हनोई: वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के निकट हुए भीषण स्पीडबोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत के बाद स्थानीय पुलिस ने नाव के कप्तान न्गुएन होंग हाई (57) को हिरासत में लेकर आपराधिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कप्तान के खिलाफ जलमार्ग परिवहन सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि, सुरक्षा मानकों की अनदेखी अथवा अन्य परिचालन कारणों से हुई या नहीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा।
प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना के समय स्पीडबोट में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के चार वियतनामी सदस्य सवार थे। नाव शनिवार दोपहर फू क्वोक के निकट स्थित होन मे रुट नगोआई द्वीप से रवाना हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, रवाना होने के कुछ ही मिनटों बाद तट से लगभग 400 से 500 मीटर की दूरी पर स्पीडबोट अचानक पलट गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, तटरक्षक बल और बचाव एजेंसियों ने संयुक्त अभियान शुरू किया, जिसके दौरान 21 लोगों को जीवित बाहर निकाला गया।
भारत के हनोई स्थित दूतावास ने बताया कि हादसे में बचाए गए 16 घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उनकी भारत वापसी की व्यवस्था की जा रही है। एक अन्य घायल का इलाज अभी भी वियतनाम के अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दूतावास ने यह भी बताया कि मृतकों के शवों को आवश्यक कानूनी एवं चिकित्सीय औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हो ची मिन्ह सिटी के माध्यम से भारत भेजने की प्रक्रिया जारी है। भारतीय अधिकारी स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतकों और अधिकांश यात्रियों का संबंध भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी Lava International द्वारा आयोजित एक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) यात्रा से था। कंपनी ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह प्रभावित परिवारों और घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान कर रही है तथा स्थानीय प्रशासन और भारतीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए हुए है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव के पलटते ही आसपास मौजूद अन्य नौकाओं ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद वियतनामी तटरक्षक बल, समुद्री बचाव दल और अन्य सरकारी एजेंसियां भी मौके पर पहुंचीं। कुछ यात्री नाव के भीतर फंस गए थे, जिसके कारण बचाव अभियान चुनौतीपूर्ण बन गया। गोताखोरों और विशेष बचाव टीमों की सहायता से सभी यात्रियों की तलाश पूरी की गई।
वियतनामी पुलिस अब हादसे से जुड़े सभी तकनीकी और परिचालन पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है। जांच के दायरे में नाव की यांत्रिक स्थिति, मौसम की परिस्थितियां, निर्धारित क्षमता के अनुरूप संचालन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता, चालक दल द्वारा अपनाई गई प्रक्रियाएं तथा जलमार्ग परिवहन नियमों के पालन की समीक्षा शामिल है। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा स्पीडबोट के पंजीकरण, रखरखाव रिकॉर्ड और यात्रा से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने कहा है कि दुर्घटना के कारणों का वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित विश्लेषण किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और दुर्घटना से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिक प्रक्रियाओं के अनुरूप पूरी की जाएगी, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
