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Home»क्राइम»भारत-म्यांमार ड्रग तस्करी नेटवर्क पर NCB का बड़ा प्रहार, ₹53 करोड़ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का सरगना गिरफ्तार
क्राइम

भारत-म्यांमार ड्रग तस्करी नेटवर्क पर NCB का बड़ा प्रहार, ₹53 करोड़ से जुड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का सरगना गिरफ्तार

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJuly 22, 2026No Comments3 Mins Read
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म्यांमार के चिन राज्य से संचालित कर रहा था मेथामफेटामाइन और हेरोइन की तस्करी; कई राज्यों और बांग्लादेश तक फैला था नेटवर्क, कई पुराने मामलों में था वांछित
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नई दिल्ली: भारत-म्यांमार सीमा के जरिए संचालित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कथित तौर पर पूरे सिंडिकेट को नियंत्रित करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार आरोपी म्यांमार के चिन राज्य से बैठकर मेथामफेटामाइन और हेरोइन की तस्करी के नेटवर्क को संचालित कर रहा था। यह नेटवर्क मणिपुर, मिजोरम, असम और त्रिपुरा के रास्ते भारत के कई हिस्सों के साथ-साथ बांग्लादेश तक फैला हुआ था। जांच में इस गिरोह से जुड़े मादक पदार्थों और अपराध से अर्जित संपत्तियों की कुल कीमत ₹53 करोड़ से अधिक बताई गई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नेंगज़ातुआन उर्फ तुआनपी के रूप में हुई है। वह म्यांमार के चिन राज्य के हैचिन क्षेत्र का निवासी बताया गया है। एनसीबी ने उसे मणिपुर के चुराचांदपुर से गिरफ्तार किया। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई कई महीनों तक चली खुफिया जानकारी जुटाने, तकनीकी निगरानी, अंतरराज्यीय समन्वय और विस्तृत जांच के बाद की गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी म्यांमार स्थित अंतरराष्ट्रीय सप्लायरों में प्रमुख भूमिका निभा रहा था। वह सीमा पार से मादक पदार्थों की खेप भारत भेजने वाले नेटवर्क को नियंत्रित करता था। मेथामफेटामाइन और हेरोइन को मणिपुर के रास्ते भारत में लाया जाता था, जिसके बाद इसे अलग-अलग राज्यों में सप्लाई किया जाता था। एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क के नेतृत्व, वित्तीय लेनदेन और सहयोगियों को खत्म करना है।

एनसीबी के मुताबिक नेंगज़ातुआन कई मादक पदार्थ मामलों में पहले से वांछित था। वह एनसीबी और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा दर्ज मामलों में मुख्य आरोपी है। तीन प्रमुख मामलों में उससे जुड़े नेटवर्क से लगभग 28.22 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट और 1.278 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इनकी अनुमानित कीमत ₹25 करोड़ से अधिक आंकी गई है।

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इसके अलावा आरोपी का संबंध चुराचांदपुर पुलिस, सिंगनगाट पुलिस और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा दर्ज सात अन्य एनडीपीएस मामलों से भी सामने आया है। जांच में मिले तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ और वित्तीय लेनदेन की जानकारी के आधार पर उसकी भूमिका की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तारी की गई।

एनसीबी की जांच में खुलासा हुआ है कि यह सिंडिकेट एक संगठित नेटवर्क की तरह काम कर रहा था। इसमें म्यांमार स्थित सप्लायर, सीमा पार से खेप पहुंचाने वाले कूरियर, परिवहन की व्यवस्था करने वाले लोग, स्थानीय सहयोगी, ड्रग्स प्राप्त करने वाले सदस्य और अवैध धन के प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल थे। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने में जुटी है।

जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े कई अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें असम के सिलचर निवासी अब्दुल्ला अहमद, मणिपुर के लालथलामुआंग पुलामते, नेंगुलटिनखुम ह्रांगंगुल और पाओमिनलेन मुनलो शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार इन आरोपियों की भूमिका तस्करी, भंडारण, परिवहन और वितरण से जुड़ी हुई थी।

एनसीबी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय जांच के जरिए म्यांमार में बैठे मुख्य संचालक तक पहुंच बनाई गई। एजेंसी अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फंडिंग चैनल और अवैध संपत्तियों की पहचान करने के लिए आगे की जांच कर रही है।

यह कार्रवाई मार्च 2026 में लाल्हमिंगसांगा और मई 2026 में थानसिंतुआंग की गिरफ्तारी के बाद एनसीबी की एक और बड़ी सफलता मानी जा रही है। एजेंसी के अनुसार भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी से जुड़े सभी प्रमुख चेहरों तथा वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी।

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