मुंबई: 2007 की चर्चित कॉमेडी फिल्म धमाल के दुनिया भर के डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल राइट्स से जुड़े कथित विवाद में मुंबई पुलिस ने फिल्म निर्देशक इंद्र कुमार और निर्माता अशोक ठकेरिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक फिल्म वितरण कंपनी की शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उसे ₹1.5 करोड़ में ऐसे अधिकार बेचे गए, जिन्हें कथित तौर पर इससे कई साल पहले ही दूसरी कंपनी को सौंपा जा चुका था।
अंबोली पुलिस ने इंद्र कुमार और अशोक ठकेरिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत अंधेरी स्थित फिल्म वितरण कंपनी ग्रैंड मास्टर के मालिक 53 वर्षीय विकास बलदेवराज साहनी ने दर्ज कराई है। मामले में फिलहाल पुलिस जांच जारी है।
शिकायत के अनुसार, अक्टूबर 2019 में आरोपियों से जुड़ी कंपनी मारुति इंटरनेशनल ने ग्रैंड मास्टर को धमाल के स्थायी विश्वव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन और डिजिटल राइट्स कथित तौर पर ₹1.5 करोड़ में बेचे थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सौदे के समय उसे आश्वासन दिया गया था कि फिल्म के अधिकारों पर किसी तीसरे पक्ष का दावा नहीं है और खरीदे गए अधिकारों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा सकता है।
विवाद तब सामने आया जब साहनी को कथित तौर पर पता चला कि मारुति इंटरनेशनल ने 2015 में ही फिल्म के लाइफटाइम OTT और डिजिटल अधिकार शेमारू एंटरटेनमेंट लिमिटेड को बेच दिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस पुराने सौदे के कारण 2019 में ग्रैंड मास्टर को बेचे गए अधिकारों की उपलब्धता और वैधता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
साहनी ने पुलिस को अपने आरोपों के समर्थन में कई दस्तावेज भी सौंपे। इनमें अप्रैल 2023 में भारत सरकार द्वारा जारी कथित कॉपीराइट प्रमाणपत्र और जनवरी 2020 में फिल्म के मूल लैबोरेटरी पिक्चर तथा साउंड निगेटिव ग्रैंड मास्टर को हस्तांतरित किए जाने से संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए गए हैं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, ये दस्तावेज 2019 के समझौते के तहत फिल्म पर ग्रैंड मास्टर के अधिकार और नियंत्रण के उसके दावे को समर्थन देते हैं। कंपनी ने आरोप लगाया है कि अधिकारों को लेकर पैदा हुए विवाद के कारण वह फिल्म से जुड़े डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और अन्य व्यावसायिक समझौते आगे नहीं बढ़ा सकी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अधिकारों के स्वामित्व और उपलब्धता को लेकर सवाल उठने के बाद कई प्रस्तावित डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सौदे रद्द हो गए। साहनी ने दावा किया है कि इन परिस्थितियों के कारण कंपनी को कई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और वह खरीदे गए अधिकारों का अपेक्षित व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं कर सकी।
वितरक ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के समाधान और स्थिति स्पष्ट करने के लिए जनवरी 2023 में संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस भेजा गया था। शिकायत के अनुसार, नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने के बाद कंपनी ने पुलिस से संपर्क किया और कथित लेनदेन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए।
पुलिस अब मारुति इंटरनेशनल, ग्रैंड मास्टर और शेमारू एंटरटेनमेंट के बीच हुए समझौतों और अधिकारों के हस्तांतरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। जांच में कॉपीराइट रिकॉर्ड, भुगतान विवरण, अधिकार हस्तांतरण के दस्तावेज और शिकायतकर्ता की ओर से पेश अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
जांच का एक प्रमुख पहलू यह पता लगाना होगा कि 2019 में ग्रैंड मास्टर को बेचे गए अधिकार 2015 में शेमारू को कथित तौर पर हस्तांतरित अधिकारों से टकराते थे या नहीं। पुलिस यह भी जांचेगी कि क्या शिकायतकर्ता को फिल्म के अधिकार उपलब्ध होने को लेकर गलत जानकारी देकर सौदा कराया गया था।
धमाल फ्रेंचाइजी की शुरुआत 2007 में इसी नाम की फिल्म से हुई थी और बाद में इसके कई सीक्वल बनाए गए। हालांकि, मौजूदा पुलिस मामला मूल फिल्म से जुड़े कथित 2019 के अधिकार सौदे पर केंद्रित है।
पुलिस ने अभी तक किसी गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है। शिकायत में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं और आरोपियों के खिलाफ कोई दोष अदालत में अभी साबित नहीं हुआ है।
