टोरंटो/नई दिल्ली: कनाडा के ओंटारियो प्रांत में भारतीय मूल के दो युवकों पर कथित तौर पर फर्जी अपार्टमेंट किराये का झांसा देकर लोगों से लगभग ₹26 लाख (करीब 30,000 कनाडाई डॉलर) से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया पर आकर्षक किराये के विज्ञापन प्रकाशित किए और संभावित किरायेदारों को अपार्टमेंट दिखाने के बाद ऑनलाइन किरायानामा हस्ताक्षर करवाकर एडवांस राशि अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। बाद में जब पीड़ित निर्धारित तिथि पर रहने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि संबंधित अपार्टमेंट उनके लिए उपलब्ध ही नहीं था और कथित मकान मालिकों से संपर्क भी नहीं हो सका।
जांच के अनुसार यह कथित ठगी जनवरी और फरवरी 2025 के दौरान कनाडा के मिसिसॉगा शहर में संचालित की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किराये के मकानों के विज्ञापन डालते थे। विज्ञापन देखने वाले इच्छुक लोगों को अपार्टमेंट का निरीक्षण करने के लिए बुलाया जाता था, जहां आरोपी स्वयं को मौजूदा किरायेदार या अधिकृत प्रतिनिधि बताकर भरोसा जीत लेते थे।
इसके बाद पीड़ितों से ऑनलाइन माध्यम से किरायानामा पूरा कराया जाता और मकान सुरक्षित करने के नाम पर एडवांस जमा कराने को कहा जाता था। अधिकांश लोगों ने ई-ट्रांसफर के जरिए भुगतान कर दिया। हालांकि, भुगतान के बाद न तो उन्हें फ्लैट मिला और न ही जमा की गई राशि वापस मिल सकी। पुलिस के अनुसार अब तक कम से कम आठ पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है और कुल नुकसान ₹26 लाख से अधिक आंका गया है। जांच आगे बढ़ने के साथ पीड़ितों की संख्या बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस अपार्टमेंट में संभावित किरायेदारों को ले जाया जाता था, उसे आरोपियों ने एक ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म रेंटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अस्थायी रूप से किराये पर लिया था। इसी संपत्ति का उपयोग लोगों का विश्वास जीतने के लिए किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उस संपत्ति के वास्तविक मालिक इस मामले में संदिग्ध नहीं हैं और उनके खिलाफ किसी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है।
मामले में पुलिस ने 23 वर्षीय जशनप्रीत सिद्धू, निवासी सास्काटून (सस्केचेवान), और 24 वर्षीय प्रियांशु गोयल, निवासी सरे (ब्रिटिश कोलंबिया), के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। जशनप्रीत सिद्धू पर ₹4.3 लाख (5,000 कनाडाई डॉलर) से अधिक की धोखाधड़ी तथा अपराध से अर्जित संपत्ति रखने का आरोप लगाया गया है। वहीं प्रियांशु गोयल पर ₹4.3 लाख से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन किराये के मकान तलाशते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संपत्ति के मालिक या एजेंट की पहचान और स्वामित्व का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किए बिना अग्रिम भुगतान नहीं करना चाहिए। केवल ऑनलाइन दस्तावेजों या जल्दबाजी में किए गए समझौतों के आधार पर बड़ी राशि ट्रांसफर करने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ रेंटल फ्रॉड के मामलों में भी वृद्धि हो रही है। ऐसे मामलों में ठग वास्तविक दिखने वाले दस्तावेज, आकर्षक किराया और सीमित समय का दबाव बनाकर लोगों को जल्द निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं। इसलिए किसी भी किराये के सौदे से पहले संपत्ति का स्वतंत्र सत्यापन, पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड की पुष्टि करना आवश्यक है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस मामले से संबंधित जानकारी हो या वह इसी प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हुआ हो तो तत्काल जांच एजेंसियों से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराए।
