Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

15 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट के नियम बदले, 36 पेज और 5 साल की वैधता

September 18, 2026

AI स्पैम कॉल पर ट्राई की सख्ती, निजी नंबर से अनचाही कमर्शियल कॉल पर कार्रवाई

September 18, 2026

मानवाधिकार आयोग में लंबे समय तक तैनाती पर सवाल, शासन ने जांच के दिए आदेश

September 18, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Development»हरियाणा में जमीन रिकॉर्ड धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार: रजिस्ट्री होते ही शुरू होगी ऑटो म्यूटेशन प्रक्रिया, पटवारी दफ्तरों के चक्कर खत्म करने का दावा
Development

हरियाणा में जमीन रिकॉर्ड धोखाधड़ी पर बड़ा प्रहार: रजिस्ट्री होते ही शुरू होगी ऑटो म्यूटेशन प्रक्रिया, पटवारी दफ्तरों के चक्कर खत्म करने का दावा

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJune 24, 2026No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 भी पूरे राज्य में लागू; संपत्ति खरीद के बाद नामांतरण में देरी और एक ही जमीन की दोबारा बिक्री जैसी शिकायतों पर लगेगी रोक
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी धोखाधड़ी और नामांतरण प्रक्रियाओं में होने वाली देरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 की शुरुआत कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब किसी संपत्ति की रजिस्ट्री होते ही नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे राजस्व रिकॉर्ड समय पर अपडेट होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मंगलवार को शुरू की गई यह व्यवस्था गुरुग्राम सहित राज्य की सभी तहसीलों और उप-तहसीलों में लागू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, नई प्रणाली का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के अनुकूल बनाना है।

राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले संपत्ति की रजिस्ट्री होने के बाद खरीदार को अलग से म्यूटेशन के लिए आवेदन करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार स्तर पर कई चरणों से गुजरना पड़ता था, जिसके कारण नामांतरण में लंबा समय लग जाता था। कई मामलों में लोग रजिस्ट्री के बाद म्यूटेशन नहीं कराते थे, जिससे भूमि रिकॉर्ड में विक्रेता का नाम बना रहता था और धोखाधड़ी की आशंका पैदा हो जाती थी।

अधिकारियों का कहना है कि इसी खामी का फायदा उठाकर कुछ मामलों में एक ही जमीन को दोबारा बेचने जैसी घटनाएं सामने आती थीं। नई ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिससे ऐसे मामलों की संभावना कम होने की उम्मीद है।

राजस्व विभाग के अनुसार, नागरिक अब तहसील कार्यालय से म्यूटेशन की प्रति प्राप्त कर सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पटवारियों के कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर भी कम होंगे। विभाग का दावा है कि इससे लोगों पर पड़ने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी घटेगा।

सरकार ने इसके साथ ही पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 परियोजना को भी पूरे राज्य में लागू किया है। इस पहल के तहत संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया को अधिकतम स्तर तक डिजिटल बनाया जा रहा है। दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, ऑनलाइन प्रक्रियाएं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

FutureCrime Summit 2026: Registrations to Open Soon for India’s Biggest Cybercrime Conference

अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली का परीक्षण पहले मानेसर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया था। परीक्षण के दौरान प्राप्त सुझावों और तकनीकी सुधारों को शामिल करने के बाद अब इसे पूरे राज्य में लागू किया गया है।

गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन प्रणाली के लागू होने से नामांतरण कार्य में लगने वाला समय कम होगा और नागरिकों को राजस्व कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उनके अनुसार, इससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व रिकॉर्ड समय पर अद्यतन किए जा सकेंगे।

जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव ने बताया कि सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण मंगलवार को कुछ समय के लिए रजिस्ट्री कार्य प्रभावित रहा, लेकिन नई व्यवस्था के साथ अब रजिस्ट्री और म्यूटेशन की प्रक्रियाएं अधिक सुव्यवस्थित ढंग से संचालित होंगी।

राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व व्यवस्था में नामांतरण में देरी, प्रक्रियागत बाधाओं और कथित भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आती थीं। कई लोगों को रजिस्ट्री के बाद अलग-अलग स्तरों पर कई बार कार्यालयों का दौरा करना पड़ता था। नई डिजिटल प्रणाली से इन समस्याओं को काफी हद तक कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है तो भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जीवाड़े की संभावनाएं घटेंगी और संपत्ति खरीद-बिक्री से जुड़े विवादों में भी कमी आ सकती है। फिलहाल राज्यभर में नई प्रणाली के क्रियान्वयन पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleब्रिटेन में नीरव मोदी को बड़ा झटका: ₹100 करोड़ से अधिक की वसूली के दावे पर बैंक के पक्ष में फैसला, बढ़ीं कानूनी मुश्किलें
Next Article AI के बढ़ते प्रभाव के बीच Oracle ने 12 महीनों में 21,000 नौकरियां घटाईं, बड़े पुनर्गठन का खुलासा
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

QR पेमेंट पर बड़ा संकट! री-KYC नहीं हुई तो 15 सितंबर के बाद रुक सकता है पैसा लेना

September 2, 2026

UPI पर अब AI एजेंट कर सकेंगे छोटे भुगतान, NPCI लाने जा रहा ‘Unified Agent Protocol’

September 2, 2026

upGrad-Unacademy का बड़ा विलय पूरा, ₹1,800 करोड़ से ज्यादा की डील में बदला शिक्षा बाजार का समीकरण

September 1, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.