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Home»Fraud Alert»क्रिप्टो निवेश घोटाले में Delio CEO को 15 साल की सजा, अदालत ने 2,800 लोगों से ₹1,460 करोड़ की ठगी के मुख्य आरोप से किया बरी
Fraud Alert

क्रिप्टो निवेश घोटाले में Delio CEO को 15 साल की सजा, अदालत ने 2,800 लोगों से ₹1,460 करोड़ की ठगी के मुख्य आरोप से किया बरी

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 14, 2026No Comments4 Mins Read
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करीब ₹410 करोड़ के क्रिप्टो एसेट्स से जुड़ी धोखाधड़ी में दोषी करार; अदालत ने गबन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल को गंभीर अपराध माना, अभियोजन ने मांगी थी 20 साल की सजा
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सियोल: दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने क्रिप्टोकरेंसी निवेश मंच Delio के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Jeong Sang-ho को डिजिटल एसेट्स से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले में 15 साल जेल की सजा सुनाई है। सियोल सदर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने Jeong को ग्राहकों से करीब 70 अरब कोरियाई वॉन यानी लगभग ₹410 करोड़ मूल्य की क्रिप्टो संपत्तियों से जुड़े अधिकांश आरोपों में दोषी पाया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 20 साल की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने अभियोजन के एक प्रमुख आरोप को खारिज करते हुए अपेक्षाकृत कम सजा सुनाई।

अदालत के फैसले के मुताबिक Jeong को मुख्य रूप से ग्राहकों की संपत्तियों के गबन और वर्चुअल एसेट सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर पंजीकरण कराने के लिए झूठे दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामलों में दोषी ठहराया गया। अदालत ने माना कि आरोपी ने बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया और अपराध को अंजाम देने का तरीका तथा नुकसान का व्यापक स्तर इसे गंभीर बनाता है।

हालांकि, अदालत ने Jeong को उस मुख्य धोखाधड़ी के आरोप से बरी कर दिया, जिसमें करीब 2,800 लोगों से लगभग 250 अरब कोरियाई वॉन यानी करीब ₹1,460 करोड़ की क्रिप्टो संपत्ति ठगने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने इस आरोप में इस्तेमाल किए गए कुछ महत्वपूर्ण सबूतों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने माना कि सर्वर ऑपरेटर से तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया के दौरान हासिल किए गए सबूत कानूनी तरीके से एकत्र नहीं किए गए थे। इसी वजह से अभियोजन के इस प्रमुख आरोप को साबित करने के लिए उपलब्ध साक्ष्य पर्याप्त नहीं माने गए।

फैसले में अदालत ने Jeong के अपराध की गंभीरता पर भी कड़ी टिप्पणी की। अदालत के अनुसार आरोपी ने बड़ी रकम को बड़ी संख्या में पीड़ितों से हासिल किया और अपराध को अंजाम देने के लिए अपनाए गए तरीके तथा नुकसान के पैमाने को देखते हुए मामला बेहद गंभीर है। अदालत ने यह भी कहा कि गंभीर आर्थिक नुकसान झेलने वाले पीड़ितों से आरोपी को अब तक क्षमा नहीं मिली है।

अदालत ने Jeong को हिरासत में रखने का भी आदेश दिया। रिपोर्ट के अनुसार अदालत ने उसके फरार होने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया। इस फैसले के साथ Delio से जुड़े लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद में महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई हुई है।

Delio ने खुद को डिजिटल एसेट बैंक के तौर पर प्रचारित किया था और ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी जमा पर आकर्षक रिटर्न देने की पेशकश की थी। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों को अपनी डिजिटल संपत्तियां जमा करने के बदले रिटर्न मिलने की उम्मीद थी। लेकिन जून 2023 में कंपनी ने अचानक निकासी रोक दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्राहक अपनी क्रिप्टो संपत्तियों तक पहुंच नहीं बना सके और कंपनी की वित्तीय स्थिति पर गंभीर सवाल उठने लगे।

निकासी बंद होने के बाद Delio के खिलाफ कानूनी और वित्तीय कार्रवाई तेज हुई। नवंबर 2024 में कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया गया। इसके बाद ग्राहकों की संपत्तियों, कंपनी के संचालन और प्रबंधन की भूमिका को लेकर जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।

इस मामले में 15 साल की सजा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि दक्षिण कोरिया में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े निवेश और डिजिटल एसेट कारोबार पर नियामकीय निगरानी लगातार कड़ी हो रही है। Delio मामले ने यह सवाल भी उठाया कि उच्च रिटर्न का वादा करने वाले डिजिटल एसेट प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की जमा संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए कितनी मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए।

अदालत का फैसला यह भी दिखाता है कि बड़े वित्तीय नुकसान वाले मामलों में अभियोजन के आरोपों के साथ-साथ सबूत जुटाने की कानूनी प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। Jeong को कई गंभीर आरोपों में दोषी ठहराए जाने के बावजूद मुख्य धोखाधड़ी आरोप से बरी किया जाना इसी कानूनी पहलू का परिणाम है।

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