कोलकाता: दिल्ली कैपिटल्स और बंगाल के क्रिकेटर अभिषेक पोरेल को मेडिकल छात्रा की शिकायत से जुड़े कथित दुष्कर्म और आपराधिक धमकी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने 11 अगस्त को उन्हें हिरासत में लिया। यह कार्रवाई कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश के बाद हुई, जिसमें पुलिस को पोरेल और मामले में नामजद एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार करने तथा उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने का निर्देश दिया गया था।
मामला हुगली जिले के मोगरा थाने में दर्ज शिकायत से जुड़ा है। शिकायत एक तीसरे वर्ष की मेडिकल छात्रा ने की थी। महिला ने आरोप लगाया कि वह और पोरेल लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और उनके बीच संबंध थे। शिकायत के मुताबिक, पोरेल ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और इसी आश्वासन के आधार पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। बाद में महिला ने आरोप लगाया कि क्रिकेटर ने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी और शादी के वादे से पीछे हट गया।
शिकायत में महिला ने मारपीट, धमकी और मानसिक उत्पीड़न के भी आरोप लगाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके निजी फोटो और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। इसी वजह से अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तत्काल कब्जे में लेने का निर्देश दिया था, ताकि कथित आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री का प्रसार रोका जा सके और मामले से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके।
मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले अदालत में सवाल उठे थे। इसके बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने जुलाई में पुलिस को पोरेल को तलाशकर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। अदालत ने जांच आगे बढ़ाने के साथ उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने को भी कहा था। अदालत के निर्देश के बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई पूरी की।
पुलिस शिकायत के अनुसार, महिला और पोरेल की मुलाकात जनवरी 2023 में हुई थी और अप्रैल 2023 से दोनों लगातार संपर्क में थे। महिला का दावा है कि दोनों के परिवारों के स्तर पर भी शादी को लेकर बातचीत हुई थी। शिकायत में अप्रैल 2026 की एक घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया कि जब वह पोरेल से मिलने गई थी, तब उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, उसे अलग रखा गया और भोजन से वंचित किया गया। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इन आरोपों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
मामले में डिजिटल साक्ष्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पोरेल के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेने का उद्देश्य कथित निजी तस्वीरों और अन्य सामग्री के प्रसार को रोकने के साथ यह पता लगाना भी है कि आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच किस तरह का डिजिटल संवाद हुआ था। पुलिस पहले ही एक पेन ड्राइव जब्त कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज चुकी थी।
पोरेल ने इससे पहले अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। इसलिए मामले में सामने आए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट होगी। गिरफ्तारी अपने आप में आरोपों को साबित नहीं करती और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
अभिषेक पोरेल बंगाल के बाएं हाथ के बल्लेबाज और विकेटकीपर हैं। वह 2023 से इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बंगाल के लिए 2021-22 सत्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट से पदार्पण किया था। अब उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया उनके क्रिकेट करियर के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन पर भी असर डाल सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े आरोपों, डिजिटल सामग्री और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद हुई गिरफ्तारी के साथ जांच का अगला चरण आरोपी से पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि से जुड़ा होगा।
