Author: Team Bharat Speaks
बुखारेस्ट। रोमानिया के अभियोजकों ने 2024 में रद्द किए गए राष्ट्रपति चुनाव में प्रमुख दावेदार रहे कैलिन जॉर्जेस्कु के खिलाफ करीब ₹108 करोड़ की कथित धोखाधड़ी के मामले में जांच शुरू की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, जॉर्जेस्कु और दो अन्य संदिग्धों पर एक कारोबारी को यह विश्वास दिलाकर रकम लेने का आरोप है कि वे उसे किसी विदेशी वित्तीय संस्था से करीब ₹1,470 करोड़ तक की ऋण सीमा दिला सकते हैं। अभियोजकों ने सोमवार सुबह जॉर्जेस्कु के घर पर छापेमारी की और उन्हें पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। पत्रकारों ने उनसे आरोपों पर प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन उन्होंने…
नई दिल्ली। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत ने फरवरी में टम्बलर रिज के एक स्कूल में हुई गोलीबारी के मामले में ओपनएआई और उसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन के खिलाफ अमेरिका की संघीय अदालत में मुकदमा दायर किया है। प्रांत का आरोप है कि अगर कंपनी ने हमलावर की चैटजीपीटी बातचीत से मिली चेतावनी स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाई होती, तो हमले को रोका जा सकता था। सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में दायर शिकायत में ब्रिटिश कोलंबिया ने हमले के बाद राहत और पुनर्निर्माण पर होने वाले खर्च की भरपाई के लिए हर्जाने की मांग की है।…
नई दिल्ली। Apple के ₹2,200 करोड़ के समझौते से जुड़े दावे की प्रक्रिया अमेरिका में पात्र iPhone ग्राहकों के लिए शुरू हो गई है। यह समझौता Siri के निजी और उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता फीचर्स में देरी को लेकर दायर मुकदमे से जुड़ा है। पात्र ग्राहकों को प्रत्येक योग्य iPhone के लिए करीब ₹2,200 का भुगतान मिल सकता है। हालांकि, अंतिम राशि वैध दावों की संख्या और समझौते की राशि के वितरण से जुड़े अन्य कारकों पर निर्भर करेगी। एक ग्राहक को अधिकतम करीब ₹8,500 तक भुगतान मिल सकता है। दावा प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 से शुरू हुई है और पात्र…
बेंगलुरु। गूगल ने भारत में बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े मामलों की रिपोर्ट सीधे भारतीय अधिकारियों को देने पर सहमति जताई है। यह कदम उस वैश्विक व्यवस्था में बदलाव है, जिसके तहत ऐसी सामग्री की रिपोर्ट पहले अमेरिका की एक गैर-लाभकारी संस्था को भेजी जाती थी और वहां से संबंधित देश की कानून प्रवर्तन एजेंसियों तक पहुंचाई जाती थी। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बीच बाल यौन शोषण सामग्री की पहचान और रिपोर्टिंग को लेकर चर्चा तेज हुई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारतीय अधिकारियों ने हाल के सप्ताहों…
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति की पहली गिरफ्तारी संविधान के अनुच्छेद 22(1) का पालन न करने के कारण गैरकानूनी घोषित कर उसे रिहा किया जाता है, तो पुलिस उसे अपनी मर्जी से सीधे दोबारा गिरफ्तार नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में दोबारा गिरफ्तारी के लिए संबंधित न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। अदालत ने इसके साथ ही पहली गिरफ्तारी में संवैधानिक प्रावधान का उल्लंघन करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी तय की है। जस्टिस उज्ज्वल भुइयां…
कैलिफोर्निया। टेस्ला के कैलिफोर्निया स्थित प्रमुख असेंबली संयंत्र में अश्वेत कर्मचारियों के साथ कथित नस्लीय भेदभाव के आरोपों से जुड़े एक बड़े मुकदमे की सोमवार से सुनवाई शुरू हो गई। कैलिफोर्निया नागरिक अधिकार विभाग की ओर से दायर मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि फ्रेमोंट संयंत्र में अश्वेत कर्मचारियों को लंबे समय तक नस्लीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और कंपनी इसे रोकने में पर्याप्त कदम उठाने में विफल रही। मुकदमा हारने की स्थिति में टेस्ला को लाखों डॉलर का हर्जाना देना पड़ सकता है। मामले की सुनवाई ओकलैंड में कैलिफोर्निया राज्य की सुपीरियर कोर्ट में जज पीटर बोर्कोन…