ताइपेई। ताइवान के अभियोजकों ने चीन में निर्मित कुछ प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) को कथित तौर पर ताइवान में निर्मित बताकर लेबल करने के संदेह में ताइवान की PCB निर्माता कंपनी Unimicron Technology के परिसरों की तलाशी ली है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ताइवान सरकार चीन में बने उत्पादों को दूसरे देशों के मूल के उत्पाद के रूप में पेश किए जाने की प्रथा पर सख्ती बढ़ा रही है।
उत्तरी ताइवान के ताओयुआन शहर के अभियोजकों के अनुसार, जांच टीम ने कंपनी के दो ठिकानों पर तलाशी ली और मामले से जुड़े 18 संदिग्धों तथा गवाहों से पूछताछ की। अधिकारियों ने कहा कि चीन में बने प्रिंटेड सर्किट बोर्ड को गलत तरीके से ताइवान का उत्पाद बताना संबंधित कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। मामले में दस्तावेजों की जालसाजी का पहलू भी जांच के दायरे में है।
अभियोजकों के अनुसार, जांच का मुख्य बिंदु यह पता लगाना है कि क्या कंपनी या उससे जुड़े लोगों ने चीन में निर्मित PCB की वास्तविक उत्पत्ति छिपाकर उन्हें ताइवान में बने उत्पाद के रूप में पेश किया। इस तरह की प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में ‘origin washing’ कहा जाता है। इसमें किसी उत्पाद के वास्तविक निर्माण देश को बदलकर या छिपाकर उसे ऐसे देश का उत्पाद बताया जाता है जहां से उसे अधिक अनुकूल व्यापार या शुल्क व्यवस्था मिल सकती है।
Unimicron ने तत्काल अभियोजकों की कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि, कंपनी ने शुक्रवार रात ताइवान स्टॉक एक्सचेंज को दिए बयान में पुष्टि की कि उसके कार्यालयों की तलाशी ली गई है। कंपनी ने कहा कि वह जांच में अभियोजकों के साथ पूरा सहयोग करेगी।
ताइवान सरकार पिछले कुछ समय से उन कंपनियों पर निगरानी बढ़ा रही है जिन पर चीन में बने सामान को ताइवान या किसी अन्य देश में निर्मित बताकर व्यापारिक लाभ हासिल करने का संदेह है। अधिकारियों की चिंता यह है कि गलत मूल-प्रमाणन के जरिए कंपनियां उन उत्पादों पर लागू होने वाले अधिक आयात या निर्यात शुल्क से बच सकती हैं जो सीधे चीन से भेजे जाने पर ऊंचे शुल्क के दायरे में आते हैं।
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यह मुद्दा केवल ताइवान तक सीमित नहीं है। अमेरिका समेत कई देश चीन से आने वाले सामान पर शुल्क और व्यापार प्रतिबंधों को लेकर लगातार सख्त रुख अपना रहे हैं। ऐसे माहौल में उत्पादों के वास्तविक मूल देश की जानकारी व्यापारिक नियमों और सीमा शुल्क व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हो गई है।
अमेरिकी व्हाइट हाउस ने इस महीने कहा था कि तीसरे देशों के जरिए चीन समेत अन्य देशों के सामान को भेजकर अमेरिकी आयात शुल्क से बचने की कोशिशों के कारण अमेरिका को हर साल करीब $19 बिलियन से $26 बिलियन के संभावित टैरिफ राजस्व का नुकसान हो रहा है। ऐसे मामलों में कंपनियां सीधे चीन से सामान भेजने के बजाय किसी तीसरे देश के जरिए उसे अमेरिकी बाजार तक पहुंचाने की कोशिश कर सकती हैं, जिससे उत्पाद के वास्तविक मूल को लेकर जांच की जरूरत बढ़ जाती है।
Unimicron पर चल रही जांच में अब अभियोजक कंपनी के दस्तावेजों, उत्पादों के निर्माण रिकॉर्ड और उनकी सप्लाई चेन से जुड़े विवरणों की जांच कर सकते हैं। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि चीन में निर्मित PCB को किस प्रक्रिया के तहत ताइवान निर्मित उत्पाद के रूप में चिह्नित किया गया और क्या इससे किसी शुल्क या व्यापारिक लाभ का फायदा उठाया गया।
कानूनी विशेषज्ञों के लिए इस मामले का महत्व इसलिए भी है क्योंकि उत्पाद की गलत उत्पत्ति बताना केवल व्यापारिक नियमों का उल्लंघन नहीं हो सकता, बल्कि यदि जानबूझकर गलत दस्तावेज या प्रमाणपत्र तैयार किए गए हों तो आपराधिक जांच का आधार भी बन सकता है। अभियोजकों ने फिलहाल आरोपों की जांच शुरू की है और तलाशी तथा पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले में अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि Unimicron या उससे जुड़े किसी व्यक्ति ने जानबूझकर चीन में निर्मित उत्पादों को ताइवान का बताकर लेबल किया था या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो इससे कंपनी को कोई अनुचित व्यापारिक या शुल्क संबंधी लाभ मिला था या नहीं।
