नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (NEET PG) 2026 को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इस बार बहुस्तरीय हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थियों, नकल और साइबर हमलों पर रोक लगाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समर्थित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल-टाइम साइबर मॉनिटरिंग का उपयोग किया जाएगा। वहीं, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 21 जून को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की स्कैन की गई OMR उत्तर-पत्रक और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी कर दिए हैं, जिन पर निर्धारित समय सीमा के भीतर आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के अनुसार, देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों से लाइव सीसीटीवी फुटेज सीधे केंद्रीय कमांड सेंटर तक पहुंचाई जाएगी। यहां 300 से अधिक अधिकारी परीक्षा समाप्त होने तक वास्तविक समय में निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया में आधार आधारित पहचान सत्यापन, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन तथा रियल-टाइम साइबर मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन उपायों का उद्देश्य प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), संगठित नकल, साइबर हमलों और अन्य अनियमितताओं को रोकना है। आवश्यकता पड़ने पर कानून प्रवर्तन एजेंसियों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की भी सहायता ली जाएगी।
एनबीईएमएस ने बताया कि नीट पीजी के एडमिट कार्ड 27 अगस्त को जारी किए जाएंगे, जबकि परीक्षा 30 अगस्त को आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने, समय से पहचान सत्यापन पूरा करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
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दूसरी ओर, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 21 जून को आयोजित नीट यूजी पुनर्परीक्षा के अभ्यर्थियों की स्कैन की गई OMR उत्तर-पत्रक और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं। एजेंसी के अनुसार, यह जानकारी अभ्यर्थियों के पंजीकृत ईमेल पते पर भी भेजी गई है, ताकि वे अंतिम मूल्यांकन से पहले अपने उत्तरों का सत्यापन कर सकें।
अभ्यर्थी 15 जुलाई सुबह 11 बजे तक अपने रिकॉर्डेड उत्तरों पर ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक चुनौती के लिए ₹200 का गैर-वापसी योग्य शुल्क निर्धारित किया गया है। एनटीए ने स्पष्ट किया है कि शुल्क जमा किए बिना किसी भी आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए एनटीए ने दो-स्तरीय प्रमाणीकरण (Two-Factor Authentication) व्यवस्था लागू की है। अब अभ्यर्थियों को लॉगिन करते समय अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर या ईमेल पर प्राप्त वन-टाइम पासवर्ड (OTP) के माध्यम से पहचान सत्यापित करनी होगी, तभी वे अपने परीक्षा रिकॉर्ड देख सकेंगे या आपत्ति दर्ज कर पाएंगे।
शिक्षा और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव सीसीटीवी निगरानी, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और रियल-टाइम साइबर मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूत करती हैं। इससे फर्जी अभ्यर्थियों, संगठित नकल, पहचान की चोरी और साइबर हमलों जैसी चुनौतियों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल एनटीए आपत्तियों की समीक्षा की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। एजेंसी के अनुसार, नीट यूजी पुनर्परीक्षा का परिणाम 20 जुलाई से पहले घोषित किया जा सकता है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी आधिकारिक अपडेट केवल एनटीए और एनबीईएमएस की आधिकारिक वेबसाइटों से प्राप्त करें तथा सोशल मीडिया या अन्य अनौपचारिक स्रोतों पर प्रसारित अपुष्ट जानकारी से बचें।
