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Home»राष्ट्रीय»अमरनाथ यात्रा के नाम पर फर्जी सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, गंदरबल में वेंडरों से ठगी का आरोप
राष्ट्रीय

अमरनाथ यात्रा के नाम पर फर्जी सरकारी अधिकारी गिरफ्तार, गंदरबल में वेंडरों से ठगी का आरोप

Team Bharat SpeaksBy Team Bharat SpeaksJune 5, 2026No Comments4 Mins Read
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डोमाइल रूट पर तैनाती का दावा कर यात्रियों और सेवा प्रदाताओं को निशाना बनाने का मामला उजागर, पुलिस ने जांच तेज की
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गंदरबल। जम्मू-कश्मीर में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। गंदरबल पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर सरकारी अधिकारी बनकर यात्रियों और वेंडरों से ठगी करने का आरोप है। आरोपी कथित रूप से अमरनाथ यात्रा मार्ग पर तैनात सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को गुमराह कर उनसे आर्थिक लाभ वसूल रहा था।

पुलिस के अनुसार, थाना सोनमर्ग को 27 मई को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति डोमाइल क्षेत्र में खुद को सरकारी अधिकारी बताकर सक्रिय है और यात्रा से जुड़े वेंडरों तथा सेवा प्रदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। सूचना में बताया गया कि यह व्यक्ति अमरनाथ यात्रा मार्ग पर प्रशासनिक तैनाती का दावा कर लोगों से संपर्क कर रहा था।

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी की पहचान मोहम्मद अयूब जरा पुत्र अब्दुल रहमान जरा, निवासी अंद्रोला, जिला पुंछ के रूप में हुई है। आरोप है कि वह डोमाइल रूट पर खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताकर श्रद्धालुओं की यात्रा व्यवस्था में मदद करने और सुविधाएं उपलब्ध कराने का झांसा देता था। इसके बदले वह लोगों से पैसे और अन्य आर्थिक लाभ मांगता था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी स्थानीय वेंडरों और सेवा प्रदाताओं से संपर्क कर उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि वह यात्रा प्रबंधन से जुड़ी सरकारी व्यवस्था का हिस्सा है। इसी पहचान के आधार पर वह संभावित पीड़ितों से वित्तीय लेनदेन करने में सफल हो जाता था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उसने कई लोगों को झूठे आश्वासन देकर आर्थिक रूप से प्रभावित किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस स्टेशन सोनमर्ग ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 3 जून 2026 की शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया और उसके नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी अकेले इस तरह की गतिविधियों में शामिल था या उसके साथ कोई अन्य सहयोगी भी काम कर रहे थे। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा है कि कितने वेंडरों और सेवा प्रदाताओं को इस तरह के झांसे में लिया गया।

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पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी ने सरकारी पहचान का झूठा दावा कर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश की, जो कि एक सुनियोजित धोखाधड़ी की ओर इशारा करता है। इसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस बीच पुलिस ने अमरनाथ यात्रा से जुड़े सभी वेंडरों, सेवा प्रदाताओं और अन्य हितधारकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति यदि खुद को सरकारी कर्मचारी या अधिकृत प्रतिनिधि बताता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि बिना किसी वित्तीय लेनदेन के की जाए।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यात्रा सीजन के दौरान इस तरह की धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है, क्योंकि बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले लोग स्थानीय व्यवस्थाओं पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में फर्जी पहचान के जरिए ठगी करने वाले सक्रिय हो सकते हैं।

फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या उसने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है। बैंक लेनदेन, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

मामला अभी शुरुआती जांच चरण में है और पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित सहयोगी या वित्तीय चैनल की पहचान की जा सके।

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