नई दिल्ली: यूरोप के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में गिने जाने वाले ‘कम-एक्स’ (Cum-Ex) टैक्स फ्रॉड से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्विट्जरलैंड की सर्वोच्च अदालत ने नया फैसला सुनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने उन तीन व्यक्तियों के मामले को दोबारा सुनवाई के लिए ज्यूरिख हाई कोर्ट को वापस भेज दिया है, जिन पर बैंक गोपनीयता कानून का उल्लंघन करने और गोपनीय बैंक दस्तावेज लीक करने का आरोप है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जर्मनी सहित कई यूरोपीय देशों में बहु-अरब यूरो के कर घोटाले का खुलासा हुआ था।
स्विस फेडरल सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में हुई न्यायिक देरी और जांच अधिकारी पर लगाए गए कथित पक्षपात के आरोप मुकदमे को पूरी तरह समाप्त करने के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अब ज्यूरिख हाई कोर्ट इस मामले पर नए सिरे से निर्णय देगा।
यह मामला लंबे समय से कानूनी विवाद का विषय बना हुआ है। वर्ष 2019 में तीनों आरोपियों को बैंक जासूसी, बैंक गोपनीयता कानून का उल्लंघन और अन्य आरोपों में दोषी ठहराया गया था। हालांकि, 2021 में अपीलीय अदालत ने इस फैसले को पलट दिया था। इसके बाद कई वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया चलती रही और अंततः ज्यूरिख हाई कोर्ट ने जांच में हुई देरी तथा जांच अधिकारी की कथित निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मामला समाप्त कर दिया था।
ज्यूरिख लोक अभियोजक कार्यालय ने इस निर्णय को स्विस फेडरल सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। सर्वोच्च अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि न तो मुकदमे में हुई देरी और न ही कथित पक्षपात ऐसे कारण हैं जिनके आधार पर पूरी कार्यवाही को समाप्त किया जा सके। अदालत ने मामले को पुनः सुनवाई और नए निर्णय के लिए हाई कोर्ट को लौटा दिया।
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार, इस मामले में जर्मनी के स्टुटगार्ट के वकील एकार्ट साइट (Eckart Seith) भी शामिल हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने स्विस बैंक के दस्तावेज जर्मन अधिकारियों को उपलब्ध कराए थे, जिसके बाद अवैध ‘कम-एक्स’ लेनदेन की व्यापक जांच शुरू हुई। मामले में बैंक जे. सफरा सारासिन (J. Safra Sarasin) के दो पूर्व जर्मन कर्मचारियों पर भी आरोप लगाए गए हैं।
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रॉयटर्स के अनुसार, एकार्ट साइट और उनके वकीलों ने मामले पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने जर्मन मीडिया से कहा कि गंभीर अपराधों की जांच करना यूरोपीय कानूनी व्यवस्था के अनुरूप है और ऐसे मामलों में गोपनीयता की बाध्यता अपराधों की जांच में बाधा नहीं बननी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्विट्जरलैंड स्वयं को यूरोपीय कानूनी व्यवस्था से अलग नहीं रखेगा।
स्विट्जरलैंड के बैंक गोपनीयता कानून दुनिया के सबसे कड़े गोपनीयता प्रावधानों में गिने जाते हैं। इन कानूनों के तहत बैंक कर्मचारियों या किसी तीसरे पक्ष द्वारा ग्राहकों की गोपनीय वित्तीय जानकारी उजागर करना आपराधिक अपराध माना जाता है। उल्लेखनीय है कि इन प्रावधानों में व्हिसलब्लोअर के लिए अलग से कोई विशेष कानूनी छूट उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण यह मामला लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय बहस का विषय बना हुआ है।
‘कम-एक्स’ टैक्स फ्रॉड यूरोप के सबसे बड़े कर घोटालों में शामिल है। इस योजना के तहत बैंकों और निवेशकों ने लाभांश (डिविडेंड) वितरण के समय शेयरों की अत्यंत तेज गति से खरीद-फरोख्त कर ऐसी स्थिति बनाई कि सरकार को एक ही कर का कई बार रिफंड जारी करना पड़ा। इस जटिल वित्तीय व्यवस्था के कारण सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। जर्मनी के वित्त मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, इस घोटाले से केवल जर्मनी को ही लगभग 12 अरब यूरो का नुकसान हुआ, जिसके बाद सरकार ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी थी।
स्विस फेडरल सुप्रीम कोर्ट का यह ताजा फैसला अब इस बहुचर्चित मामले को एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया में ले आया है। ज्यूरिख हाई कोर्ट को अब सर्वोच्च अदालत के निर्देशों के अनुरूप नए सिरे से सभी कानूनी और तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार करते हुए फैसला सुनाना होगा। इस निर्णय पर यूरोप के वित्तीय नियामकों, बैंकिंग क्षेत्र और व्हिसलब्लोअर संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों की भी करीबी नजर बनी हुई है।
