लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे को यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अली को भी हिरासत में लिया है। नागपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की मदद से चलाए गए संयुक्त अभियान में तीनों को बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र के चिंचभवन स्थित प्रोजोन कैल्म अपार्टमेंट से पकड़ा गया। तीनों को स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके बाद उन्हें लखनऊ लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि शिवा की मौत की परिस्थितियों, कथित हत्या के पीछे की वजह और आरोपियों की अलग-अलग भूमिका का पता लगाया जा सके।
चौथी मंजिल से गिरकर हुई थी कारोबारी की मौत
मामला 9 अक्टूबर को सामने आया था, जब हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। बताया गया है कि शिवा पिछले करीब चार महीने से मॉडल श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। घटना के समय उसके शरीर पर केवल अंडरवियर था। उसके चेहरे पर लिपस्टिक लगी होने और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर सिगरेट से जलाने के निशान मिलने की बात भी सामने आई थी। इन परिस्थितियों ने मामले को और संदिग्ध बना दिया।
शिवा की मां रंजना शर्मा ने बेटे की मौत को हत्या बताते हुए श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर समेत अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उपलब्ध विवरणों में आरोपियों की संख्या और ड्राइवर के नाम को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। प्राथमिकी में श्रद्धा, रश्मि और दानिश उर्फ तनवीर अली के नाम प्रमुखता से सामने आए। परिजनों का आरोप है कि शिवा को चौथी मंजिल से धक्का दिया गया था। हालांकि, मौत की वास्तविक परिस्थितियों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होना है।
वीडियो जारी कर श्रद्धा ने खुद को बताया था निर्दोष
शिवा की मौत के बाद श्रद्धा फरार हो गई थी। 14 अक्टूबर को उसने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया और दावा किया कि शिवा कर्ज के बोझ से परेशान था तथा उसने आत्महत्या की थी। उसने यह भी कहा था कि 7 अक्टूबर की रात शिवा बीयर पीकर बीएमडब्ल्यू कार से उससे मिलने आया था। श्रद्धा ने अपनी बहन को भी मामले से अलग बताते हुए कहा था कि उसका घटना से कोई लेना-देना नहीं है।
इन बयानों के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। श्रद्धा और शिवा के पुराने वीडियो भी वायरल हुए। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पहले ₹25,000 का इनाम घोषित किया, जिसे बाद में बढ़ाकर ₹50,000 कर दिया गया। 17 अक्टूबर को अदालत से आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने की जानकारी भी सामने आई। फरारी के दौरान श्रद्धा का वीडियो सामने आने और उसके संभावित ठिकानों का पता लगाने में पुलिस को लगातार चुनौती का सामना करना पड़ा।
आगरा के होटल से नागपुर तक पहुंचने की कहानी
जांच के दौरान श्रद्धा की लोकेशन आगरा में मिलने की जानकारी सामने आई थी। बताया गया कि वह ताजनगरी क्षेत्र के ओम पैलेस होटल में बुर्का पहनकर ठहरी थी। पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वह वहां से निकल गई। इस घटनाक्रम के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई। अधिकारियों के अनुसार, फरारी के दौरान वह छोटे-छोटे लॉज में ठहर रही थी, पहचान छिपाने के लिए बुर्के का इस्तेमाल कर रही थी और मोबाइल फोन का उपयोग सीमित रख रही थी, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो।
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश पहले कार से दिल्ली पहुंचे। इसके बाद तीनों के विमान से नागपुर जाने की बात कही गई है। फरारी के दौरान नेपाल और दूसरे शहरों में छिपने की चर्चाएं भी सामने आई थीं। हालांकि, अलग-अलग ठिकानों और यात्रा के पूरे रास्ते की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
बहन और ड्राइवर की भूमिका भी जांच के घेरे में
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शिवा की मौत के समय फ्लैट में कौन-कौन मौजूद था और घटना के बाद श्रद्धा को लखनऊ से बाहर निकालने में किसने मदद की। रश्मि पर कथित तौर पर अपनी बहन को अलग-अलग शहरों में छिपाने में सहयोग करने का संदेह है। वहीं, ड्राइवर दानिश पर दोनों बहनों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने और फरारी में मदद करने के आरोपों की जांच की जा रही है। दानिश की बहन ने दावा किया था कि घटना वाले दिन से परिवार का उससे संपर्क नहीं हुआ और उन्हें मामले की जानकारी समाचारों से मिली।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस वाहन में बैठने को लेकर विवाद
गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो में श्रद्धा पुलिसकर्मियों और मीडिया के प्रति नाराजगी जताती दिखाई दी। उसने पुलिस वाहन की पिछली सीट पर बैठने से इनकार करते हुए कहा कि उसे और उसकी बहन को पीछे बैठने पर सांस लेने में परेशानी होती है। इस दौरान साथ मौजूद एक व्यक्ति ने पुलिस से कहा कि वे आतंकवादी नहीं, बल्कि परिवार के लोग हैं। इस घटनाक्रम ने गिरफ्तारी के बाद भी मामले को चर्चा में बनाए रखा।
विजयादशमी पर मां ने जताई न्याय की उम्मीद
शिवा की मां रंजना शर्मा ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए कहा कि विजयादशमी का दिन उनके लिए बेटे के न्याय की उम्मीद से जुड़ा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई पहले तेज हुई होती तो आरोपियों की गिरफ्तारी और जल्दी हो सकती थी।
अब पुलिस की प्राथमिकता तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर पूछताछ करना, घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाना और शिवा की मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि घटना के बाद फरारी की योजना कैसे बनाई गई, आरोपियों ने किन लोगों से संपर्क किया और अलग-अलग शहरों में उन्हें किसने मदद पहुंचाई। शिवा की मौत हत्या थी या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
