गोरखपुर: मूंगफली और मसाला कारोबार में कथित टैक्स चोरी की जांच अब कई कारोबारियों और फर्मों तक पहुंचती दिख रही है। राज्य कर विभाग ने पादरी बाजार स्थित एक कोल्ड स्टोरेज संचालक समेत 50 से अधिक व्यापारियों को नोटिस जारी कर खरीद-बिक्री, भंडारण, ई-वे बिल और माल ढुलाई से जुड़े रिकॉर्ड मांगे हैं। जांच में कागजों पर दिखाई गई माल की आवाजाही और वाहनों के वास्तविक रूट के बीच कथित अंतर मिलने के बाद विभाग ने दस्तावेजों का मिलान तेज कर दिया है।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त की ओर से कोल्ड स्टोरेज संचालक को भेजे गए नोटिस में 5 अगस्त तक वहां रखे गए माल का पूरा विवरण मांगा गया है। इसमें किन व्यापारियों का माल आया, कितने समय तक स्टोर रहा, माल कहां से आया और किस स्थान पर भेजा गया, इसकी जानकारी शामिल है। साथ ही संबंधित ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेज और भाड़े का ब्योरा भी मांगा गया है।
50 से ज्यादा व्यापारियों से मांगा हिसाब
विभाग ने कोल्ड स्टोरेज में मूंगफली और मसाला रखने वाले 50 से अधिक कारोबारियों को भी नोटिस भेजे हैं। उनसे माल की खरीद का स्रोत, आपूर्ति का स्थान, परिवहन का माध्यम और उस पर जमा किए गए GST की जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज के रिकॉर्ड और कारोबारियों की ओर से दिए गए विवरण का मिलान किया जाएगा।
जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना है कि जिन लेनदेन को दस्तावेजों में वास्तविक खरीद-बिक्री के रूप में दिखाया गया, उनमें वास्तव में माल की आवाजाही हुई थी या नहीं। इसके लिए ई-वे बिल, वाहन नंबर, परिवहन रिकॉर्ड और टोल प्लाजा से प्राप्त जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
टोल रिकॉर्ड से उठे माल की आवाजाही पर सवाल
शाहजहांपुर से जुड़े एक मामले की जांच में विभाग को कथित तौर पर ऐसे लेनदेन मिले, जिनमें गोरखपुर की एक ट्रेडिंग कंपनी ने बंगाल में भी अपने नाम से पंजीकरण करा रखा था। रिकॉर्ड में बंगाल से माल खरीदने और फिर उसी माल की शाहजहांपुर की राइस मिल तथा ट्रेडिंग कंपनी को बिक्री दिखाई गई।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि कुछ मामलों में वास्तविक माल की आवाजाही किए बिना केवल बिलों का लेनदेन किया गया हो सकता है। अधिकारियों ने माल ढुलाई के लिए बताए गए वाहनों की टोल रिपोर्ट भी निकलवाई। प्रारंभिक जांच में कुछ वाहनों की आवाजाही संबंधित रूट पर नहीं मिलने से दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं।
शाहजहांपुर में ₹50 लाख से ज्यादा की संदिग्ध टैक्स चोरी
राज्य कर विभाग ने 6 अगस्त को पादरी बाजार स्थित कोल्ड स्टोरेज पर कार्रवाई की थी। विभाग को इनपुट मिला था कि कुछ कारोबारी बिहार और बंगाल के पते का इस्तेमाल कर मूंगफली की खरीद-बिक्री दिखाते हुए GST और मंडी टैक्स में कथित गड़बड़ी कर रहे हैं।
एक मामले में मूंगफली को रिकॉर्ड में शाहजहांपुर से बिहार के कारोबारी के पते पर भेजा जाना दिखाया गया, जबकि माल पादरी बाजार के कोल्ड स्टोरेज में रखा मिला। इसी इनपुट के आधार पर विभाग ने शाहजहांपुर की दो फर्मों पर कार्रवाई की, जहां प्रारंभिक जांच में ₹50 लाख से अधिक की संदिग्ध टैक्स चोरी सामने आई।
लाल डिग्गी में पांच घंटे चली जांच
इसी मामले की आगे की कड़ी में राज्य कर विभाग की टीम ने गुरुवार को साहबगंज के एक व्यापारी के लाल डिग्गी स्थित ठिकाने पर करीब पांच घंटे तक जांच की। टीम ने खरीद-बिक्री से संबंधित बिल, खातों और अन्य दस्तावेजों का मिलान किया। विभाग अब इन रिकॉर्ड को कोल्ड स्टोरेज से मिले दस्तावेजों और ई-वे बिल से जोड़कर देख रहा है।
फिलहाल विभाग ने टैक्स चोरी की अंतिम रकम को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, ई-वे बिल और परिवहन संबंधी साक्ष्यों की विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कर देनदारी तय होगी। जांच आगे बढ़ने पर अन्य फर्मों और कारोबारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
