चंडीगढ़/नई दिल्ली। पंजाब सरकार ने गैर-डेयरी विकल्प से तैयार किए जाने वाले ‘Analogue Paneer’ के निर्माण, बिक्री, वितरण और भंडारण पर 12 महीने के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। राज्य सरकार ने यह कदम खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उठाया है। प्रतिबंध का आदेश पंजाब के Food and Drug Administration के Commissioner Kanwalpreet Brar ने Food Safety and Standards Act, 2006 की Section 30(2)(a) के तहत जारी किया है।
आदेश के मुताबिक, पंजाब में कोई भी Food Business Operator किसी भी नाम से Analogue Paneer का उत्पादन, बिक्री या भंडारण नहीं कर सकेगा। सरकार ने इस प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। विभाग की टीमें खाद्य कारोबारियों, विनिर्माण इकाइयों और बाजारों में निरीक्षण कर प्रतिबंध के अनुपालन की निगरानी करेंगी।
Analogue Paneer मूल डेयरी पनीर का गैर-डेयरी विकल्प होता है। सामान्य डेयरी पनीर दूध से तैयार किया जाता है, जबकि इसके समान दिखने वाले कुछ उत्पादों में दूध के बजाय अन्य वसा, प्रोटीन या वनस्पति आधारित सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे उत्पादों की पहचान, लेबलिंग और खाद्य मानकों के अनुरूपता को लेकर खाद्य सुरक्षा नियामक लगातार निगरानी करते हैं।
पंजाब सरकार का यह आदेश ऐसे समय आया है जब त्योहारों के दौरान दूध, पनीर, मिठाइयों और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग में तेजी आती है। मांग बढ़ने के साथ मिलावट और घटिया खाद्य उत्पादों की बिक्री का जोखिम भी बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए राज्य में खाद्य सुरक्षा से जुड़े निरीक्षण और कार्रवाई को तेज किए जाने की तैयारी है।
इस बीच दिल्ली में भी त्योहारों से पहले Food Safety Department ने खाद्य पदार्थों की जांच और प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग के मुताबिक, Okhla Sabzi Mandi में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान करीब 508 किलोग्राम संदिग्ध पनीर पाया गया, जिसे मौके पर नष्ट कर दिया गया। मामले में Food Safety and Standards Act, 2006 तथा लागू नियमों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
दिल्ली के विभिन्न जिलों से विभाग ने अलग-अलग खाद्य वस्तुओं के 22 enforcement samples भी लिए हैं। इन नमूनों को विस्तृत जांच के लिए निर्धारित laboratories में भेजा गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा कानून और संबंधित नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दिल्ली के Health Minister Pankaj Kumar Singh ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, खासकर त्योहारों के दौरान जब दूध उत्पादों, पनीर, मिठाइयों, edible oils और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पूरी food supply chain की preventive monitoring सुनिश्चित करना भी है।
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि असुरक्षित, मिलावटी या मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री में शामिल पाए जाने वाले व्यक्तियों, निर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग सभी जिलों में निरीक्षण और laboratory-based testing जारी रखेगा।
उधर, महाराष्ट्र में भी त्योहारों से पहले Food and Drug Administration ने उपभोक्ताओं से खाद्य पदार्थों और दवाओं की खरीद में सतर्कता बरतने की अपील की है। FDA Commissioner Tukaram Mundhe ने कहा कि सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करना केवल नियामक एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें उपभोक्ताओं और food businesses की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने लोगों से किसी भी खाद्य या औषधीय उत्पाद को खरीदने से पहले ingredients, manufacturing date, expiry date, best-before date और उत्पाद को तैयार या process करने से जुड़ी जानकारी जांचने की अपील की। उनका कहना था कि उपभोक्ताओं को उत्पाद की गुणवत्ता और authenticity को लेकर सवाल पूछने में संकोच नहीं करना चाहिए।
पंजाब में Analogue Paneer पर लगाया गया एक साल का प्रतिबंध और दिल्ली में 508 किलो संदिग्ध पनीर की कार्रवाई त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यों की सख्ती को दर्शाती है। पंजाब में प्रतिबंध के अनुपालन की निगरानी और दिल्ली में जब्त किए गए खाद्य नमूनों की laboratory reports के आधार पर आगे की कार्रवाई अब महत्वपूर्ण होगी।
