवार को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने वीजा और विदेश भेजने की प्रक्रिया के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन दस्तावेजों के नाम पर भी परिवार से अतिरिक्त धनराशि ली गई। पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने पूरे घटनाक्रम के दौरान खुद को सक्षम और भरोसेमंद बताकर उनका विश्वास जीता और उसी का फायदा उठाकर बड़ी रकम हासिल कर ली।
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शिकायत मिलने के बाद साढौरा थाना पुलिस ने आरोपी बलजोत सिंह उर्फ गोरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित धाराओं के साथ-साथ इमिग्रेशन एक्ट के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब लेन-देन, दस्तावेजों की सत्यता और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी की है या नहीं। यदि जांच में ऐसे अन्य मामले सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश भेजने के नाम पर बढ़ती धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए लोगों को केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी इमिग्रेशन एजेंसियों की सेवाएं लेनी चाहिए। किसी भी एजेंट को बड़ी रकम देने से पहले उसके लाइसेंस, पंजीकरण और दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करना आवश्यक है। साथ ही सभी भुगतान बैंकिंग माध्यम से करने और रसीद सुरक्षित रखने से विवाद की स्थिति में कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
