हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में करीब ₹50 करोड़ के कथित निवेश घोटाले के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई पाली निवासी कमल प्रकाश कुशवाहा की शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दो कंपनियों के माध्यम से निवेशकों को ऊंचे मासिक रिटर्न और आकर्षक प्रलोभन देकर बड़ी मात्रा में निवेश कराया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
पुलिस शिकायत के अनुसार, इस मामले में आरोपी जय प्रकाश मौर्य (कंपनी के प्रबंध निदेशक), आशा देवी, देवेंद्र मौर्य, नीतिका मौर्य और दयाशंकर मौर्य हैं। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने Bombitex Exchange और Bmax Realty नामक कंपनियों के माध्यम से निवेश योजनाएं संचालित कीं। निवेशकों को कथित रूप से 7.5 प्रतिशत मासिक रिटर्न, गोवा भ्रमण और लखनऊ में आवासीय प्लॉट देने का आश्वासन देकर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। इन आकर्षक प्रस्तावों के आधार पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी धनराशि निवेश की।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपियों ने हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और लखनऊ में कई सेमिनार आयोजित किए, जहां लोगों को निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी देकर धन लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पर्याप्त धन एकत्र होने के बाद कंपनियों ने वादा किए गए रिटर्न का भुगतान बंद कर दिया, जिससे निवेशकों को अपनी मूल राशि और लाभ दोनों से वंचित होना पड़ा।
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शिकायत में कई पीड़ितों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि अमित भदौरिया और उनके साथियों के लगभग ₹50 लाख, कमल प्रकाश कुशवाहा और उनके साथियों के ₹35 लाख, जबकि अनुराग, कन्हैयालाल और अनिरुद्ध, तथा अभिषेक कुमार और उनके साथियों के लगभग ₹5-5 लाख की कथित ठगी हुई। जांच एजेंसियों का प्रारंभिक आकलन है कि विभिन्न निवेशकों से जुटाई गई कुल राशि करीब ₹50 करोड़ हो सकती है।
पुलिस अब कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, निवेश संबंधी दस्तावेजों, प्रचार सामग्री और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है ताकि धन के प्रवाह का पता लगाया जा सके और कथित घोटाले की वास्तविक सीमा स्पष्ट हो सके। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस कथित निवेश योजना में कितने निवेशक शामिल थे और क्या इसमें अन्य व्यक्तियों या संस्थाओं की भी भूमिका रही है।
प्रख्यात साइबर अपराध विशेषज्ञ एवं पूर्व IPS अधिकारी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि निवेश धोखाधड़ी के अधिकांश मामलों में असामान्य और सुनिश्चित रिटर्न का लालच देकर लोगों को फंसाया जाता है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि किसी भी निवेश योजना में धन लगाने से पहले संबंधित संस्था की वैधता, नियामकीय स्थिति और कारोबारी विश्वसनीयता की स्वतंत्र रूप से जांच करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी वित्तीय लेनदेन बैंकिंग माध्यमों से करें और निवेश से जुड़े सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें ताकि आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता प्राप्त की जा सके।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस ने अभी आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड, दस्तावेजी साक्ष्य, निवेशकों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
