बलरामपुर। पचपेड़वा क्षेत्र के भगवानपुर खादर स्थित गेहूं क्रय केंद्र पर सरकारी गेहूं के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। संयुक्त टीम की औचक जांच में केंद्र का गोदाम पूरी तरह खाली मिला, जबकि सरकारी अभिलेखों में 82.240 मीट्रिक टन गेहूं शेष दर्ज था। गायब गेहूं की कीमत 21 लाख 42 हजार 352 रुपये आंकी गई है। मामले में क्रय केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ पचपेड़वा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पीसीएफ के जिला प्रबंधक अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर दर्ज मुकदमे के बाद गेहूं के स्टॉक में हुई कथित अनियमितता की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में सरकारी अभिलेखों और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र पर किसानों से खरीदे गए गेहूं की खरीद और भारतीय खाद्य निगम को भेजे गए गेहूं का रिकॉर्ड उपलब्ध था, लेकिन अभिलेखों में दर्ज शेष गेहूं मौके पर नहीं मिला।
12 सितंबर को संयुक्त टीम ने किया औचक निरीक्षण
मामले का खुलासा 12 सितंबर को संयुक्त टीम के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ। जिला प्रबंधक पीसीएफ, जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की टीम ने भगवानपुर खादर स्थित क्रय केंद्र का भौतिक सत्यापन किया।
जांच के दौरान गोदाम में गेहूं का स्टॉक शून्य मिला। वहीं, केंद्र प्रभारी और प्रभारी सचिव भी मौके पर मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों और खरीद-उठान से जुड़े रिकॉर्ड का मिलान किया तो स्टॉक में 82.240 मीट्रिक टन गेहूं कम पाया गया।
1294.500 मीट्रिक टन गेहूं की हुई थी खरीद
जांच में सामने आया कि विपणन वर्ष 2026-27 में भगवानपुर खादर क्रय केंद्र के माध्यम से किसानों से कुल 1294.500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। रिकॉर्ड के अनुसार इसमें से 1212.260 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम को भेजा जा चुका था। इस हिसाब से 82.240 मीट्रिक टन गेहूं केंद्र पर शेष होना चाहिए था।
हालांकि, संयुक्त टीम को मौके पर यह पूरा स्टॉक नहीं मिला। अधिकारियों ने अभिलेखों में दर्ज मात्रा और वास्तविक स्थिति का मिलान करने के बाद गेहूं की कमी को गंभीर अनियमितता माना। गायब गेहूं की कीमत 21 लाख 42 हजार 352 रुपये निर्धारित की गई है।
दो जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा
मामले में पीसीएफ के जिला प्रबंधक की तहरीर पर क्रय केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि अभिलेखों में दर्ज गेहूं मौके से कैसे गायब हुआ और इसके लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों से खरीदे गए अनाज के भंडारण और भारतीय खाद्य निगम को उसके उठान का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। ऐसे में स्टॉक रजिस्टर में गेहूं शेष दर्ज होने के बावजूद गोदाम खाली मिलने से कई सवाल खड़े हुए हैं। अब पुलिस और संबंधित विभागीय जांच में रिकॉर्ड, खरीद-उठान के दस्तावेज और स्टॉक की स्थिति का मिलान कर कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी सामने लाने की कोशिश की जाएगी।
