कपूरथला: पंजाब के कपूरथला जिले में अवैध शराब तस्करी का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। नवा पिंड भट्ठा गांव में चाचा-भतीजे ने अपने घर को ही अवैध शराब सप्लाई सेंटर में बदल दिया था। आरोपियों ने बेडरूम और बाथरूम के फर्श के नीचे पेट्रोल पंप की तर्ज पर भूमिगत स्टोरेज टैंक बना रखा था, जहां से पाइपलाइन और पंप सिस्टम के जरिए शराब की सप्लाई की जाती थी।
पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान घर के नीचे बने करीब 1,000 लीटर क्षमता वाले भूमिगत टैंक, पाइपलाइन सिस्टम, पंप और शराब सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए। टीम ने मौके से 291.25 लीटर अवैध शराब भी जब्त की है।
जांच में सामने आया कि इस पूरे अवैध कारोबार को अजीत सिंह और उसके भतीजे सुखजीत सिंह उर्फ जीती द्वारा संचालित किया जा रहा था। दोनों आरोपी नवा पिंड भट्ठा गांव के रहने वाले हैं। आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की नजर से बचने के लिए उन्होंने घर के अंदर ही ऐसा सिस्टम तैयार किया था, जिससे बाहर से किसी को भनक तक नहीं लग सके।
अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने फर्श के नीचे टैंक बनाकर उसमें शराब स्टोर करने की व्यवस्था की थी। इसके बाद पाइपलाइन के माध्यम से शराब को बाहर तक पहुंचाया जाता था। शराब की बोतलें भरने के लिए तेल पंप की तरह नोजल और टल्लू पंप का इस्तेमाल किया जाता था। इस तरह शराब की बिक्री और सप्लाई किसी पेट्रोल पंप की तरह की जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी अजीत सिंह पहले भी अवैध शराब तस्करी के मामलों में शामिल रहा है। करीब डेढ़ साल पहले वह अवैध शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में जमानत पर जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने अपने भतीजे के साथ मिलकर तस्करी का यह नया तरीका अपनाया। अजीत सिंह के खिलाफ पहले से आबकारी अधिनियम के तहत चार मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
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अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब का कारोबार न केवल लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है, बल्कि इससे सरकार को राजस्व का भी नुकसान होता है। नकली और अवैध शराब के सेवन से कई बार गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसके चलते ऐसे नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने 28 जुलाई की सुबह करीब 6 बजे कार्रवाई शुरू की, जो कई घंटे तक चली। छापेमारी के दौरान जब अधिकारियों ने घर के बेडरूम और बाथरूम के फर्श को जांचा तो नीचे बने टैंक और पाइपलाइन सिस्टम का पता चला। यह देखकर टीम के अधिकारी भी हैरान रह गए।
जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि बरामद उपकरणों और शराब के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने मामले में अजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका भतीजा सुखजीत सिंह उर्फ जीती अभी फरार बताया जा रहा है। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। थाना कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस भूमिगत शराब सप्लाई नेटवर्क से कितने लोग जुड़े थे और कितने समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था। पुलिस को आशंका है कि तस्करी के इस तरीके के जरिए लंबे समय से शराब की सप्लाई की जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
