Close Menu
Bharat Speaks
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
What's Hot

No Guarantee of Success, Yet Meta Bets $200 Billion on AI as Mark Zuckerberg Takes a Massive Risk

October 15, 2026

Supreme Court Upholds Ruling on Yes Bank’s ₹8,415 Crore AT-1 Bonds, Bringing Relief to Investors; Shares Plunge 14.53% on Verdict Day

October 15, 2026

BIS Certification to Become Mandatory for Sealed Drinking Water Sales in UP; 968 Units Given Deadline Until March 31, 2027

October 15, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Facebook X (Twitter) Instagram
Bharat Speaks
Subscribe
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us
Bharat Speaks
Home»Fraud Alert»₹218 करोड़ की गिरवी संपत्ति पर कथित फर्जीवाड़ा, आशिष रहेजा समेत 6 पर FIR
Fraud Alert

₹218 करोड़ की गिरवी संपत्ति पर कथित फर्जीवाड़ा, आशिष रहेजा समेत 6 पर FIR

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksAugust 22, 2026No Comments4 Mins Read
Facebook Twitter LinkedIn Telegram WhatsApp Email
हाईकोर्ट की रोक के बावजूद Third-Party Rights बनाने का आरोप; नवी मुंबई MIDC की संपत्ति से जुड़े विवाद में ₹29.62 करोड़ के लेनदेन की जांच
Share
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

मुंबई: नवी मुंबई के MIDC क्षेत्र में करीब ₹218 करोड़ मूल्य की जमीन और संपत्तियों को कथित तौर पर अवैध तरीके से हस्तांतरित करने के मामले में मुंबई पुलिस ने उद्योगपति आशिष सुरेश रहेजा समेत छह आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोप है कि वित्तीय संस्थानों के पास पहले से गिरवी रखी गई संपत्तियों पर अदालत की रोक के बावजूद Third-Party Rights बनाने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विवादित लेनदेन के जरिए ₹29.62 करोड़ की राशि हासिल की गई।

मामला ओशिवरा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता 61 वर्षीय कारोबारी ब्रिजमोहन प्यारेलाल राठी ने आरोप लगाया है कि संबंधित संपत्तियां पहले से वित्तीय संस्थानों के पास कर्ज की सुरक्षा के रूप में गिरवी थीं। इसके बावजूद आरोपियों ने कथित तौर पर इन संपत्तियों पर तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने और उनके हस्तांतरण से जुड़े कदम उठाए।

1992 में लिया गया था कर्ज

FIR के मुताबिक, Unimars India Limited ने वर्ष 1992 में IFCI और अन्य वित्तीय संस्थानों से कर्ज लिया था। इसके बदले कंपनी ने डिबेंचर जारी किए थे और ICICI Bank ने डिबेंचर ट्रस्टी के तौर पर भूमिका निभाई थी। कर्ज की सुरक्षा के लिए कंपनी ने Trans-Thane Creek Industrial Area (TTC), MIDC में Plot No. 2/2 पर स्थित अपनी संपत्ति गिरवी रखी थी।

शिकायत के अनुसार, कंपनी ने बाद में कर्ज चुकाने में कथित तौर पर चूक की। इसके बाद बकाया रकम की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू हुई। इसी दौरान गिरवी संपत्ति के कथित हस्तांतरण और उस पर नए अधिकार बनाने का विवाद सामने आया।

हाईकोर्ट की रोक के बावजूद अधिकार बनाने का आरोप

कर्ज की कथित अदायगी न होने के बाद ICICI Bank ने बकाया रकम की वसूली के लिए मुंबई हाईकोर्ट में Suit No. 771/2002 दायर किया था। शिकायत में कहा गया है कि सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गिरवी रखी संपत्तियों पर तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने पर रोक लगाते हुए injunction जारी किया था।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस न्यायिक रोक के बावजूद संबंधित संपत्तियों को लेकर ऐसे कदम उठाए गए, जिनसे Third-Party Rights पैदा हुए। आरोप है कि इसी कथित प्रक्रिया के जरिए ₹29.62 करोड़ की राशि हासिल की गई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित लेनदेन किस प्रक्रिया के तहत किया गया और इसमें नामजद प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।

₹218 करोड़ की संपत्ति बनी विवाद का केंद्र

मामले का मुख्य केंद्र नवी मुंबई के MIDC क्षेत्र में स्थित करीब ₹218 करोड़ मूल्य की जमीन और संपत्तियां हैं। शिकायत के अनुसार, ये संपत्तियां पहले से वित्तीय संस्थानों के पास गिरवी थीं। ऐसे में इनके संबंध में नए अधिकार बनाने या हस्तांतरण की वैधता पर सवाल उठाया गया है।

जांच में पुलिस संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, कंपनी रिकॉर्ड, कर्ज और गिरवी व्यवस्था से संबंधित कागजात तथा कथित लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि Third-Party Rights किस आधार पर बनाए गए और क्या इसके लिए किसी तरह की अनुमति या वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई थी।

छह आरोपी और कंपनियां नामजद

FIR में Unimars India Limited, उद्योगपति जी.पी. गोएंका, श्रीवर्धन गोएंका, निदेशक सत्य प्रकाश गुप्ता, Raheja District-3 Private Limited और उसके निदेशक आशिष सुरेश रहेजा को आरोपी बनाया गया है।

पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, कंपनियों के बीच हुए समझौतों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में कथित धोखाधड़ी और साझा भूमिका से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

₹29.62 करोड़ के लेनदेन की भी जांच

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू ₹29.62 करोड़ की कथित राशि है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह रकम किस लेनदेन के जरिए हासिल की गई, किन खातों में पहुंची और इसमें किन लोगों या संस्थाओं की भूमिका रही।

इसके साथ ही करीब ₹218 करोड़ मूल्य की संपत्तियों के स्वामित्व, गिरवी और कथित हस्तांतरण से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल मामला FIR दर्ज होने के बाद जांच के चरण में है। आरोपों की पुष्टि और प्रत्येक आरोपी की भूमिका जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्पष्ट होगी।

📲 Join Our WhatsApp Channel
Algoritha Registration
Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
Previous Articleभारत के दूरदराज गांवों तक पहुंचेगा सैटेलाइट इंटरनेट, ग्रामीण कनेक्टिविटी पर Starlink की नजर
Next Article फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर ₹1.24 करोड़ की जमीन बेचने का आरोप, वडोदरा में युवक पर केस
Team Bharat Speaks
  • Website

Related Posts

BIS Certification to Become Mandatory for Sealed Drinking Water Sales in UP; 968 Units Given Deadline Until March 31, 2027

October 15, 2026

BHU Trauma Centre Faces Recruitment Crisis as Probe Committee Confirms Rule Violations

October 15, 2026

Alleged Plot to Hijack and Crash Dubai–Tel Aviv Flight: Two Maldivian Flydubai Pilots Arrested

October 14, 2026
Add A Comment
Leave A Reply Cancel Reply

Top Posts

Subscribe to Updates

Get the latest sports news from SportsSite about soccer, football and tennis.

Welcome to BharatSpeaks.com, where our mission is to keep you informed about the stories that matter the most. At the heart of our platform is a commitment to delivering verified, unbiased news from across India and beyond.

We're social. Connect with us:

Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
Top Insights
Get Informed

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 Bharat Speaks.
  • Trending
  • Motivation
  • Health
  • Education
  • Development
  • About Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.