Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

Zomato ने ‘एनालॉग डेयरी’ से बने व्यंजनों पर लगाया जीरो-टॉलरेंस नियम, नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट होंगे प्लेटफॉर्म से बाहर

August 31, 2026

Subhash Chandra की ₹6.5 करोड़ वाली योजना पर घमासान, Union Bank-Canara Bank समेत तीन संस्थान पहुंचेंगे NCLAT

August 31, 2026

ED-NIA का डर, PFI लिंक और ‘Digital Arrest’: कर्नाटक के रिटायर्ड डॉक्टर से ₹1.79 करोड़ की ठगी

August 31, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Fraud Alert»Subhash Chandra की ₹6.5 करोड़ वाली योजना पर घमासान, Union Bank-Canara Bank समेत तीन संस्थान पहुंचेंगे NCLAT
Fraud Alert

Subhash Chandra की ₹6.5 करोड़ वाली योजना पर घमासान, Union Bank-Canara Bank समेत तीन संस्थान पहुंचेंगे NCLAT

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 31, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत दावों के मुकाबले महज 0.03 फीसदी भुगतान वाली योजना को सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों ने किया खारिज; 80.81% वोट वाले निजी ऋणदाताओं के समर्थन से NCLT ने दी मंजूरी
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email
मुंबई। Zee Group के संस्थापक और चेयरमैन Subhash Chandra की व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही में National Company Law Tribunal (NCLT) के फैसले के खिलाफ अब कानूनी लड़ाई तेज होने जा रही है। Union Bank of India (UK) Ltd, Canara Bank और LIC Housing Finance Ltd ने Chandra की ओर से पेश की गई repayment plan को मंजूरी देने वाले NCLT के आदेश को National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) में चुनौती देने का फैसला किया है। योजना के तहत ₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत दावों के मुकाबले Chandra को करीब ₹6.5 करोड़ का भुगतान करना है।
इस हिसाब से ऋणदाताओं को उनके स्वीकृत दावों का करीब 0.03 फीसदी ही वापस मिलने की स्थिति बनती है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने इस योजना का विरोध किया था, लेकिन निजी वित्तीय ऋणदाताओं की 80.81 फीसदी मतदान हिस्सेदारी के समर्थन से प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। अब विरोध करने वाले संस्थान NCLAT में इस फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं।
यह मामला Indiabulls Housing Finance Ltd की ओर से Subhash Chandra के खिलाफ दायर व्यक्तिगत दिवालिया मामले से जुड़ा है। Union Bank of India ने अपने बयान में कहा कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली UK इकाई Union Bank of India (UK) Ltd ने Canara Bank, LIC Housing Finance और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के साथ मिलकर repayment plan का विरोध किया था। इन संस्थानों ने NCLT से योजना को मंजूरी नहीं देने का अनुरोध किया था।
हालांकि, निजी ऋणदाताओं के बहुमत के कारण NCLT ने repayment plan को मंजूरी दे दी। Union Bank of India (UK) Ltd ने अब स्पष्ट किया है कि वह इस आदेश के खिलाफ NCLAT में अपील दाखिल करेगा। बैंक का कहना है कि उसने प्रस्तावित योजना को स्वीकार नहीं किया था और अपने हितों की रक्षा के लिए अपीलीय मंच का रुख किया जा रहा है।
Canara Bank ने भी repayment plan के खिलाफ मतदान किया था। बैंक के पास 1.60 फीसदी मतदान हिस्सेदारी थी, जबकि Union Bank of India के पास 0.76 फीसदी और LIC Housing Finance के पास 6.09 फीसदी हिस्सेदारी थी। तीनों संस्थानों ने Chandra की ओर से प्रस्तावित ₹6.25 करोड़ के repayment plan को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
इसके उलट अन्य निजी वित्तीय ऋणदाताओं के पास कुल 80.81 फीसदी मतदान हिस्सेदारी थी। इन ऋणदाताओं ने योजना के पक्ष में मतदान किया, जिसके बाद प्रस्ताव को आवश्यक बहुमत मिल गया। सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों की संयुक्त हिस्सेदारी कम होने के कारण उनका विरोध योजना को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
Canara Bank ने इस मामले में फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग भी की थी। बैंक के मुताबिक, उसकी अल्पमत मतदान हिस्सेदारी के कारण इस मांग को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। बैंक ने अब NCLT के आदेश को NCLAT में चुनौती देने का फैसला किया है। फोरेंसिक ऑडिट की मांग से यह संकेत मिलता है कि बैंक मामले में वित्तीय लेनदेन और दावों की विस्तृत जांच चाहता था।

Algoritha Security Launches ‘Make in India’ Cyber Lab for Educational Institutions

LIC Housing Finance ने भी कहा कि उसने Canara Bank और Union Bank of India (UK) Ltd समेत अन्य सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर repayment plan के खिलाफ मतदान किया था। कंपनी के मुताबिक, अन्य वित्तीय ऋणदाताओं की 80.81 फीसदी मतदान हिस्सेदारी के समर्थन के चलते योजना को मंजूरी मिली। LIC Housing Finance भी NCLAT में अपील दाखिल करने जा रही है।
इस मामले में HDFC Bank ने भी repayment plan पर आपत्ति जताई है। बैंक ने कहा था कि उसका स्वीकृत दावा कुल बताए गए दावे का केवल 3.2 फीसदी था। यह वित्तीय सुविधा पहले HDFC Ltd की ओर से दी गई थी और उसके विलय के बाद मामला HDFC Bank के पास आया। बैंक ने भी योजना के खिलाफ मतदान किया था और NCLAT में अपील दाखिल करने की संभावना पर विचार कर रहा है।
अब NCLAT में होने वाली सुनवाई में repayment plan की वैधता, ऋणदाताओं के दावों, मतदान प्रक्रिया और ₹22,006.57 करोड़ के स्वीकृत दावों के मुकाबले प्रस्तावित भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आ सकते हैं। सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों की अपील से Subhash Chandra की व्यक्तिगत दिवालिया कार्यवाही में NCLT के आदेश की समीक्षा का रास्ता खुल गया है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े स्वीकृत दावे के मुकाबले बेहद कम भुगतान वाली योजना को किस आधार पर मंजूरी दी गई और क्या अपीलीय मंच इसे बरकरार रखेगा। NCLAT के फैसले का असर न केवल Chandra की व्यक्तिगत दिवालिया प्रक्रिया पर पड़ेगा, बल्कि संबंधित ऋणदाताओं की संभावित वसूली पर भी इसका सीधा प्रभाव होगा।
📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous ArticleED-NIA का डर, PFI लिंक और ‘Digital Arrest’: कर्नाटक के रिटायर्ड डॉक्टर से ₹1.79 करोड़ की ठगी
Next Article Zomato ने ‘एनालॉग डेयरी’ से बने व्यंजनों पर लगाया जीरो-टॉलरेंस नियम, नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट होंगे प्लेटफॉर्म से बाहर
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

Zomato ने ‘एनालॉग डेयरी’ से बने व्यंजनों पर लगाया जीरो-टॉलरेंस नियम, नियम तोड़ने वाले रेस्टोरेंट होंगे प्लेटफॉर्म से बाहर

August 31, 2026

ED-NIA का डर, PFI लिंक और ‘Digital Arrest’: कर्नाटक के रिटायर्ड डॉक्टर से ₹1.79 करोड़ की ठगी

August 31, 2026

ढाबे से रेस्तरां तक, खाने में दिखे गड़बड़ी तो सीधे FSSAI से करें शिकायत; फोटो के साथ ऐसे दर्ज करें शिकायत

August 31, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.