श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस की राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने वर्ष 2013 में सोपोर के हाइगाम क्षेत्र में हुए घातक आतंकी हमले के मामले में वांछित हिज्बुल मुजाहिदीन (HM) के नामित आतंकवादी इम्तियाज अहमद कंडू उर्फ फैयाज के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) जारी कराया है। इस हमले में चार पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस जारी होने से अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आरोपी का पता लगाने, उसे हिरासत में लेने तथा भारत प्रत्यर्पित करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
एसआईए के अनुसार, अप्रैल 2013 में सोपोर के हाइगाम क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर किया गया हमला उस समय के सबसे घातक आतंकी हमलों में शामिल था। इस मामले की व्यापक जांच के लिए वर्ष 2024 में केस को राज्य जांच एजेंसी को सौंपा गया था।
एजेंसी ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर 2024 में विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है, जिसमें इम्तियाज अहमद कंडू सहित छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दो अन्य सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ों में मारे गए।
एसआईए के अनुसार, मारे गए आरोपियों में कय्यूम नजर भी शामिल था, जो हिज्बुल मुजाहिदीन का कमांडर था। वह वर्ष 2017 में उरी सेक्टर के पास नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट मुठभेड़ में मारा गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि मुख्य आरोपी इम्तियाज कंडू अब भी फरार है और उसके पाकिस्तान भाग जाने की आशंका है।
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जांच एजेंसी ने बताया कि कंडू वर्ष 2010 से हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़ा हुआ है और वर्ष 2022 में भारत सरकार ने उसे आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। उसके खिलाफ इस मामले के अलावा कम से कम दस अन्य आतंकवाद संबंधी मामलों में भी तलाश जारी है।
एसआईए ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फरार आतंकियों का पता लगाने और वैश्विक पुलिस सहयोग तंत्र का प्रभावी उपयोग करने की एजेंसी की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार, इंटरपोल का नोटिस विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और आरोपी की संभावित गिरफ्तारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रेड कॉर्नर नोटिस स्वयं गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, बल्कि सदस्य देशों को वांछित आरोपी की पहचान, लोकेशन और हिरासत में लेने के लिए जारी किया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय अलर्ट होता है। किसी भी देश में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की कार्रवाई वहां के स्थानीय कानूनों और द्विपक्षीय अथवा बहुपक्षीय कानूनी प्रावधानों के अनुरूप की जाती है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि कंडू की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से उसे न्यायालय के समक्ष पेश करने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में फरार आरोपियों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
