मुंबई। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए एक नाबालिग को कथित रूप से बहला-फुसलाकर घर से भागने और ₹10.5 लाख नकद लेकर फरार होने के मामले में मुंबई पुलिस ने गुजरात में बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बरामद कर लिया है। यह मामला उस समय सामने आया जब परिवार ने अचानक लड़की के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई और जांच में सामने आया कि पूरा घटनाक्रम एक सुनियोजित डिजिटल संपर्क और धोखाधड़ी से जुड़ा था।
पुलिस जांच के अनुसार, दक्षिण मुंबई क्षेत्र की रहने वाली यह नाबालिग हाल ही में अपनी 10वीं कक्षा की परीक्षा पास कर चुकी थी और परिवार के साथ रहती थी। बताया गया कि वह ऑनलाइन गेमिंग ऐप ‘लूडो’ का नियमित उपयोग करती थी, जिसमें चैट और वॉइस कॉल की सुविधा भी होती है। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसकी पहचान ज़ियान शेख के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को अमीर और प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए युवती को प्रभावित किया। उसने कथित रूप से यह दावा किया कि उसके पास राजस्थान के जोधपुर में बड़ा बंगला है और वह उससे शादी करेगा। धीरे-धीरे विश्वास जीतने के बाद आरोपी ने उसे घर से भागने और साथ आने के लिए उकसाया।
पुलिस के अनुसार, 16 मई की सुबह करीब 3 बजे किशोरी अपने घर से ₹10.5 लाख नकद लेकर निकल गई। परिजनों को जब उसकी अनुपस्थिति का पता चला तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीमों ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए तलाश शुरू की।
जांच में पता चला कि किशोरी मुंबई से ठाणे पहुंची थी, जहां उसने कुछ समय बिताया और एक नया मोबाइल फोन भी खरीदा। इसके बाद उसने अपने पुराने सिम की जगह नया सिम लेने की कोशिश की, लेकिन पहचान दस्तावेजों की कमी के कारण वह सिम प्राप्त नहीं कर सकी। इसी दौरान उसने एक दुकान के वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लॉग इन किया, जिससे जांच एजेंसियों को महत्वपूर्ण सुराग मिला।
पुलिस ने उसके सोशल मीडिया गतिविधियों और इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई एक तस्वीर के आधार पर लोकेशन ट्रैक की और यह पता लगाया कि वह निजी बस के जरिए गुजरात होते हुए राजस्थान की ओर जा रही है। इसके बाद पुलिस टीमों ने गुजरात क्राइम ब्रांच के साथ समन्वय कर सूरत–वडोदरा हाईवे पर कई स्थानों पर जांच अभियान चलाया।
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करीब चार से पांच घंटे तक 30 से अधिक बसों की तलाशी लेने के बाद किशोरी को एक बस से सुरक्षित बरामद कर लिया गया। उसे तुरंत मुंबई वापस लाया गया और चिकित्सकीय व कानूनी प्रक्रिया के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि यात्रा के दौरान उसने लगभग ₹1 लाख की खरीदारी और मोबाइल फोन पर खर्च किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी युवक ने सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क बनाकर धीरे-धीरे भावनात्मक रूप से प्रभावित किया। आरोपी पर आरोप है कि उसने शादी और बेहतर जीवन का झांसा देकर नाबालिग को घर छोड़ने के लिए तैयार किया।
मामले में आरोपी ज़ियान शेख की भूमिका की जांच की जा रही है और उसके डिजिटल ट्रेल, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट्स को खंगाला जा रहा है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा मामला ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए किशोरों को निशाना बनाने की एक गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाता है।
अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के मामलों में बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर अभिभावकों की निगरानी बेहद जरूरी है, क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अजनबियों द्वारा बनाए गए संबंध कई बार गंभीर परिणामों में बदल सकते हैं।
फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति या नेटवर्क की संलिप्तता थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि ऑनलाइन माध्यम से होने वाले संभावित दुरुपयोग के बड़े पैटर्न का हिस्सा हो सकता है।
