मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में सुनरख रोड स्थित एक फ्लैट से हुई ₹2.90 करोड़ की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि पीड़ित द्वारा बेटे जैसा माना जाने वाला युवक ही था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब ₹2 करोड़ नकद, घटना में इस्तेमाल टाटा पंच कार और अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, गुजरात निवासी राकेश प्रजापति की पत्नी का निधन हो चुका था। करीब चार महीने पहले उन्होंने मानव प्रजापति नामक युवक से दीक्षा ली थी और उसके आश्रम में रहने लगे थे। बाद में राकेश प्रजापति ने अपनी संपत्ति बेचकर करीब ₹2.90 करोड़ की रकम हासिल की और उसे लेकर मथुरा आ गए। उन्होंने सुनरख रोड पर एक फ्लैट लिया और धार्मिक गतिविधियों में रहने लगे।
इसी दौरान उनकी पहचान पास में गेस्ट हाउस संचालित करने वाले राजन और आलोक से हुई। पुलिस के मुताबिक, राकेश प्रजापति आलोक को अपने बेटे की तरह मानते थे। इसी कारण आलोक को उनकी संपत्ति बेचकर लाई गई बड़ी रकम और उसके रखे होने की जानकारी थी।
पुलिस जांच में आरोप है कि आलोक ने अपने साथियों राजन, हीरेन और प्रेम सागर के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। साजिश के तहत आरोपियों ने राकेश प्रजापति को मांट क्षेत्र में जमीन दिखाने के बहाने फ्लैट से बाहर ले गए। इसके बाद उनके साथियों ने फ्लैट का ताला और अलमारी तोड़कर ₹2.90 करोड़ नकद और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए सर्विलांस और अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने सोमवार रात करीब 3:30 बजे सुनरख रोड से हाईवे की ओर जाने वाले मार्ग पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से ₹2 करोड़ नकद, चोरी की रकम से खरीदी गई वस्तुएं और वारदात में इस्तेमाल टाटा पंच कार बरामद की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी की रकम लेकर विदेश भागने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने पासपोर्ट भी बनवा लिए थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की रकम को डॉलर में बदलने के लिए एक्सचेंज कराया था। करीब ₹50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके थे। इसमें से लगभग ₹20 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रेडिंग गतिविधियों में खर्च किए गए। पुलिस ने शेष करीब ₹17 लाख रुपये मूल्य के डॉलर को फ्रीज कराने की कार्रवाई की है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने चोरी की रकम से अपने शौक पूरे किए। पुलिस के अनुसार, उन्होंने सेकंड हैंड फॉक्सवैगन कार, महंगे आईफोन, सैमसंग फोल्ड मोबाइल, वीवो फोन, सोने के आभूषण, ब्रांडेड जूते और स्विमिंग किट जैसी वस्तुएं खरीदी थीं।
मथुरा पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की रकम के अन्य इस्तेमाल और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, बैंकिंग लेन-देन और खरीदी गई संपत्तियों की भी जांच कर रही है।
एसएसपी श्लोक कुमार ने चोरी की घटना का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए ₹25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। टीम में थाना जैंत पुलिस, सर्विलांस टीम और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और बरामद साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगी।
