कन्नौज: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे के बाद कथित सोना तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। तालग्राम क्षेत्र में पुलिस की सरकारी जीप से टकराई ब्रेजा कार की तलाशी के दौरान 10.37 किलोग्राम सोने की 10 ईंटें बरामद की गईं। बरामद सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब ₹16 करोड़ बताई गई है। पुलिस ने कार सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मामला सामने आने के बाद कस्टम और राज्यकर विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब दो बजे सकरावा थानाध्यक्ष की सरकारी जीप ड्यूटी से लौट रही थी। तालग्राम क्षेत्र में निकवा गांव के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने पुलिस जीप में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों को नुकसान पहुंचा, हालांकि जीप में सवार पुलिसकर्मी सुरक्षित बच गए।
हादसे के बाद पुलिस ने ब्रेजा कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से एक बैग बरामद हुआ, जिसमें सोने की 10 ईंटें रखी थीं। वजन करने पर सोने का कुल वजन 10.37 किलोग्राम निकला। अधिकारियों के मुताबिक, बरामद सोने की कीमत बाजार में करीब ₹16 करोड़ आंकी गई है। कार सवार दोनों लोग सोने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
पुलिस ने कार चालक संदीप जायसवाल को हिरासत में लिया है। वह महाराजगंज जिले के ठूठीबाड़ी का रहने वाला बताया गया है। उसके साथ नेपाल के पाल्पा जिले के हुंगी गांव निवासी सरोज पंथ भी पकड़ा गया है। दोनों से सोने की खेप के स्रोत, गंतव्य और इससे जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की गई।
प्रारंभिक पूछताछ में संदीप ने कथित तौर पर बताया कि महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा के पास परचून की दुकान चलाने वाले रियाज नामक व्यक्ति ने उसे फोन कर गोरखपुर बुलाया था। वहां पहुंचने पर उसकी मुलाकात नेपाल निवासी सरोज पंथ से हुई। पुलिस के मुताबिक, सरोज के पास सोने की ईंटों से भरा बैग था।
आरोप है कि संदीप को सरोज को कार से दिल्ली के दरियागंज पहुंचाने के लिए कहा गया था। कथित योजना के अनुसार, दरियागंज पहुंचने के बाद कार का नंबर और एक गुप्त कोड देखकर सोने की खेप किसी अज्ञात व्यक्ति को सौंपनी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी व्यवस्था के पीछे कौन लोग हैं और सोना कहां से लाया गया था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद जीएसटी उपायुक्त हरेकृष्ण राय और लखनऊ से कस्टम एवं सीमा शुल्क निवारण विभाग के अधीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। संबंधित विभागों ने सोने की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। दोनों हिरासत में लिए गए लोगों से सोने की खरीद, परिवहन और संभावित डिलीवरी से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध कागजात पेश नहीं कर सके।
अधिकारियों ने बरामद सोने को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों को विस्तृत पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया गया है। जांच में भारत-नेपाल सीमा से लेकर गोरखपुर और दिल्ली तक कथित तस्करी नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामला सीधे तौर पर सोने की तस्करी से जुड़ा प्रतीत होने के कारण आगे की कार्रवाई कस्टम और राज्यकर विभाग को सौंपी गई है। कस्टम विभाग मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सोने के स्रोत, नेटवर्क में शामिल लोगों और खेप के अंतिम खरीदार की पहचान की जांच करेगा। पुलिस भी हादसे से जुड़े तथ्यों और कार की भूमिका की जानकारी संबंधित एजेंसियों के साथ साझा कर रही है।
