पटना: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित होमगार्ड अनुदेशक भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान नकल कराने वाले एक संगठित सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों में की गई कार्रवाई में अब तक कुल 18 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है। सबसे बड़ी कार्रवाई पटना के शास्त्रीनगर स्थित परीक्षा केंद्र पर हुई, जहां एक महिला और दो शिक्षकों सहित 10 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मिनी प्रिंटर, चार मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। मामले में विभिन्न जिलों की पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय बालक उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान नकल कराने के लिए अपनाए गए एक सुनियोजित डिजिटल नेटवर्क का खुलासा हुआ। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हाजीपुर निवासी राहुल नामक व्यक्ति किसी तरह परीक्षा केंद्र के भीतर प्रवेश करने में सफल हो गया था। आरोप है कि उसने परीक्षा केंद्र के शौचालय में दो मिनी प्रिंटर स्थापित किए थे, जिनका इस्तेमाल अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाने के लिए किया जा रहा था।
जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद गिरोह के सदस्य मोबाइल फोन के माध्यम से अभ्यर्थियों के रोल नंबर और अन्य जानकारी भेजते थे। इसके बाद मिनी प्रिंटर से उत्तरों वाली छोटी-छोटी पर्चियां प्रिंट कर परीक्षार्थियों तक पहुंचाई जाती थीं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के भीतर कैसे पहुंचे तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
प्रारंभिक जांच में परीक्षा केंद्र पर तैनात कुछ कर्मियों और शिक्षकों की भूमिका भी संदेह के दायरे में आई है। इसी आधार पर परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी की शिकायत पर शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन, मिनी प्रिंटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर सक्रिय था और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
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उधर, छपरा में परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से नकल करते हुए एक परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शहर के एक किराये के मकान पर छापेमारी कर दो अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया। वहां से वॉकी-टॉकी, ब्लूटूथ डिवाइस तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह गिरोह राज्य के अन्य परीक्षा केंद्रों से भी जुड़ा हुआ था।
मोतिहारी में भी एलएनडी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर एक अलग कार्रवाई के दौरान चप्पल में छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करते हुए एक परीक्षार्थी को रंगे हाथ पकड़ा गया। गिरफ्तार अभ्यर्थी की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के नवलपुरा थाना क्षेत्र के पिपरहिया गांव निवासी अविनाश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके दो अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किसने उपलब्ध कराए और परीक्षा से पहले किस प्रकार का समन्वय स्थापित किया गया था।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि अलग-अलग जिलों में पकड़े गए मामलों के बीच तकनीकी और संचालन संबंधी समानताएं हो सकती हैं। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, मिनी प्रिंटर, वॉकी-टॉकी और अन्य डिजिटल उपकरणों के डेटा का विश्लेषण कर रही है। साथ ही संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क हो सकता है, जिसने भर्ती परीक्षा की निष्पक्षता प्रभावित करने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे रैकेट से जुड़े और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
