कोठागुडेम: तेलंगाना पुलिस ने लगभग ₹52 करोड़ के कथित निवेश घोटाले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को केरल से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जांच के दौरान 35 ऐसे वाहनों को भी जब्त किया है, जिनके बारे में आशंका है कि उन्हें कथित धोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदा गया था। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी ने फर्जी साझेदारी योजनाओं और ऊंचे मुनाफे का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से निवेश कराया तथा विश्वास जीतने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य पीड़ितों की पहचान, धन के पूरे प्रवाह (मनी ट्रेल) का पता लगाने और कथित रूप से अर्जित अन्य संपत्तियों का पता लगाने की कार्रवाई जारी है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी बेथमपुडी भारत कुमार को केरल के कोट्टायम जिले के पाला कस्बे से गिरफ्तार किया गया। उसे ट्रांजिट वारंट पर तेलंगाना लाया गया, जहां लक्ष्मीदेवीपल्ली पुलिस थाने में दर्ज मामले में उससे पूछताछ की जा रही है। यह मामला भारपति श्रीनिवास राव की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, भारत कुमार स्वयं को सरपाका स्थित आईटीसी पेपरबोर्ड्स का श्रम ठेकेदार बताता था और लोगों को ठेका परियोजनाओं में साझेदार बनाकर निवेश करने के लिए प्रेरित करता था। आरोप है कि वह निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का भरोसा देता था और दावा करता था कि उन्हें परियोजनाओं के लाभ में चार प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी।
पुलिस का आरोप है कि निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने फर्जी साझेदारी समझौते और जाली व्यावसायिक दस्तावेज तैयार किए। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर लोगों को बड़ी रकम निवेश करने के लिए राजी किया गया। कथित धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए बीके नायडू एंड कंपनी और राजेश्वरी ट्रैवल्स नामक व्यावसायिक संस्थाओं का भी उपयोग किए जाने का आरोप है।
जांच के दौरान पुलिस ने कथित अपराध से अर्जित धन से खरीदे गए 35 वाहनों को जब्त किया। इनमें छह बसें, एक पानी का टैंकर, तीन ट्रैक्टर, दो कृषि उपकरण, सात कारें, 14 दोपहिया वाहन और दो ट्रेलर शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि निवेशकों से एकत्र की गई धनराशि का उपयोग इन परिसंपत्तियों की खरीद में किया गया।
जांच एजेंसियों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने कथित रूप से ठगी की रकम का निवेश अचल संपत्तियों में किया। पुलिस के अनुसार, भद्राचलम की राजीव नगर कॉलोनी में स्थित एक तीन मंजिला इमारत और एक भूखंड भी कथित अपराध की आय से खरीदे गए। इन संपत्तियों की भी वित्तीय जांच की जा रही है।
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अधिकारियों ने बताया कि बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों और अन्य व्यावसायिक रिकॉर्ड की गहन जांच जारी है ताकि धन के पूरे प्रवाह का पता लगाया जा सके। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस कथित धोखाधड़ी में अन्य व्यक्ति या संस्थाएं भी शामिल थीं और क्या आरोपी से जुड़ी अन्य संपत्तियों का पता लगाकर उन्हें जब्त किया जा सकता है।
पुलिस उन निवेशकों की भी पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने अब तक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्होंने आरोपी के माध्यम से निवेश किया है या उनके पास मामले से जुड़ी कोई जानकारी है, तो वे जांच में सहयोग करें।
मीडिया को जानकारी देते हुए कोठागुडेम के उप पुलिस अधीक्षक एल. आदिनारायण ने कहा कि जांच का मुख्य उद्देश्य पूरे मनी ट्रेल का पता लगाना और कथित अपराध से अर्जित प्रत्येक संपत्ति की पहचान करना है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पुलिस अधीक्षक बी. रोहित राजू ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और मामले का खुलासा करने के लिए लक्ष्मीदेवीपल्ली पुलिस तथा जिला टास्क फोर्स की सराहना की। पुलिस ने लोगों से किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करने और असामान्य या अत्यधिक मुनाफे के वादों से सावधान रहने की अपील की।
