Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

Husband Allegedly Made Co-Borrower on ₹28.45 Lakh Loan Without Consent, Wife Among 12 Booked

October 13, 2026

एटा के फार्महाउस में फर्जी मेडिकल कॉलेज का खुलासा, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों की जांच पर दिया जोर

October 13, 2026

JSSC CGL Paper Leak: Accused Allegedly Collected Money From Candidates on Promise of Government Jobs

October 13, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Health»यूपी से नेपाल-बांग्लादेश तक फैला नकली दवाओं का नेटवर्क, ₹20 करोड़ की खेप जब्त; कई राज्यों से जुड़ी सप्लाई चेन का खुलासा
Health

यूपी से नेपाल-बांग्लादेश तक फैला नकली दवाओं का नेटवर्क, ₹20 करोड़ की खेप जब्त; कई राज्यों से जुड़ी सप्लाई चेन का खुलासा

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJuly 21, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
एफएसडीए की जांच में राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आने वाली नकली दवाओं की खेप का खुलासा; आगरा, लखनऊ और वाराणसी बनीं प्रमुख ट्रांजिट मंडियां, 50 से अधिक मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं के संगठित कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में सामने आया है कि कई राज्यों से आने वाली नामचीन कंपनियों की कथित नकली दवाएं उत्तर प्रदेश के जरिए न केवल प्रदेश के विभिन्न जिलों में पहुंच रही हैं, बल्कि नेपाल और बांग्लादेश तक भी सप्लाई की जा रही हैं। पिछले एक महीने के दौरान करीब ₹20 करोड़ मूल्य की नकली दवाएं जब्त की गई हैं और 50 से अधिक मेडिकल स्टोरों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है।

जांच के अनुसार राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश से आने वाली संदिग्ध दवाओं की खेप पहले आगरा और लखनऊ की प्रमुख दवा मंडियों तक पहुंचती है। इसके बाद इन्हें प्रदेश के अलग-अलग शहरों और कस्बों के मेडिकल स्टोरों तक भेजा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी और कार्रवाई तेज होने पर नेटवर्क कुछ समय के लिए सप्लाई रोक देता है, लेकिन दबाव कम होते ही फिर सक्रिय हो जाता है। कई मामलों में कोरियर सेवाओं तथा निजी एवं सरकारी बस अड्डों के आसपास स्थित गोदामों के माध्यम से भी दवाओं की आपूर्ति किए जाने की जानकारी मिली है।

एफएसडीए की जांच में यह भी सामने आया है कि महाराजगंज और सिद्धार्थनगर के रास्ते नकली दवाओं की खेप नेपाल भेजी जाती है। वहीं वाराणसी से दवाएं बिहार और पश्चिम बंगाल पहुंचाई जाती हैं, जहां कथित तौर पर पैकेजिंग बदलने के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजा जाता है। जांच एजेंसियां इस पूरी सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान लिए गए कई नमूनों में दवा के सक्रिय तत्व बेहद कम या लगभग नगण्य पाए गए। इसके अलावा यह आशंका भी जताई गई है कि जल्द एक्सपायर होने वाली दवाओं पर नया रैपर लगाकर उन्हें दोबारा बाजार में उतारा जा रहा है। ऐसे मामलों की वैज्ञानिक जांच और नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

जांच में सामने आए मामलों में आगरा की विभोर मेडिकल एजेंसी से अंशिका फार्मा द्वारा केमोरॉल फोर्ट दवा का एक बैच खरीदने और बाद में उसे कोलकाता की पाल ब्रदर्स को बेचने का मामला भी शामिल है। जांच में स्टॉक रजिस्टर में खरीद का रिकॉर्ड मिला, लेकिन संबंधित खरीद बिल कथित तौर पर फर्जी पाए गए। अधिकारियों का मानना है कि इससे नकली दवा नेटवर्क की वित्तीय और दस्तावेजी हेराफेरी का संकेत मिलता है।

एक अन्य मामले में लखनऊ के आलमबाग क्षेत्र से बरामद दवा जांच में नकली पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह दवा वाराणसी स्थित न्यू सर्जिकल से बिना बिल खरीदी थी। आगे की जांच में गिरफ्तार संदीप सिंह ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने यह दवा प्रयागराज निवासी संजय सिंह चौहान से खरीदी थी। इस जानकारी के आधार पर संबंधित स्थानों पर भी जांच और कार्रवाई की जा रही है।

दवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने दवा विक्रेताओं से बिना बिल और अत्यधिक मार्जिन के लालच में दवाएं खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दवाओं की पैकेजिंग, बैच नंबर और खरीद संबंधी दस्तावेजों की सावधानीपूर्वक जांच करना आवश्यक है। उनके अनुसार नकली दवाएं न केवल मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं, बल्कि ईमानदार कारोबारियों की साख और व्यापार को भी नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने बताया कि दवा विक्रेताओं को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

एफएसडीए के उप आयुक्त शशि मोहन गुप्ता ने कहा कि नकली दवाओं के नेटवर्क को समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आगरा से मिले इनपुट के आधार पर लखनऊ, वाराणसी सहित कई जिलों में जांच की गई है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे प्रयोगशाला से सैंपल रिपोर्ट प्राप्त हो रही हैं, संबंधित बैचों को बाजार से हटाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े दवा बाजारों में शामिल है। प्रदेश में करीब 60 हजार थोक और लगभग 1.05 लाख फुटकर दवा दुकानें संचालित हैं। मेडिकल स्टोरों पर प्रतिदिन लगभग ₹100 करोड़ का कारोबार होता है और देश के कुल दवा बाजार में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत मानी जाती है। लखनऊ, आगरा, वाराणसी और कानपुर प्रदेश की प्रमुख दवा मंडियां हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि नकली दवाओं के नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यों के बीच समन्वित जांच, मजबूत निगरानी व्यवस्था और दवा आपूर्ति श्रृंखला की कड़ी निगरानी बेहद आवश्यक है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleपुलिस अधिकारियों की लापरवाही पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, 15 दिन अतिरिक्त जेल में रहे आरोपी को ₹1 लाख मुआवजे का आदेश
Next Article AI सर्च के दौर में बदल रहा इंटरनेट: गूगल की नई रणनीति से ओपन वेब और डिजिटल पब्लिशर्स पर बढ़ा दबाव
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

Hospitals May No Longer Keep Treatment Charges in the Dark, Must Display Rates in Local Language and English

October 13, 2026

Allahabad High Court Slams Use of NSA in Fertilizer Black-Marketing Case, Orders Immediate Release of Four Detained Men

October 13, 2026

Cancer Drugs May Become Up to 70% Cheaper as Government Caps Trade Margins

October 9, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.